आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की रिपोर्टिंग में गाजियाबाद पिछड़ा, प्रदेश में मिला 18वां स्थान
गाजियाबाद आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की रिपोर्टिंग में पिछड़ा है, जिससे राज्य में इसे 18वां स्थान मिला है। जिले के 157 मंदिरों ने वेलनेस सत्र की रिपोर्ट ...और पढ़ें

गाजियाबाद आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की रिपोर्टिंग में पिछड़ गया है।
HighLights
गाजियाबाद आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की रिपोर्टिंग में 18वें स्थान पर।
जिले के 157 मंदिरों ने वेलनेस सत्र की रिपोर्ट नहीं भेजी।
स्वास्थ्य अधिकारियों को प्रदर्शन सुधारने के सख्त निर्देश दिए गए।
मदन पांचाल, गाजियाबाद। घर के पास सुलभ और बिना किसी रूकावट के बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए खोले गए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के संचालन की रिपोर्टिंग गाजियाबाद में नियमित तरीके से नहीं हो की जा रही है। इस संबंध में हुई समीक्षा के बाद शासन स्तर से जारी की गई रैंकिंग में गाजियाबाद को 18 वा नंबर मिला है।
जिले के 157 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों द्वारा वेलनेस सत्र की रिपोर्ट शासन को नहीं भेजी है। यह सत्र प्रतिदिन आयोजित करना अनिवार्य है। जनवरी 2026 की आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (आम) की यह परफार्मेंस (प्रदर्शन ) रिपोर्ट 26 मार्च को हुई जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में रखी गई।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश
बताया गया है कि प्रदर्शन रिपोर्ट में सुधार को लेकर उच्चाधिकारियों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये हैं। खास बात यह है कि प्रदेश भर में संचालित 22406 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के सापेक्ष 19689 केंद्रों ने ही मासिक रिपोर्ट शासन को भेजी है।
2717 केंद्रों ने मासिक रिपोर्ट ही नहीं भेजी है। 7532 केंद्रों ने जेएएस मीटिंग का ब्यौरा नहीं भेजा। 4844 केंद्रों ने डेली रिपोर्ट अपलोड नहीं की। इतना ही नहीं 11492 केंद्रों ने वैलनेस सत्र की रिपोर्ट नहीं भेजी है। गाजियाबाद में संचालित 279 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में सबसे अधिक शहरी क्षेत्र के केंद्र शामिल हैं।
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रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में फरूखाबाद पहले नंबर पर
इनमें 53 नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य, 84 शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर (अर्बन हेल्थ सेंटर ), सौ से अधिक ग्रामीण क्षेत्रों के उप केंद्र और पीएचसी शामिल हैं। रैंकिंग रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में फरूखाबाद पहले नंबर पर ,सोनभद्र दूसरे और अमरोहा जिला तीसरे स्थान पर है।
मुरादाबाद को चौथा और रामपुर को पांचवा स्थान मिला है। टाप टेन में मेरठ मंडल के केवल दो जिले मेरठ और हापुड़ शामिल है। बुलंदशहर की रैंकिंग 12 है। उधर सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन का कहना है कि रैंकिग में सुधार का प्रयास जारी है।