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    गाजियाबाद: रेस्टोरेंट कारोबार के विवाद में दोस्त ने रची हत्या की साजिश, गुरुग्राम के कारोबारी की गोली मारकर हत्या

    Updated: Thu, 23 Jul 2026 09:01 PM (IST)

    गाजियाबाद में गुरुग्राम के एक रेस्टोरेंट संचालक विजय शर्मा ने अपने दोस्त अमित सैनी की गोली मारकर हत्या कर दी। ...और पढ़ें

    सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड

    सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड

    HighLights

    1. गुरुग्राम के रेस्टोरेंट संचालक ने दोस्त को मारा।

    2. कारोबारी रंजिश में गोली मारकर हत्या की गई।

    3. आरोपी विजय शर्मा पुलिस हिरासत में, दो साथी फरार।

    जागरण संवाददाता, साहिबाबाद। इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात गुरुग्राम के एक रेस्टोरेंट संचालक ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर हिंडन-कनावनी रोड पर अपने दोस्त की गोली मारकर हत्या कर दी।

    दोस्त भी गुरुग्राम में रेस्टोरेंट संचालक था। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपित ने स्वयं पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजने के बाद रेस्टोरेंट संचालक को हिरासत में ले लिया है। आरोपित ने वारदात में शामिल अपने दो साथियों के नाम पुलिस को बताए हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।

    एसीपी सूर्यबली मौर्य ने बताया कि बुधवार रात करीब एक बजे विजय शर्मा नामक व्यक्ति ने सूचना देकर दी कि बाइक सवार दो बदमाशों ने हिंडन-कनावनी रोड पर उसके दोस्त की गोली मारकर हत्या कर दी है।

    सूचना पर पहुंची पुलिस ने पाया कि एक युवक का शव चालक के बराबर वाली सीट पर था। उसका सिर डेश बोर्ड पर टिका था। सिर में पीछे से गोली मारी गई थी। कार में खून के कुछ निशान थे।

    लघुशंका के लिए रोकी कार और...

    पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी भेज दिया। एसीपी ने बताया कि सूचना देने वाला विजय घटनास्थल पर मौजूद था। उससे पूछताछ की गई। उसने बताया कि वह गुरुग्राम सेक्टर-पांच निवासी विजय शर्मा है।

    वह गुरुग्राम के शीतला माता मंदिर में रेस्टोरेंट चलता है। मृतक का नाम गुरुग्राम वजीरपुर मोड निवासी अमित सैनी (35) है। वह उसका दोस्त था। वह भी मंदिर में रेस्टोरेंट चलाता था। अमित को गाजियाबाद में किसी से रुपये लेन थे। दोनों दोस्त कार से गाजियाबाद आए थे।

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    उसने लघुशंका के लिए कनावनी-हिंडन मार्ग पर कार रोकी थी। वह लघुशंका करने चला गया। इस दौरान बाइक सवार दो बदमाश वहां पहुंचे। उन्होंने कार में अमित को डराया धमकाया। जिसके बाद दोनों ने कार में घुस गए।

    उन्होंने अमित के पीछे से सिर में गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर वह वहां से भाग गए। कुछ दूर जाकर पुलिस को सूचना दी। वारदात को अंजाम देकर दोनों बदमाश मौके से फरार हो गए।

    शक होने पर हिरासत में लिया

    विजय की सुनाई कहानी पुलिस के गले से नहीं उतरी। जिस कार में शव मिला था उसमें अधिक खून भी नहीं मिला। इसके चलते पुलिस को संदेह हुआ और पुलिस ने विजय को हिरासत में ले लिया।

    पूछताछ में विजय ने बताया गुरुग्राम शीतला माता मंदिर से रेस्टोरेंट का टेंडर छूटता है। टेंडर भाटी नामक व्यक्ति के पास है। वह भाटी से सबटेंडर लेकर तीन साल से रेस्टोरेंट चला रहा है। अमित भी वहां रेस्टाेरेंट चलाता है।

    अमित उससे कहता था कि वह रेस्टोरेंट को ठीक से नहीं चला पा रहा। वह रेस्टोरेंट उसे दे दे। वह मोटा मुनाफा कमाकर देगा। कुछ दिन पहले विजय के रेस्टोरेंट को मंदिर समीति की ओर से नोटिस मिला।

    उसे शक हुआ कि नोटिस अमित के कहने पर दिया गया है। अमित रेस्टोरेंट छीनना चाहता है। जिसके बाद उसने रेस्टाेरेंट में काम करने वाले दो लोगों के साथ अमित की हत्या की साजिश रची। साजिश के तहत उसकी हत्या कर दी। पुलिस आरोपित के दोनों साथियों की तलाश में जुटी है।

    एसीपी इंदिरापुरम ने बताया कि विजय के बयान के आधार पर उसके दो साथियों की तलाश की जा रही है। उनकी गिरफ्तारी के बाद अन्य जानकारी मिल सकेगी। विजय को गिरफ्तार कर कर अमित के स्वजन को वारदात की सूचना दी गई है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर आगे कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस को कर रहा गुमराह

    विजय केमिकल इंजीनियर है। नौकरी न मिलने पर उसने शीतला माता मंदिर के पास रेस्टोरेंट शुरू कर लिया। विजय पुलिस को गुमराह कर रहा है। अभी यह साफ नहीं हो सका है कि अमित को गोली कनावनी हिंडन रोड पर मारी या हत्या करने के बाद शव यहां लाया गया है। उसने पुलिस को बताया कि अमित के संपर्क में कुछ आपराधिक प्रवृति के व्यक्ति थे। वह एक मामले में जेल भी जा चुका था। वह अक्सर रेस्टोरेंट छीनने की धमकी देता था।

    दोस्तों ने किया पीछे से वार

    बेटे की हत्या की जानकारी मिलने के बाद अमित के पिता राजेंद्र सैनी मोर्चरी पहुंचे। उन्होंने बताया कि विजय और उनका बेटा दोनों बचपन के दोस्त थे। दोनों साथ खेल कूद कर बड़े हुए थे।

    विजय उनके बेटे के साथ धोखा कर उसे गाजियाबाद ले आया। पीछे से गोली मारकर हत्या कर दी। उन्होंने विजय के दो साथियों के नाम भी पुलिस को बताए हैं। दोनों के बीच कोई विवाद नहीं था। रंजिश के चलते धोखे से बेटे की हत्या कर दी।