Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    गाजियाबाद में NHM संविदा कर्मचारियों का वेतन न मिलने पर प्रदर्शन, 21 मई से हड़ताल की चेतावनी

    Updated: Tue, 19 May 2026 02:10 AM (IST)

    गाजियाबाद में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारियों ने दो माह से वेतन न मिलने के कारण काली पट्टी बांधकर काम किया। उन्होंने चेतावनी दी है कि य ...और पढ़ें

    वेतन का भुगतान न होने की स्थिति में 21 मई से हड़ताल करेंगे।

    वेतन का भुगतान न होने की स्थिति में 21 मई से हड़ताल करेंगे।

    HighLights

    1. NHM संविदा कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर किया काम।

    2. दो माह से लंबित वेतन न मिलने पर जताया विरोध।

    3. 21 मई से हड़ताल की चेतावनी, स्वास्थ्य सेवाएं होंगी प्रभावित।

    जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ की जिला ईकाई के नेतृत्व में सोमवार को एक हजार से अधिक एनएचएम संविदा कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर काम किया। संयुक्त अस्पताल, जिला एमएमजी,जिला महिला अस्पताल, संयुक्त अस्पताल लोनी के अलावा सीएचसी लोनी, डासना, बम्हैटा, मुरादनगर और मोदीनगर में भी कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर काम किया।

    अधिकारियों को चेतावनी दी है कि वेतन का भुगतान न होने की स्थिति में 21 मई से हड़ताल करेंगे। इससे पूरे जिले की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। 11 मई को संघ ने सीएमओ को ज्ञापन देकर मांग की थी कि उनका दो माह से लंबित वेतन का भुगतान 20 मई तक कर दिया जाये। यदि वेतन जारी नहीं किया गया तो स्वास्थ्यकर्मियों ने हड़ताल करने की चेतावनी दी थी।

    कर्मचारियों के समक्ष आजीविका का संकट उत्पन्न

    संघ का आरोप है कि कर्मचारियों को अपने बच्चों की स्कूल फीस, पुस्तकें, अन्य शैक्षणिक व्यवस्थाओं तथा दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों के समक्ष आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया है। काली पट्टी बांधकर काम करने वालों में संघ की जिला अध्यक्ष_हिमानी कौशिक,महासचिव डा. चेतन वर्मा के अलावा , रामेन्द्र सिंह_ ,डा. सपना गोयल, सपना शर्मा, धीरज वर्मा डा. आकाश वत्स और डा. रचना मौजूद रहीं।

    आशा कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण शुरू

    स्वास्थ्य विभाग ने नई नियुक्त की गईं 480 आशा कार्यकर्ताओं का सोमवार से प्रशिक्षण शुरू कर दिया है। सीएमओ कार्यालय में आयोजित प्रशिक्षण में बताया गया कि क्षेत्रवार गर्भवती महिलाओं की निगरानी करना बहुत जरूरी है। प्रसव पीडा़ होने पर एंबुलेंस बुलाकर तुरंत अस्पताल में भर्ती कराना जरूरी है। नियमित टीकाकरण सत्रों में बच्चों को भेजने का प्रयास करना चाहिये।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें- गाजियाबाद के शालीमार गार्डन अपार्टमेंट में लगी भीषण आग, सुरक्षित बचाए गए 12 लोग