यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 25, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
513 हेक्टेयर में जीडीए बसाएगा नया गाजियाबाद शहर, घर बनाने के लिए प्लॉट खरीद सकेंगे लोग
नया गाजियाबाद शहर बसाने को लेकर तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण 513 हेक्टेयर भूमि खरीदेगा। इसमें घर बनाने के लिए लोग प्लॉट खर ...और पढ़ें

HighLights
- प्रस्ताव तैयार, बोर्ड बैठक में भी इस योजना को रखने की तैयारी
- मंडलायुक्त से अनुमोदन होने के बाद शासन को भेजा जाएगा प्रस्ताव
- आरआरटीएस कॉरिडोर के आसपास नया शहर बसाने की बन रही योजना
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की ओर से नया गाजियाबाद विकसित करने के लिए 513 हेक्टेयर भूमि खरीदी जाएगी। जिसमें आवासीय प्लॉट की बिक्री के साथ ही हाईराइज बिल्डिंग भी तैयार हो सकेंगी।
जीडीए उपाध्यक्ष ने योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए योजना पर तेजी से काम करना शुरू कर दिया है। देश की पहली नमो भारत ट्रेन के ट्रैक से कुछ दूरी पर प्राधिकरण नया गाजियाबाद शहर बसाने की योजना तैयार कर रहा है। जीडीए बोर्ड बैठक में भी इसका प्रस्ताव रखा जाएगा, जो दिल्ली-मेरठ मार्ग पर दुहाई, भिक्कनपुर और मधुबन-बापूधाम आवासीय योजना के आसपास क्षेत्र का ले-आउट तैयार किया जा रहा है।
इस योजना पर प्लानिंग शुरू
इसके लिए मंडलायुक्त से प्रस्ताव पर अनुमोदन मिलने के बाद शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण और नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत पूर्व में तत्कालीन जीडीए उपाध्यक्ष ने इसमें दिलचस्पी नहीं ली थी। अब इस योजना पर प्लानिंग शुरू की गई है।
प्रदेश सरकार इस योजना के तहत खुर्जा- बुलंदशहर विकास प्राधिकरण, अलीगढ़ विकास प्राधिकरण, गोरखपुर विकास प्राधिकरण आदि को धनराशि किस्तों में दे चुकी है। इसी तर्ज पर अब गाजियाबाद विकास प्राधिकरण नया गाजियाबाद शहर बसाएगा, जिसमें भूमि खरीद में खर्च होने वाली 50 प्रतिशत धनराशि प्रदेश सरकार योजना के तहत जीडीए को देगी।
जीडीए मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण और नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत नया गाजियाबाद शहर बसाएगा। इसके लिए योजना तैयार की जा रही है जो अंतिम चरण में है। 513 हेक्टेयर में बसाया जाने वाले नए शहर में लोग प्लॉट खरीद सकेंगे। मंडलायुक्त की अध्यक्षता में होने वाली बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पर अनुमोदन के बाद इसे शासन को भेजा जाएगा। प्रदेश सरकार से 50 प्रतिशत धनराशि मिलने के बाद इस पर तेजी से काम किया जाएगा।
- अतुल वत्स, उपाध्यक्ष जीडीए