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    गाजियाबाद में पोस्टपेड स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं पर बढ़ा बोझ, 2.45 लाख घरों से फिर वसूली जाएगी सिक्योरिटी

    Updated: Mon, 27 Jul 2026 05:25 AM (IST)

    गाजियाबाद में 2.45 लाख घरेलू स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को दोबारा सिक्योरिटी राशि जमा करनी होगी। विद्युत निगम जुलाई से अक्टूबर तक बिजली बिल के साथ चार कि ...और पढ़ें

    एआई जेनेरेटेड इमेज।

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    HighLights

    1. 2.45 लाख स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को फिर देनी होगी सिक्योरिटी।

    2. जुलाई से अक्टूबर तक चार किस्तों में होगी वसूली।

    3. उपभोक्ताओं पर 9.80 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार।

    जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। जिले में पोस्टपेड व्यवस्था लागू होने के बाद करीब 2.45 लाख घरेलू स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को एक बार फिर सिक्योरिटी राशि जमा करनी होगी।

    विद्युत निगम जुलाई से अक्टूबर तक बिजली बिल के साथ चार समान किस्तों में यह राशि वसूलेगा। घरेलू कनेक्शन के लिए प्रति किलोवाट 400 रुपये की दर से होने वाली इस वसूली से जिले के उपभोक्ताओं पर 9 करोड़ 80 लाख 44 हजार रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा।

    जिले में 2.77 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें अधिकांश घरेलू कनेक्शन हैं। पहले इन कनेक्शनों को प्रीपेड स्मार्ट मीटर में बदला गया था। उस समय उपभोक्ताओं द्वारा वर्षों पहले जमा की गई सुरक्षा निधि का समायोजन कर दिया गया था। लेकिन प्रीपेड व्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश और विरोध देखने को मिला था।

    जनता के इसी विरोध को देखते हुए गत माह में प्रीपेड व्यवस्था समाप्त कर सभी कनेक्शन दोबारा पोस्टपेड में परिवर्तित कर दिए गए थे। ऐसे में विद्युत आपूर्ति संहिता के प्राविधानों के तहत प्रत्येक उपभोक्ता से दोबारा सुरक्षा निधि जमा कराना अनिवार्य हो गया है।

    इसका सबसे अधिक असर पुराने घरेलू उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। वर्ष 1990 और उसके बाद कनेक्शन लेने वाले अधिकांश उपभोक्ताओं ने उस समय केवल 50 या 100 रुपये सुरक्षा निधि जमा कराई थी।

    400 रुपये की दर से ली जाएगी सिक्योरिटी

    अब उन्हीं घरेलू उपभोक्ताओं से वर्तमान नियमों के अनुसार प्रति किलोवाट 400 रुपये की दर से सिक्योरिटी ली जाएगी। जिनका स्वीकृत भार अधिक है, उनसे उसी अनुपात में अधिक राशि जमा करानी होगी।

    विद्युत निगम ने एकमुश्त बोझ से राहत देने के लिए इस राशि की वसूली जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर के बिजली बिल में चार बराबर किस्तों में करने का निर्णय लिया है। हालांकि इससे अगले चार महीनों तक लाखों उपभोक्ताओं के बिजली बिल बढ़े हुए आएंगे। 

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    उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए प्रीपेड से पोस्टपेड किए गए स्मार्ट मीटरों की सिक्योरिटी धनराशि चार बराबर किस्तों में जुलाई से अक्टूबर तक के बिलों के साथ जमा करने की छूट दी गई है।

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    अनिल कुमार सिंह, अधीक्षण अभियंता, जोन-प्रथम, गाजियाबाद