मलबे के ढेर में दबीं दिल्ली की सड़कें, गाजीपुर और हसनपुर डिपो के पास राहगीरों का चलना दूभर
गाजीपुर और हसनपुर डिपो क्षेत्र में सड़कों पर फैले मलबे से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी हो रही है, जिससे जाम और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया ह ...और पढ़ें

गाजीपुर और हसनपुर डिपो क्षेत्र में सड़कों पर फैले मलबे से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी हो रही है। इमेज एआई
HighLights
गाजीपुर-हसनपुर में सड़कों पर फैला निर्माण मलबा
जाम, धूल और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ा
स्थानीय लोगों की शिकायतें, निगम पर कार्रवाई का दबाव
जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। यमुनापार के गाजीपुर और हसनपुर डिपो क्षेत्र में सड़क किनारे फैला मलबा लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। गाजीपुर स्थित सीएनजी स्टेशन के पास और हसनपुर डिपो के आसपास सड़क पर पड़े निर्माण मलबे और गाद के कारण राहगीरों व वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर सड़क संकरी हो गई है, जिससे दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नालों की सफाई और निर्माण कार्यों के बाद निकाला गया मलबा कई दिनों तक सड़क किनारे छोड़ दिया जाता है। इसके अलावा रात के समय कुछ लोग चोरी-छिपे निर्माण मलबा भी यहां डाल जाते हैं।
गाजीपुर सीएनजी स्टेशन के पास भारी वाहनों की आवाजाही के बीच सड़क पर फैला मलबा दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा रहा है। वहीं हसनपुर गांव के पास सड़क जमा मलबा के कारण सड़क पर धूल के गुब्बार उड़ रहे हैं, जिससे दुकानदारों और स्थानीय निवासियों को परेशानी हो रही है।
लोगों का कहना है कि सुबह और शाम के समय हालात और खराब हो जाते हैं। धूल और बदबू के कारण बुजुर्गों व बच्चों में सांस संबंधी दिक्कतें बढ़ रही हैं। दोपहिया वाहन चालकों को सड़क पर फिसलन और मलबे के कारण जोखिम उठाकर गुजरना पड़ रहा है।
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स्थानीय निवासियों ने बताया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। लोगों ने मांग की है कि मानसून से पहले सड़क किनारे पड़े मलबे और गाद को तुरंत हटाया जाए, ताकि जलभराव और दुर्घटनाओं की आशंका कम हो सके। इस मामले पर साउथ जोन के चेयरमैन राममकिशोर शर्मा ने कहा कि मलबा माफियाओं के खिलाफ लगातार कारवाई की जा रही है । इस मामले में निगम अधिकारियों को भी कार्रवाई के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
मलबा माफियाओं के आगे बेबस निगम
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम रोजाना अवैध मलबा हटाने के दावे करता है, लेकिन सड़क किनारे मलबा फेंकने वाले माफियाओं पर कार्रवाई नहीं हो रही। लोगों का कहना है कि रात के समय ट्राली और छोटे ट्रकों से निर्माण मलबा खाली किया जाता है। शिकायतों के बावजूद निगरानी और सख्त कार्रवाई नहीं होने से समस्या लगातार बढ़ रही है।