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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 25, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Lok Sabha Election 2024: पश्चिमी यूपी की इन 8 सीटों पर दिग्गजों की साख दांव पर, समीकरण बदलने से रोचक हुआ चुनाव

    Updated: Thu, 25 Apr 2024 11:56 AM (IST)

    दूसरे चरण के लिए 26 अप्रैल को मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग शुक्रवार सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक कर सकेंगे। लोकतंत्र के महापर्व में मतदान कराने की ...और पढ़ें

    Lok Sabha Election 2024: पश्चिमी यूपी की 8 सीटों पर दिग्गजों की साख दांव पर
    Lok Sabha Election 2024: पश्चिमी यूपी की 8 सीटों पर दिग्गजों की साख दांव पर

    HighLights

    1. आठ सीटों का परिदृश्य तय करेगा तीसरे चरण के चुनाव की दिशा
    2. चार उम्मीदवारों ने हैट्रिक लगाने को झोंक दी चुनाव प्रचार में पूरी ताकत

    मदन पांचाल, गाजियाबाद। दूसरे चरण में 26 अप्रैल को होने वाले मतदान को लेकर जहां मतदाता मतदान को तैयार हैं वहीं पर उम्मीदवार तनाव में हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की इन आठ लोकसभा सीटों पर होने वाले मतदान को लेकर दिग्गजों की साख दांव पर है।

    बुधवार शाम को खत्म हुए चुनाव प्रचार के दौरान 15 दिन तक नेताओं के हेलीकाप्टरों ने खूब धूल उड़ाई, लेकिन मतदाताओं की नब्ज पकड़ने में पूरी तरह सफल दिखाई नहीं दिये। जनसभा, रोड शो और नुक्कड सभाओं में भीड़ तो खूब उमड़ी, लेकिन यह भीड़ मतदान में तब्दील होगी इसको लेकर नेताओं के साथ राजनीति के जानकार भी असमंजस में हैं।

    चार उम्मीदवारों ने हैट्रिक लगाने को झोंकी ताकत

    इन आठ सीटों का परिदृश्य तीसरे चरण के चुनाव की भी दिशा तय करेगा। इनमें से चार उम्मीदवारों ने हैट्रिक लगाने को चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी। बदलती सियासी हवा को लेकर दिग्गज नेताओं की हवाईयां उड़ी हुईं है।

    एक तरफ जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ की साख दाव पर लगी हुई है तो वहीं पर बसपा अध्यक्ष मायावती, सपा के अखिलेश यादव, कांग्रेस के राहुल गांधी और रालोद नेता जयन्त चौधरी की भी नींद उड़ी हुई है।

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    2019 में इन आठ सीटों में से भाजपा ने सात जीती थी और एक पर बसपा ने जीत हासिल की थी। इस बार आठों सीटों पर राजनीति के जानकारों का राजनीतिक गणित कह रहा है कि प्रत्येक सीट पर मतदाता राष्ट्रीय स्तर के मुद्दों की जगह स्थानीय मुद्दों को ध्यान में रखकर वोट करने जा रहा है। जानकारों का कहना है कई सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला है।

    चार सीटों पर हैट्रिक लगाने को आतुर

    उम्मीदवार दूसरे चरण की चार सीटों पर भाजपा उम्मीदवार हैट्रिक लगाने को आतुर होकर चुनाव मैदान में है। इनमें गौतमबुद्ध नगर से डॉ.महेश शर्मा, मथुरा से हेमा मालिनी ,बुलंदशहर से डॉ.भोला सिंह और अलीगढ़ से भाजपा प्रत्याशी सतीश कुमार गौतम शामिल हैं।

    इस चरण में यूपी की मथुरा, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, बागपत, मेरठ, अमरोहा, बुलंदशहर और अलीगढ़ लोकसभा सीट पर 26 अप्रैल को वोटिंग होनी है। 2019 लोकसभा चुनाव में अमरोहा सीट को छोड़कर बाकी सभी सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों ने कमल खिलाया था।

    मेरठ से भाजपा के राजेन्द्र अग्रवाल, बागपत से सत्यपाल सिंह और गाजियाबाद से जनरल वीके सिंह ने जीत हासिल की थी। गौतमबुद्ध नगर सीट से भाजपा उम्मीदवार डॉ. महेश शर्मा, बुलंदशहर सीट से भोला सिंह, अलीगढ़ सीट से सतीश कुमार गौतम और मथुरा सीट से हेमा मालिनी ने जीत दर्ज की थी। जबकि अमरोहा सीट से बसपा के टिकट पर कुंवर दानिश अली ने चुनाव जीता था। 

