यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 22, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
गाजियाबाद में पेट्रोल-डीजल लूटने वाले ने किया हैरान कर देने वाला खुलासा, पुलिस भी दंग
गाजियाबाद में एक पेट्रोल पंप पर हुई लूट का खुलासा हुआ है। पुलिस ने पेट्रोल पंप के पूर्व कर्मचारी को लूटे गए पेट्रोल और डीजल के साथ गिरफ्तार किया है। आ ...और पढ़ें

HighLights
- वेतन न मिलने से नाराज पूर्व कर्मचारी ने की पेट्रोल पंप पर लूट।
- गिरफ्तारी के बाद चौंकाने वाला खुलासा।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे पर रेस्ट एरिया स्थित पेट्रोल पंप पर बृहस्पतिवार देर रात हुई लूट का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने पेट्रोल पंप के पूर्व कर्मचारी को लूटे गए पेट्रोल और डीजल के साथ गिरफ्तार किया है।
पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपित ने ढाई महीने का वेतन न मिलने से नाराज होकर दो अन्य पूर्व कर्मचारियों के साथ मिलकर लूट की थी। डीसीपी देहात सुरेंद्र नाथ तिवारी के मुताबिक पकड़ा गया आरोपित हापुड़ के बहादुरगढ़ थानाक्षेत्र के सलारपुर शरीफाबाद निवासी सुमित कुमार है।
सुमित ने हापुड़ के पलवाड़ा निवासी रजत और बुलंदशहर के नरसैना थानाक्षेत्र निवासी विकास चौहान के साथ घटना की है। पूछताछ में आरोपित सुमित ने बताया कि उसने अजय बंसल के हवा हवाई रेस्तरां के पास स्थित पेट्रोल पंप पर करीब ढाई महीने तक काम किया था लेकिन इस अवधि के वेतन के करीब 35 हजार रुपए का भुगतान न होने की वजह से तीन महीने पहले काम छोड़ दिया था।
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उसके बाद से वह हापुड़ रोड स्थित पेट्रोल पंप पर सेल्समैन है। बकाया भुगतान के लिए कई बार पंप पर जाने के बाद भी उसे भुगतान नहीं किया गया। उसकी ही तरफ इसी पंप पर काम कर चुके विकास और रजत का भी पंप पर वेतन बकाया है।
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बृहस्पतिवार रात सुमित ने अपनी गाड़ी में रजत और विकास को बैठाया और 40 लीटर क्षमता वाली सात कैन खरीदकर गाड़ी में रख लीं। तीनों आरोपितों को पता था कि पंप रात 12 बजे बंद हो जाता है इसलिए अपने रुपए वसूलने के लिए उसने तेल लूटने की योजना बना रखी थी।
बचने के लिए गाड़ी की नंबर प्लेट बदली, उसी से पकड़ा गया
डीसीपी के मुताबिक सुमित ने एक पुरानी रेनाल्ट ट्राइबर कार खरीदी हुई है। घटना वाली रात उसने अपनी कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई थी। लेकिन पूर्व में इसी पंप पर वह 22 जनवरी को नौ हजार रुपए का पेट्रोल भरवाकर ले गया था और भुगतान भी नहीं किया था।
इस घटना की शिकायत पंप प्रबंधन ने पुलिस से नहीं की। जांच में केल यह तथ्य सामने आने के बाद पुलिस ने पुरानी फुटेज देखी उससे दोनों दिन गाड़ी एक ही होने और नंबर प्लेट अलग होने का पता चलने के बाद सुमित को गिरफ्तार कर लिया गया।
रूट से पकड़ में आई कार
पुलिस को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और एनएच-नौ की फुटेज में सुमित की कार घटना से पहले और घटना के बाद दिखी थी। उसके आधार पर पुलिस को घटना का पर्दाफाश करने में मदद मिली। पुलिस का कहना है कि दोनों फरार आरोपितों की तलाश की जा रही है।