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    पलवल-नूंह में पाकिस्तान के लिए जासूसी नेटवर्क का खुलासा, हिरासत में लिए गए आठ युवक

    Updated: Fri, 03 Apr 2026 12:19 AM (IST)

    गाजियाबाद के बाद अब पलवल और नूंह में पाकिस्तान के लिए जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी, पलवल एसटीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने स ...और पढ़ें

    गाजियाबाद के बाद अब पलवल और नूंह में पाकिस्तान के लिए जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। फाइल फोटो

    गाजियाबाद के बाद अब पलवल और नूंह में पाकिस्तान के लिए जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। फाइल फोटो

    जागरण संवाददाता, पलवल। गाजियाबाद के कौशांबी में जासूसी नेटवर्क के पर्दाफाश के बाद अब पलवल और नूंह में भी जासूसी नेटवर्क पकड़ा गया है। पाकिस्तान के लिए जासूसी के शक में दोनों जिलों से आठ युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

    राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) और पलवल एसटीएफ और जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिस ने संयुक्त रूप कार्रवाई की है। एजेंसियां पूरे मामले की जांच में जुटी हैं।

    सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर में जासूसी के आरोप में गिरफ्तार एक युवक से मिले अहम इनपुट के आधार पर की गई है। पिछले दो दिनों से केंद्रीय खुफिया एजेंसियां, जम्मू-कश्मीर पुलिस और एसटीएफ लगातार संदिग्धों के लिंक खंगाल रही थीं।

    बृहस्पतिवार को एनआइए की टीम भी जांच में शामिल हो गई और कई गांवों में सघन पड़ताल की। जांच के दौरान हथीन क्षेत्र के पावसर गांव से तीन और नूंह के तावडू इलाके से करीब पांच युवकों को हिरासत में लिया गया। सभी से गहन पूछताछ की जा रही है और उनके संपर्कों को खंगाला जा रहा है।

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान का एक जासूस लंबे समय से हथीन और नूंह के कुछ गांवों में सक्रिय था। वह स्थानीय युवकों से संपर्क कर धीरे-धीरे अपना नेटवर्क तैयार कर रहा था।

    बताया जा रहा है कि वह कुछ वर्ष पहले भारत आया था और जम्मू-कश्मीर में संपर्क स्थापित करने के बाद उसने अपने नेटवर्क का विस्तार किया। इसी दौरान वह हथीन के गांवों में भी ठहरता रहा और युवकों से संबंध मजबूत करता गया। बाद में वह पाकिस्तान लौट गया, लेकिन उसका नेटवर्क यहां सक्रिय बना रहा।

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    मामले का पर्दाफाश तब हुआ जब जम्मू-कश्मीर में उसके एक सहयोगी को गिरफ्तार किया गया। उससे मिली जानकारी के आधार पर जांच की कड़ियां पलवल और नूंह तक पहुंचीं। इसके बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस बुधवार को पलवल पहुंची और एनआइए और पलवल एसटीएफ के साथ कार्रवाई शुरू की।

    पहले भी पलवल और नूंह से पकड़े गए जासूस

    पलवल और नूंह क्षेत्र पहले भी जासूसी गतिविधियों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। बीते वर्ष क्राइम ब्रांच पलवल ने आलीमेव गांव के तौफीक और कोट गांव के यूट्यूबर वसीम अकरम को पाकिस्तान को संवेदनशील सैन्य जानकारी भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया था।

    इसी तरह नूंह जिले के राजाका गांव के अरमान और तावडू क्षेत्र के कांगड़ा गांव के तारीफ को भी जासूसी के आरोप में पकड़ा जा चुका है, जिससे यह इलाका पहले से ही सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर बना हुआ है।

    गाजियाबाद से शुरू हुई जांच, कई राज्यों तक फैला नेटवर्क

    हाल ही में गाजियाबाद में बड़े जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ था। कौशांबी थाना पुलिस ने 14 मार्च को महिला समेत छह आरोपितों को गिरफ्तार किया था। ये लोग रेलवे स्टेशन, सैन्य ठिकानों और अन्य संवेदनशील स्थानों की जानकारी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी तक पहुंचा रहे थे।

    पूछताछ के दौरान इस नेटवर्क से जुड़े 15 अन्य आरोपितों को भी पकड़ा गया, जिनमें नाबालिग तक शामिल थे। इस पूरे मामले की जांच एनआईए, आर्मी इंटेलिजेंस और आइबी जैसी एजेंसियां कर रही हैं और इसमें पाकिस्तान के साथ खालिस्तानी आतंकी कनेक्शन भी सामने आया है।

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