गाजियाबाद: मुरादनगर का स्मार्ट मीटर पहुंचा प्रताप विहार, 'नो-डिस्प्ले' कर 20.5 किलोवाट बिजली चोरी
गाजियाबाद के प्रताप विहार में एक स्मार्ट मीटर से 20.5 किलोवाट बिजली चोरी पकड़ी गई, जो विभागीय रिकॉर्ड में मुरादनगर का था। उपभोक्ता और वेंडर के खिलाफ ए ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।
HighLights
प्रताप विहार में मुरादनगर का स्मार्ट मीटर लगाकर बिजली चोरी।
नो-डिस्प्ले मीटर से 20.5 किलोवाट बिजली की अवैध खपत।
उपभोक्ता और वेंडर कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। प्रताप विहार में बिजली चोरी के एक मामले ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विद्युत प्रवर्तन दल की जांच में ऐसा स्मार्ट मीटर मिला, जो विभागीय रिकार्ड के अनुसार मुरादनगर क्षेत्र का था, लेकिन प्रताप विहार के एक परिसर में लगा हुआ था।
मीटर की स्क्रीन बंद (नो-डिस्प्ले) थी और दूसरे मीटर को बाईपास कर करीब 20.5 किलोवाट भार पर बिजली का अवैध उपयोग किया जा रहा था। मामले में उपभोक्ता और इंटेलीस्मार्ट के वेंडर एमएस दिल्ली पावर कार्पोरेशन के कर्मियों के खिलाफ एंटी पावर थेफ्ट थाने में एफआइआर दर्ज कराई गई है।
अधिशासी अभियंता विकास कुमार बघेल के अनुसार जांच के दौरान परिसर में दो स्मार्ट मीटर मिले। एक मीटर नो-डिस्प्ले था, लेकिन उसमें बिजली प्रवाहित हो रही थी। दूसरे मीटर में करंट कम दर्ज हो रहा था, जिससे उसके साथ छेड़छाड़ की आशंका हुई।
मास्टर डाटा का मिलान कर पकड़ी चोरी
अधिकारियों का आरोप है कि नो-डिस्प्ले मीटर के जरिए बिजली चोरी की जा रही थी, जबकि दूसरे मीटर को बाईपास कर दिया गया था। जांच के दौरान मीटर का रिकार्ड, विभागीय दस्तावेज और प्रयोगशाला के मास्टर डाटा का मिलान किया गया।
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रिपोर्ट के अनुसार संदिग्ध मीटर का रिकीर्ड उपलब्ध नहीं मिला। इसी बीच दोपहर में जांच टीम दोबारा मौके पर पहुंची तो नो-डिस्प्ले मीटर गायब मिला और उसकी जगह दूसरा मीटर लगा हुआ था। जांच में यह भी सामने आया कि मीटर की सील तोड़कर दूसरी सील लगाने के भी साक्ष्य मिले हैं।
आरोप है कि उपभोक्ता और वेंडर के कर्मचारियों की मिलीभगत से फर्जी मीटर लगाकर, मीटर बदलकर और सील से छेड़छाड़ कर बिजली चोरी की गई। मामले को गंभीर मानते हुए पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है।
उधर, मुख्य अभियंता जोन-प्रथम पवन कुमार अग्रवाल ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए इंटेलीस्मार्ट के सीईओ को कड़े शब्दों में पत्र भेजा गया है। पत्र में पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने और भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो, इसके लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
शास्त्री नगर में बिजली संकट गहराया
शास्त्री नगर, रजापुर और महेंद्रा एन्क्लेव क्षेत्र में पिछले करीब दो माह से लगातार बाधित बिजली आपूर्ति को लेकर स्थानीय पार्षद अमित त्यागी ने मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता (प्रथम) को शिकायत पत्र भेजा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों बिजलीघरों से आपूर्ति बार-बार ठप होने के कारण कई इलाकों में पूरी रात बिजली नहीं रहती, जबकि कई स्थानों पर 12 से 18 घंटे तक कटौती हो रही है। कुछ क्षेत्रों में 24 घंटे से अधिक समय तक भी आपूर्ति बाधित रहने की शिकायत है।
पार्षद ने पत्र में कहा है कि हाई वोल्टेज और लो वोल्टेज की समस्या से उपभोक्ताओं के विद्युत उपकरण भी खराब हो रहे हैं। लगातार बिजली संकट के कारण नवजात शिशुओं, गंभीर मरीजों, बुजुर्गों और छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं व्यापारियों के फ्रीजर में रखा सामान भी खराब हो रहा है।
उन्होंने पूर्व में तैनात अधिकारियों की लापरवाही को भी समस्या बढ़ने का कारण बताते हुए बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग की है।
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