    समीकरण बदलने से रोचक हुआ चुनाव

    इस बार इस चरण के समीकरण बदलने से भी चुनाव रोचक हुआ हैं। पिछले चुनाव में जिन कुंवर दानिश अली ने 2019 में बसपा के टिकट पर चुनाव जीता था, उन्हें कांग्रेस ने अमरोहा सीट से उम्मीदवार बनाया दिया है। पिछले चुनाव में बसपा और सपा में गठबंधन था।

    इस वजह से बसपा ने 10 और सपा ने 5 सीटें जीत ली थी। लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। बसपा अकेले दम पर चुनाव लड़ रही है और सपा- कांग्रेस इंडी गठबंधन में साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं।

    बीजेपी के साथ आरएलडी आ चुकी है। जिसकी वजह से बीजेपी की ताकत बढ़ी मानी जा रही है। इस चरण में सपा और कांग्रेस 4-4 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। जबकि बीजेपी सात और आरएलडी एक (बागपत) सीट पर चुनाव लड़ रही है।

    2024 में किस सीट पर किसके बीच मुकाबला

    1- मेरठ- 

    • भाजपा- अरुण गोविल
    • सपा- सुनीता वर्मा
    • बसपा- देववृत त्यागी

    2- अमरोहा- 

    • कांग्रेस- कुंवर दानिश अली
    • भाजपा- कंवर सिंह तंवर
    • बसपा- मुजाहिद हुसैन

    3- बागपत- 

    • रालोद- राजकुमार सांगवान
    • बसपा- प्रवीण बैसला
    • इंडी गठबंधन- अमरपाल शर्मा

    4- गाजियाबाद-

    • भाजपा - अतुल गर्ग
    • इंडी गठबंधन- डॉली शर्मा
    • बसपा- नंद किशोर पुण्डीर

    5- गौतमबुद्ध नगर-

    • भाजपा- डॉ. महेश शर्मा
    • इंडी गठबंधन-डॉ. महेंद्र सिंह नागर
    • बसपा- राजेंद्र सिंह सोलंकी

    6- मथुरा-

    • भाजपा- हेमा मालिनी
    • इंडी गठबंधन- मुकेश धनगर
    • बसपा- सुरेश सिंह

    7- अलीगढ़-

    • भाजपा- सतीश कुमार गौतम
    • सपा- चौधरी बिजेंद्र सिंह
    • बसपा- हितेंद्र कुमार बंटी

    8- बुलंदशहर-

    • भाजपा- डॉ. भोला सिंह
    • इंडी गठबंधन- शिवराम वाल्मीकि
    • बसपा - गिरीश चंद 

    लोकसभा चुनाव के पहले चरण के बाद दूसरे चरण के चुनाव प्रचार में राष्ट्रीय स्तर के मुद्दे हावी रहे हैं। सभी दलों के दिग्गज नेताओं ने मतदाताओं को अपने-अपने एजेंडे को बताकर वोट मांगा है। वादे और दावे भी किये हैं। इसके बावजूद मतदाता स्थानीय मुद्दों को लेकर मत डालने की तैयारी कर रहा है। मंहगाई, बेरोजगारी, स्वास्थ्य सेवाओं और मंहगी हो रही शिक्षा को ध्यान में रखकर मतदाता सतर्क और सावधान दिख रहा है। मतदाताओं की नब्ज पकड़ने में इस बार नेता कमजोर दिखाई दिये हैं। जातिगत आधार पर मतदान की हवा भी जोर पकड़ रही है।

    - डॉ. राकेश कुमार राणा, समाजशास्त्री

    देश के विकास को लेकर लोग वोट करने जा रहे हैं। सामाजिक ताना-बाना ऐसा है कि लोग राष्ट्रीय मुद्दों की बात करते करते क्षेत्रवाद और जातिवाद पर आकर अटक जाते हैं। इस बार चुनाव में इसका प्रभाव नजर आ रहा है। आबादी के हिसाब से राजनैतिक हिस्सेदारी को लेकर कई वर्ग नाराज दिख रहे हैं। दिग्गज नेता इस बार जन सभाओं में छोटी-छोटी बातों को लेकर खुद को हल्का करते दिख रहे हैं। मतदान पर इसका भी प्रभाव पड़ेगा। पिछले कुछ सालों में देश की सैन्य क्षमता में विस्तार होने से देश की सुरक्षा चाक चौबंद हुई है।

    - ब्रहमसिंह नागर, सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी