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हिंडन हवाई अड्डे का 14 एकड़ में होगा विस्तार, देश के कोने-कोने तक पहुंचेंगी उड़ानें; किसानों को भी होगा बड़ा फायदा

Published: Fri, 29 May 2026 05:29 AM (IST)Updated: Fri, 29 May 2026 06:56 AM (IST)

गाजियाबाद के हिंडन हवाई अड्डे का 14 एकड़ भूमि पर विस्तार किया जाएगा, जिसमें से 6.8 एकड़ जमीन की खरीद के लिए किसानों से सहमति बन गई है।

गाजियाबाद के हिंडन हवाई अड्डे का 14 एकड़ भूमि पर विस्तार किया जाएगा। फाइल फोटो

गाजियाबाद के हिंडन हवाई अड्डे का 14 एकड़ भूमि पर विस्तार किया जाएगा। फाइल फोटो

अभिषेक सिंह, गाजियाबाद। दिल्ली के करीब गाजियाबाद के सिकंदरपुर में बने हिंडन हवाई अड्डे के विस्तार को लेकर तैयारी तेज कर दी गई है। हवाई अड्डे का विस्तार कुल 14 एकड़ जमीन पर किया जाएगा। इसमें से 6.8 एकड़ जमीन की खरीद को लेकर किसानों से सहमति बनने पर जिला प्रशासन द्वारा प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया गया है।

शेष 7.2 एकड़ जमीन की खरीद के लिए सिकंदरपुर गांव के किसानों से अब जिला प्रशासन द्वारा वार्ता शुरू कर दी गई है। ऐसे में हिंडन हवाई अड्डे की उड़ान बेंगलुरू, मुंबई, चेन्नई, वाराणसी, अयोध्या, लखनऊ जैसे सीमित शहरों तक नहीं बल्कि देश के काेने-काेने तक होगी, इससे गाजियाबाद में विकास को पंख लगेंगे और आसपास के जिलों के लोगों के लिए भी एयर कनेक्टिविटी की सुविधा बेहतर होगी।

14 एकड़ जमीन पर विस्तार होने से हिंडन एयरपोर्ट की जमीन का कुल क्षेत्रफल 21.5 एकड़ से अधिक हो जाएगा। वर्तमान में हिंडन एयरपोर्ट का कुल क्षेत्रफल 7.5 एकड़ है।

वर्ष 2014 में केंद्र में एनडीए और वर्ष 2017 में प्रदेश में भाजपा सरकार आने के बाद हिंडन हवाई अड्डे के निर्माण कार्य ने गति पकड़ी और 2019 में निर्माण कार्य पूरा हुआ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हवाई अड्डे का लोकार्पण किया और यात्रियों के लिए उड़ान सेवा शुरू की गई। हिंडन हवाई अड्डे से उड़ान सेवा शुरू होने के बाद गाजियाबाद, नोएडा, गौतमबुद्धनगर, पूर्वी दिल्ली, मेरठ सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई शहरों से लोग दिल्ली के बजाय हिंडन हवाई अड्डे से हवाई सफर करने लगे।

ऐसे में हिंडन हवाई अड्डे से देश के ज्यादा से ज्यादा शहरों के लिए उड़ान सेवा शुरू करने की मांग उठने लगी। गाजियाबाद के सांसद अतुल गर्ग ने भी हिंडन हवाई अड्डे के विस्तार काे लेकर नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधिकारियों और मंत्रियों से मुलाकात की, उन्होंने हवाई अड्डे का विस्तार करने की मजबूत पैरवी की।

इसके बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से हवाई अड्डे के विस्तार के लिए प्रक्रिया शुरू की गई और जिला प्रशासन को पत्र भेजा गया। लगभग सात एकड़ जमीन पर हिंडन हवाई अड्डे के विस्तार के लिए किसानों से जमीन क्रय करने की सहमति बनाने के लिए जिला स्तर पर अगस्त 2025 में कमेटी का गठन किया गया।

इसके बाद सिकंदरपुर गांव के किसानों से कई दौर में वार्ता की गई। जमीन के रेट को लेकर मामला फंस रहा था, हाल ही में प्रशासन और किसानों के बीच तय हुआ है कि जो जमीन सड़क के किनारे स्थित है उसकी खरीद 24 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से और जो जमीन सड़क के किनारे स्थित नही है, उसकी खरीद 22 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से की जाएगी। कुल 6.8 एकड़ की जमीन खरीदने के लिए 63 करोड़ रुपये खर्च होंगे, यह रकम प्रदेश सरकार देगी।

इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। अब एयरपोर्ट प्रशासन ने हिंडन हवाई अड्डे के विस्तार के लिए कुल 14 एकड़ जमीन की मांग कर दी है। जिससे कि हवाई अड्डे का विस्तार कर विमानों के खड़े करने के लिए अधिक जगह उपलब्ध हो और पर्याप्त संख्या में चेक इन काउंटर की संख्या बढ़ाई जा सके। ऐसे में हवाई अड्डे की क्षमता बढ़ेगी और देश के कई शहरों के लिए यहां से उड़ान शुरू हो सकेगी, जिसका लाभ गाजियाबाद के साथ ही आसपास के शहरों में रहने वाले लोगों को मिलेगा।

2019 से 2022 के बीच में भी हुआ है विस्तार : हिंडन हवाई अड्डे का विस्तार पहली बार नहीं हो रहा है, इससे पहले एयरपोर्ट का संचालन शुरू होने के बाद वर्ष 2019 से 2022 के बीच भी सुविधाओं को बेहतर करने के लिए किसानों से जमीन खरीदी गई है। इससे पहले किसानों से जमीन अधिग्रहण करने के लिए 18 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर का रेट तय किया गया था। अब 22 हजार और 24 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से किसानों से जमीन खरीदी जाएगी।

हिंडन एयरपोर्ट के विस्तार के लिए एयरपोर्ट प्रशासन ने 14 एकड़ जमीन की मांग की है। 6.8 एकड़ जमीन खरीदने के लिए किसानों से सहमति बनने पर प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया गया है। शेष 7.2 एकड़ जमीन को किसानों से क्रय करने के लिए वार्ता शुरू की गई है। - अवनीश सिंह, एडीएम एलए।

हिंडन एयरपोर्ट में हवाई जहाज खड़ा करने की जगह कम थी, इसलिए ज्यादा शहरों के लिए उड़ान सेवा शुरू नही हो पा रही थी। अब एयरपोर्ट का विस्तार होने से हवाई जहाज खड़े होने की संख्या बढ़ेगी। ऐसे में ज्यादा शहरों के लिए उड़ान सेवा गाजियाबाद से उपलब्ध होगी, इसका लाभ न केवल गाजियाबाद बल्कि आसपास के जनपद के रहने वाले लोगों को भी मिलेगा। उम्मीद है कि जल्द ही यह कार्य पूरा होगा। - अतुल गर्ग, सांसद

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