लोनी में बंदरों का खौफ जारी, दो माह में सैकड़ों लोग हुए घायल
लोनी में पेड़ों की कटाई के कारण भोजन की तलाश में आबादी वाले क्षेत्रों में घूम रहे बंदरों का आतंक बढ़ गया है। ...और पढ़ें

बंदरों का खौफ।
HighLights
लोनी में बंदरों के आतंक से लोग परेशान।
दो माह में 312 लोग हुए घायल, भय का माहौल।
नगरपालिका बंदर पकड़ने की प्रक्रिया में जुटी।
हरिशंकर शर्मा, लोनी। पेडों को कटान और वनों के उजड़ने के दुष्परिणाम अब कॉलोनी में रह रहे लोगों को भुगतना पड़ रहे हैं। भोजन की तलाश में आबादी के क्षेत्र में घूम रहे बंदरों का आतंक लोनी क्षेत्र में बढ़ता जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार क्षेत्र में पिछले दो माह के अंदर बंदरों के हमले से 312 लोग घायल हो चुके है। लगातार हो रही घटनाओं से क्षेत्र में भय का माहौल है। लोगों ने वन विभाग और नगर पालिका से समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।
लोनी की इंद्रापुरी, प्रशांत विहार, न्यू विकास नगर, टीला गांव, सिखरानी गांव, शकलपुरा, भूप खेड़ी, धारीपुर, सिरौली, बेहटा आदि गांव समेत कई कालोनियों में इन दिनों सैकड़ों बंदरों का झुंड उत्पात मचा रहा है।
अपने ही घर की छत पर जाने से डर रहे लोग
बच्चे और बुजुर्ग अपने ही घर की छत और पार्कों पर जाने से कतरा रहे हैं। हालात ये हैं कि इनके आतंक से लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है की ये प्रतिदिन घरों की छतों और दुकानदारों के टीन शेड पर उत्पात मचाते हैं।
घरों में रखे गमलों की बागवानी को भी ये बंदर भारी नुकसान पहुंचा रहे है। छतों पर जाने या रास्ते में चलते समय ये बच्चों और बुजुर्गों को काट कर घायल कर देते हैं। कई लोग तो बंदरों के हमले से बचने की कोशिश में गिरकर गंभीर रूप से चोटिल हो चुके हैं।
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पार्कों और गली में बंदरों का आतंक इतना बढ़ गया है कि मंदिर में पूजा करने जाने वाले श्रद्धालुओं से ये प्रसाद छीनकर भाग जाते हैं। थोड़ा सा भी विरोध करने पर ये लोगों को काट कर घायल कर देते हैं।
पिछले दो माह में लोनी 50 शैय्या संयुक्त अस्पताल में 141 व इंद्रापुरी स्थित पीएचसी डिस्पेंसरी में 38, लोनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 95, चिरौड़ी पीएचसी अस्पताल में 38 घायलों को रैबीज वैक्सीन दी गई। स्थानीय निवासी विक्की भट्ट ने बताया कि कई बार नगरपालिका में शिकायत के बाद कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
बंदरों की वजह छतों व पार्कों में नहीं जा सकते है। सुबह व शाम को बंदरों का झुंड एकत्र हो जाता है। इसकी वजह से परेशान बनी हुई है।
- विजेंद्र सिंहइंद्रापुरी ए ब्लाक में बंदरों की वजह से परेशानी बनी हुई है। इसकी शिकायत कई बार की गई, लेकिन समस्या का समाधान अब तक नहीं हो सका।
-बृजपाल राघवबंदरों की वजह से घर से निकलना मुश्किल होता है। क्षेत्र में कई लोगों को बंदर काट चुके हैं। इनसे बचने के लिए लोगों ने खिड़कियों पर जालियां लगवाई हैं।
-हरी सिंहबंदर घरों में घुस कर गमले तक तोड़ देते हैं। इस वजह से छत पर जाने से डर रहे हैं। इनसे बचाने के लिए जिम्मेदारों को ठोस कदम उठाए जाए।
-डा. सुनील मोंगाबंदर पकड़ने के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निविदा के अभिलेख आदि की जांच करने के बाद फर्म को पकड़ने का काम दे दिया जाएगा।
-संजीव अवाना, मुख्य खाद्य एवं सफाई निरीक्षक लोनी नगरपालिका