दिल्ली में 6 बड़ी सड़क परियोजनाओं को मिली रफ्तार, ट्रैफिक होगा सुगम और कनेक्टिविटी में होगा सुधार
दिल्ली में यातायात जाम की समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार के सहयोग से छह सड़क परियोजनाओं पर काम चल रहा है। ...और पढ़ें

दिल्ली में यातायात जाम की समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार के सहयोग से छह सड़क परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इमेज एआई
HighLights
दिल्ली में 6 सड़क परियोजनाओं से यातायात जाम घटेगा।
केंद्र सरकार के सहयोग से एक वर्ष में शुरू होंगी परियोजनाएं।
दिल्ली-एनसीआर में कनेक्टिविटी सुधरेगी, परिवहन नेटवर्क आधुनिक बनेगा।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली में यातायात जाम की समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार के सहयोग से छह सड़क परियोजनाओं पर काम चल रहा है। एक वर्ष के अंदर इन सभी का निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
इसे लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पिछले सप्ताह केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के साथ बैठक की थी। मुख्यमंत्री का कहना है कि डबल इंजन की सरकार द्वारा नए एक्सप्रेसवे, सुरंग, एलिवेटेड कारिडोर और संपर्क मार्गों के माध्यम से दिल्ली-एनसीआर के परिवहन नेटवर्क को आधुनिक और निर्बाध बनाने पर काम चल रहा है।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे लिंक परियोजना
- लंबाईः 17 किलोमीटर, छह लेन
- लागतः3,500 करोड़ रुपये
- निर्माण कार्य शुरू होगाः इस वर्ष दिसंबर
- दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को गाजियाबाद के ट्रोनिका सिटी के पास यूईआर-II से जोड़ेगा।
- लाभः आइजीआइ एयरपोर्ट, बारापुला कारिडोर, मुकरबा चौक, सिंघु बार्डर और आश्रम-बदरपुर मार्ग जैसे मार्गों पर यातायात का दबाव कम होगा।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से नोएडा-फरीदाबाद कनेक्टिविटी कॉरिडोर
- लंबाईः 65 किलोमीटर, छह लेन
- लागतः 7500 करोड़ रुपये
- निर्माण कार्य शुरू होगाः इस वर्ष दिसंबर
- यह कारिडोर दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, डीएनडी, फरीदाबाद और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ेगा।
- लोनी, बागपत, गाजियाबाद, नोएडा और फरीदाबाद के लिए कनेक्टिविटी में सुधार होगी। कालिंदी कुंज, सराय काले खां और आउटर रिंग रोड पर यातायात जाम कम होगा।
- निर्माण कार्य दिसंबर तक शुरू होने की उम्मीद है।
दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा कॉरिडोर को यूईआर-II से जोड़ने वाली परियोजना
- लंबाईः 17 किलोमीटर, छह लेन
- लागतः 1500 करोड़ रुपये
- निर्माण कार्य शुरू होगाः मार्च, 2027
- लाभः दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहनों को यूईआर-II और द्वारका एक्सप्रेसवे के माध्यम से दिल्ली, गुरुग्राम और आइजीआइ एयरपोर्ट तक सीधी पहुंच मिलेगी।
यूईआर-II कॉरिडोर सर्विस रोड
- लंबाईः 26 किलोमीटर (यूईआर-II के दोनों ओर सेकेंडरी सर्विस रोड का निर्माण होगा)
- लागतः 6,500 करोड़ रुपये
- लाभः यूईआर-II कारिडोर के साथ सर्विस रोड बनने से स्थानीय कनेक्टिविटी में सुधार होगा और बाहरी दिल्ली में नियोजित शहरी विस्तार को लाभ मिलेगा।
एम्स-महिपालपुर-गुरुग्राम एलिवेटेड कॉरिडोर
- लंबाईः20 किलोमीटर, छह लेन
- लागतः पांच हजार करोड़ रुपये
- निर्माण शुरू होगाः अप्रैल, 2027
- लाभः दिल्ली और गुरुग्राम के बीच यातायात बेहतर होगी। एम्स, आइएनए, हौज खास और वसंत कुंज से गुरुग्राम के लिए सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी। इस परियोजना से दक्षिण दिल्ली के एयरोसिटी, रंगपुरी, छतरपुर और घिटोरनी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में भी सुधार होने की उम्मीद है।
शिव मूर्ति-नेल्सन मंडेला सुरंग मार्ग
- लंबाईः आठ किलोमीटर, छह लेन
- लागतः सात हजार करोड़ रुपये
- काम शुरू होगाः मंत्रिमंडल से स्वीकृति के बाद
- लाभः द्वारका एक्सप्रेसवे को वसंत कुंज से जोड़कर बाहरी दिल्ली के क्षेत्रों से सिग्नल-मुक्त कनेक्टिविटी प्रदान करेगी, जिससे दक्षिण दिल्ली के महिपालपुर, रंगपुरी और धौला कुआं क्षेत्रों में यातायात जाम कम होगा।
कालिंदी कुंज इंटरचेंज
- लंबाईः 500 मीटर, छह लेन (ओखला बैराज के पास इंटरचेंज, फ्लाईओवर बनाने का प्रस्ताव)
- लागतः 300 करोड़ रुपये
- निर्माण कार्य शुरू होगाः अक्टूबर
- लाभः कालिंदी कुंज में यातायात जाम कम होने के साथ ही नोएडा, जसोला, सरिता विहार और फरीदाबाद के बीच सिग्नल-मुक्त कनेक्टिविटी मिलेगी।
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