कांवड़ियों की अनोखी पुकार, गाय को मिले राष्ट्र माता का दर्जा
कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों ने सरकार से गाय को 'राष्ट्र माता' घोषित करने की अपील की है। उन्होंने गोवंश को लावारिस छोड़ने वालों पर कार्रवाई और सरक ...और पढ़ें

शिवभक्तों की दरकार, गाय को 'राष्ट्र माता' घोषित करे सरकार
HighLights
शिवभक्तों ने सरकार से गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग।
लावारिस गोवंश छोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई के लिए कानून बने।
गोवंश संरक्षण की सरकारी योजनाओं में सुधार की अपील की गई।
राहुल कुमार, साहिबाबाद। हर शिवभक्त अपने मन में कोई न कोई मनोकामना लेकर हरिद्वार और ऋषिकेश से कांवड़ लेने जा रहा है। कोई नौकरी तो कोई माता-पिता के बेहतर स्वास्थ्य के लिए कांवड़ ला रहा है।
वहीं ऐसे भी शिवभक्त हैं जो देश में सुख-शांति के लिए भोले के चरणों में जा रहा है। लेकिन बृहस्पतिवार को एक अलग ही नजारा दिखाई दिया।
शिवभक्तों की टोली सरकार से एक दरकार लगा रही है कि वह गाय को राष्ट्र माता घोषित करे। यह कांवड़ लोगों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
गाजियाबाद से गुजर रही टोली में शामिल शिवभक्त मन्नू गुर्जर ने बताया कि सनातन धर्म में गाय का बहुत बड़ा महत्व है। गाय को माता का दर्जा देने की बात तो की जाती है, लेकिन अभी तक की सरकारें ये दर्जा नहीं दिला पाई हैं।
सरकार से की अपील
पुराणों के अनुसार भी गाय में देवी-देवताओं का वास माना जाता है। हमारी सरकार से अपील है कि गाय को राष्ट्र माता घोषित करे। शिवभक्तों की इस पुकार को सरकार को पूरा करना चाहिए।
भगवान शिव से भी यही मनोकामना की है कि जल्द ही ऐसा कोई कानून बने कि गाय को राष्ट्र माता का दर्जा मिल सके। इसमें गोवंशी को लावारिस छोड़ने वालों पर कार्रवाई के लिए भी कानून होना चाहिए। ज्यादातर लोग गोवंश को तब तक पालते हैं जब तक वह दूध देती है।
इसके बाद सड़कों पर लावारिस छोड़ देते हैं। कूड़े में चारा ढूंढने के लिए मजबूर रहती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार जो योजनाएं गोवंशी को आरक्षित करने के लिए लाई है उसमें भी सुधार किया जाए।
सरकार से जो बजट मिलता है उसे भी उन पर पूरी तरह से खर्च नहीं किया जाता है। सड़कों पर गोवंशी के लावारिस घूमने का यह भी सबसे बड़ा कारण है। इन सभी के लिए वह 224 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा कर रहे हैं।
लगातार बढ़ रही शिवभक्तों की संख्या
ट्रांस हिंडन में जीटी रोड, हिंडन बैराज, एनएच-नौ समेत विभिन्न मार्गों पर कांवड़ियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। शिवभक्त हर-हर महादेव के जयकारों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। भगवा कपड़े पहने शिवभक्तों का उत्साह अलग ही नजर आ रहा है। साथ ही उनकी सेवा में कांवड़ शिविरों को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है।
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अभी तक 70 बसों से हरिद्वार पहुंचे शिवभक्त
31 जुलाई से ही हरिद्वार और ऋषिकेश के लिए रोडवेज बसों का संचालन शुरू कर दिया गया था। बृहस्पतिवार तक करीब 70 बसें जा चुकी हैं। करीब 12 हजार कांवड़िए सफर कर चुके हैं। अगले एक-दो दिन में हरिद्वार जाने वाले शिवभक्तों की संख्या कई गुना तक बढ़ जाएगी।