गाजियाबाद में गेहूं खरीद केंद्रों पर बारिश से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, जिले में कब तक खरीदा जाएगा फसल?
गाजियाबाद जिले में गेहूं खरीद के साथ-साथ उसकी सुरक्षा के लिए भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। गेहूं को बारिश से बचाने के लिए क्रय केंद्रों पर गोदामों के अ ...और पढ़ें
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गाजियाबाद जिले में गेहूं खरीद के साथ-साथ उसकी सुरक्षा के लिए भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। इमेज एआई
HighLights
गेहूं को बारिश से बचाने के लिए गोदामों/टिन शेड में रखा जाएगा।
क्रय केंद्रों पर तिरपाल से ढकने की व्यवस्था भी होगी।
खरीदे गए गेहूं को जल्द एफसीआई गोदामों में भेजा जाएगा।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। जिले में गेहूं की खरीद के साथ ही उसकी सुरक्षा के लिए भी तैयारी की गई है। क्रय केंद्रों पर गेहूं ऐसे स्थान पर रखे जाएंगे, जहां पर पानी न आ सके। इसके लिए खुले में गेहूं नहीं रखा जाएगा, क्रय केंद्रों के गोदामों के अंदर और अनाज मंडी में टिन शेड के नीचे ही गेहूं रखा जाएगा।
उसको तिरपाल से भी ढका जाएगा, हालांकि अभी गोदाम पर तिरपाल नहीं रखे गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि गेहूं की खरीद शुरू होने के बाद ही तिरपाल की व्यवस्था भी कर दी जाएगी।
जिले में गेहूं की खरीद के लिए 14 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। 30 मार्च से 15 जून तक का समय गेहूं की खरीद के लिए तय किया गया है। एक अप्रैल तक जिले में क्रय केंद्रों पर एक भी किसान गेहूं की बिक्री के लिए नहीं पहुंचा है। उम्मीद है कि जल्द ही गेहूं की बिक्री के लिए किसान क्रय केंद्र पर पहुंचेंगे।
गोविंदपुरम अनाज मंडी में आढ़तियों द्वारा भी किसानों से सीधे गेहूं की खरीद की जाती है। आढ़ती भी खरीदे गए गेहूं को दुकान के अंदर या फिर टिन शेड के नीचे रखते हैं। गोविंदपुरम अनाज मंडी एसोसिएशन के महामंत्री सुधीर गोयल मोनू ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से गेहूं को वर्षा से बचाने के लिए टिन शेड के अंदर गेहूं रखने की इजाजत दी जाती है।
व्यापारी अपने गेहूं की सुरक्षा के लिए उसको तिरपाल से ढकते हैं। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी कुशल देव ने बताया कि जिले में गेहूं की खरीद के बाद प्रयास किया जाता है कि उसे जल्द ही एफसीआइ के गोदाम में भेज दिया जाए, जिससे कि गेहूं खराब न हो।