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    गाजियाबाद पासपोर्ट फर्जीवाड़ा: 15 दिन बाद भी परतें खुलनी बाकी, गिरफ्तारी-निलंबन तक सीमित हुई कार्रवाई

    Updated: Sun, 15 Feb 2026 10:34 PM (IST)

    गाजियाबाद के भोजपुर थानाक्षेत्र में 22 फर्जी पासपोर्ट जारी होने के मामले में 15 दिन बाद भी जांच धीमी है। अब तक 6 आरोपित गिरफ्तार हुए हैं, जबकि 11 पुलि ...और पढ़ें

    भोजपुर फर्जी पासपोर्ट घोटाले में पुलिसकर्मियों की मिलीभगत से 22 पासपोर्ट जारी हुए थे। (फाइल फोटो)

    भोजपुर फर्जी पासपोर्ट घोटाले में पुलिसकर्मियों की मिलीभगत से 22 पासपोर्ट जारी हुए थे। (फाइल फोटो)

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    विनीत कुमार, गाजियाबाद। भोजपुर थानाक्षेत्र में फर्जी पतों पर 22 पासपोर्ट जारी होने के मामले में एफआइआर दर्ज हुए 15 दिन बीत चुके हैं। एक फरवरी को मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया था। शुरुआत से ही पुलिस इस मामले में धीमी गति से जांच कर रही है। क्योंकि कई पुलिसकर्मियों के फंसने की उम्मीद है इसलिए अधिकारी इस मामले में सख्त कार्रवाई करते नहीं दिखा रहे।

    अब सवाल उठने लगे हैं कि क्या जांच अपनी तार्किक दिशा में बढ़ रही है या कार्रवाई महज विभागीय दायरे में सिमट गई है। भोजपुर में फर्जी पतों पर जारी हुए पासपोर्ट मामले में आठ दारोगाओं को लाइन हाजिर किया गया। तत्कालीन थानाध्यक्ष को भी लाइन हाजिर कर दिया गया।

    तत्कालीन मुंशी दीपक कुमार हुए थे निलंबित

    भोजपुर थाने के तत्कालीन मुंशी दीपक कुमार को निलंबित किया गया। इसके बाद दो और सिपाहियों को लाइन हाजिर किया गया। विभागीय स्तर पर यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई कही जा रही है। जांच के दायरे का विस्तार करते हुए पुलिस ने दिल्ली में पासपोर्ट विभाग के क्लर्क पुष्पेंद्र कुमार को भी गिरफ्तार किया।

    आरोप है कि पासपोर्ट आवेदन प्रक्रिया में उसकी भूमिका संदिग्ध रही। इससे संकेत मिला कि मामला सिर्फ स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं, बल्कि दस्तावेज सत्यापन की पूरी श्रृंखला की जांच जरूरी है। हालांकि 15 दिन बाद भी कई अहम सवाल के जवाब नहीं मिले हैं।

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    सिस्टम अलर्ट क्यों नहीं हुआ?

    जिन 22 लोगों के नाम पर पासपोर्ट बने, उनकी वास्तविक पहचान क्या है। क्या इनमें से कोई विदेश जा चुका है। तीन मोबाइल नंबर से आवेदन होने के बावजूद सिस्टम अलर्ट क्यों नहीं हुआ। पुलिस सत्यापन रिपोर्ट सिर्फ एक मुंशी ने किस आधार पर सकारात्मक भेज दी। जबकि लिखित में पुलिस उसे फरार घोषित ही नहीं कर रही।

    पुलिस जेल में बंद दो आरेापितों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। मंगलवार को पुलिस को कोर्ट से आराेपितों की रिमांड मिलने की उम्मीद है। उसके बाद पुलिस एक संदिग्ध पोस्टमैन को भी गिरफ्तार कर सकती है।

    उससे जेल से रिमांड पर लाए जाने वाले दोनों आरोपितों से भी आमना-सामना कराया जाएगा। हालांकि आज तक जिन 22 लोगों के पासपोर्ट बने उनमें से एक भी आरोपित गिरफ्तार नहीं हुआ है। पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई भी ऐसी नहीं हुई है जिसे सख्त कार्रवाई कहा जा सके।

    पुलिस आरोपितों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हुई है। फरार सिपाही की तलाश में पुलिस टीमों को लगाया गया है। शीघ्र मामले में अन्य गिरफ्तारी की जाएंगी।


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