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    खोड़ा में कूड़े का अंबार, निस्तारण व्यवस्था ठप; करोड़ों खर्च फिर भी गंदगी का राज

    Updated: Thu, 30 Jul 2026 07:48 PM (IST)

    खोड़ा में कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था न होने से मुख्य सड़कों पर कूड़े के ढेर लगे हैं, जिससे दुर्गंध, बीमारियां और आवागमन में परेशानी हो रही है। ...और पढ़ें

    खोड़ा की राजीव विहार कॉलोनी के सामने मुख्य सड़क पर लगा कूड़े का ढेर। जागरण

    खोड़ा की राजीव विहार कॉलोनी के सामने मुख्य सड़क पर लगा कूड़े का ढेर। जागरण

    HighLights

    1. खोड़ा में कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था न होना मुख्य समस्या।

    2. मुख्य सड़कों पर कूड़े के ढेर, दुर्गंध और बीमारियां।

    3. करोड़ों खर्च के बावजूद सफाई व्यवस्था बदहाल, लोग परेशान।

    जितेंद्र सिंह, साहिबाबाद। खोड़ा में कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था न होने से नोएडा सेक्टर 62 के पास राजीव विहार कालोनी के सामने मुख्य सड़क पर कूड़ाघर बन रहा है। करीब एक किलाेमीटर तक जगह-जगह सड़क पर कूड़ा पड़ा रहता है। दुर्गंध से लोगों का बुरा हाल हो गया है।

    स्थानीय निवासियों का कहना है कि गंदगी के कारण बीमारी फैल रही है। कभी-कभी करीब एक सप्ताह तक कूड़ा नहीं उठता है। वर्षा के बाद हालात बद से बदतर हो जाते हैं। पास में ही दो मंदिर हैं।

    श्रद्धालुओं को मंदिर आने-जाने में गंदगी से होकर गुजरना पड़ता है। शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। स्थानीय निवासी राकेश कुमार दुबे ने बताया कि हमेशा कूड़े का ढेर लगा रहने से गंदगी रहती है। इससे लोग बीमार हो रहे हैं।

    नहीं रखे गए हैं डस्टबिन

    दरअसल खोड़ा में कूड़ा कलेक्शन के लिए कालोनियों में डस्टबिन नहीं रखे गए हैं। इस कारण लोग जहां मर्जी कूड़ा डाल देते हैं। इस कारण जगह-जगह कूड़े का ढेर लगता जा रहा है। खोड़ा में कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था ठीक नहीं है। नियमित रूप से न ही कूड़ा उठता है और न ही सफाई होती है। इस कारण मुख्य सड़कों से लेकर कालोनियों के पास कूड़े का ढेर लगा रहता है।

    पालिका के कर्मी ही फैला रहे कूड़ा

    स्थानीय निवासी सुरेश रतूड़ी ने बताया कि सड़क पर कूड़ा एक जगह डंप करना चाहिए। नगर पालिका परिषद के कर्मी इसमें से प्लास्टिक, लोहा व अन्य सामान बेचने के लिए निकालने के लिए इसे अलग-अलग जगह डाल देते हैं। इस कारण सड़क पर काफी दूर तक कूड़ा फैल जाता है। हटाने को लेकर कई बार शिकायत की। कई बार इंटरनेट मीडिया पर फोटो डाल चुका हूं। पर समस्या का समाधान नहीं कराया जा रहा है।

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    सफाई के नाम पर करोड़ों हो रहे खर्च

    नगर पालिका परिषद से मिली जानकारी अनुसार सफाई के नाम पर करीब 80 लाख रुपये प्रति माह खर्च होते हैं। करीब 250 सफाई कर्मी सफाई के लिए नियुक्त हैं। बावजूद इसके सफाई के नाम पर खानापूरी हो रही है। जगह-जगह कूड़े का अंबार लगा रहता है।

    कॉलोनी के सामने मुख्य सड़क पर कूड़े का ढेर लगा रहता है। आधी सड़क पर कूड़ा पड़ा होने के कारण जाम की स्थित बन जाती है।
    - बृजभूषण सिंह, स्थानीय निवासी

    कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था न होने से सड़क पर कूड़ा डाला जा रहा है। इससे गंदगी रहती है। दिनभर मक्खियां भिनकती रहती हैं।

    - पिंटू, स्थानीय निवासी

    कूड़े से लगातार दुर्गंध आती रहती है। इस कारण दुकान पर ग्राहक भी कम ही आते हैं। समस्या का समाधान कराना चाहिए।

    - सरिता, स्थानीय दुकानदार

    जहां कूड़ा डल रहा है, वहीं पास में दो मंदिर हैं। मंदिर में पूजा करने आने के दौरान दुर्गंध से लोगों का बुरा हाल हो जाता है। कम से कूड़ा मंदिर से दूर डलना चाहिए।
    - रानी देवी, स्थानीय निवासी

    कभी-कभी कई दिनों तक कूड़ा नहीं उठता है। कूड़े से दुर्गंध आती रहती है। आवागमन के दौरान बुरा हाल हो जाता है।
    - योगेंद्र सिंह, स्थानीय निवासी

    सफाई कर्मियों को नियमित सफाई के निर्देश दिए गए हैं। जहां सफाई नहीं हो रही है, उसकी जांच करा सफाई कराई जाएगी।
    - अवनीश कुमार शुक्ल, अधिशासी अधिकारी