10 दिन की रेकी के बाद सलीम पर हमला, दिनचर्या पर आरोपित रख रहे थे नजर
यूट्यूबर सलीम अहमद उर्फ सलीम वास्तिक पर हुए जानलेवा हमले में नई जानकारी सामने आई है। हमलावरों, जीशान और गुलफाम ने 10 दिनों तक सलीम की रेकी की थी और कई ...और पढ़ें
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समीम वास्तिक पर हमला करनेवाले दो भाई गुलफाम और जीशान।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
आशुतोष गुप्ता, साहिबाबाद। मजहबी कट्टरता व कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने वाले यूट्यूबर सलीम अहमद उर्फ सलीम वास्तिक पर हुए जानलेवा हमले के मामले में जांच एजेंसियों को महत्वपूर्ण जानकारी हाथ लगी हैं। जीशान व गुलफाम पिछले 10 दिन यानि 18 फरवरी से सलीम की रेेकी कर उसकी गतिविधियों पर निगाह बनाए हुए थे।
इस दौरान उन्होंने कई बार हमले का प्रयास किया लेकिन हर बार असफल रहे। हर बार सलीम के साथ कोई न कोई व्यक्ति होने के कारण आरोपित हमला नहीं कर पाए। 27 फरवरी को जब सलीम नमाज पढ़कर आए और कार्यालय पर अकेले थे तब आरोपित अपने मंसूबों में कामयाब हो गए।
वहीं जीशान को हमले के बाद पुलिस कार्रवाई व अपने साथ होने वाले अंजाम के बारे में पता था। इसके चलते वह 17 फरवरी को आखिरी बार अपने माता-पिता से मिलकर गांव से निकला और इस दिन उसने अपना आखिरी वीडियो बनाकर अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपलोड किया।
इस वीडियो में वह एक आटो में बैठा हुआ दिखाई दे रहा है और बैकग्राउंड में एक मशहूर शायर का आखिरी अंजाम वाले अंदाज में गजल की लाइनें, जिसमें कहा गया है कि शौक को आजिम-ए-सफर रखिए, बे-खबर बन के सब खबर रखिए, जाने किस वक्त कूच करना हो, अपना सामान मुख्तसर रखिए, चल रही हैं। वीडियो के समय जीशान डरा हुआ और उदास दिखाई दे रहा है। इसके अगले दिन यानि 18 फरवरी से दोनों आरोपित सलीम के पीछे लग गए थे।
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फंडिंग के अंदेशे को लेकर बैंक खाते खंगालेगी पुलिस
आरोपित जीशान व गुलफाम को फंडिंग का अंदेशा भी जताया गया है। आशंका है कि उन्हें किसी कट्टरपंथी संगठन से फंडिंग हो रही थी। पैसा सीधे बैंक खातों में आ रहा था। इसके चलते पुलिस दोनों के बैंक खातों को भी खंगालेगी। पुलिस दोनों के बैंक खातों के बारे में पता लगा रही है। जानकारी मिलने के बाद पुलिस होली के बाद खातों की जांच करेगी।
जीशान, गुलफाम थे मोहरे, ऊपर से दिया गया टारगेट
जिस तरह से यह पूरा घटनाक्रम हुआ उस हिसाब से माना जा रहा है कि जीशान व गुलफाम तो केवल हमले के लिए मोहरे के रूप में इस्तेमाल हुए जबकि सलीम पर हमले का टारगेट उन्हें कहीं और से दिया गया था। माना जा रहा है कि जीशान व गुलफाम तो आत्मघाती की तरह काम कर रहे थे। जिस तरह से हमले से पहले जीशान परिवार से अमरोहा जाकर मिलकर आया और उसने उसी दिन उसने अपनी आखिरी वीडियो डाली। जांच एजेंसियां इस बिंदू पर भी काम कर रही हैं। इनके पीछे किनका हाथ था, इस बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
हमले में जिस बाइक का किया इस्तेमाल, उससे घूम रहा था दिल्ली
जीशान और गुलफाम ने सलीम पर हमले में जिस बाइक का इस्तेमाल किया था उससे दोनों भाई दिल्ली घूमते हुए दिखाई दिए हैं। इस बाइक पर घूमते हुए जीशान ने एक वीडियो भी अपलोड किया है। इस वीडियो में दोनों भाई बाइक से एम्स वाले फ्लाईओवर से गुजरते हुए दिखाई दे रहे हैं। घटना के बाद जब सीसीटीवी में पुलिस को आरोपितों की बाइक दिखाई दी तो इसपर नंबर मिटाया हुआ था। दिल्ली का अधूरा नंबर लेकर पुलिस ने दिल्ली आरटीओ से करीब 100 नंबर निकलवाए तब जाकर आरोपितों की बाइक का नंबर पुलिस को मिल सका। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की।
सीएम योगी के की चेतावनी के बाद भी गुलफाम को नहीं पकड़ पा रही पुलिस
रविवार रात पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान जीशान को मार गिराया था। इस दौरान उसके साथ बाइक पर बैठा हुआ बड़ा भाई गुलफाम मौके से पुलिस की नाक के नीचे से फरार हो गया था। मौके पर मौजूद पुलिस की भारी-भरकम फौज उसे नहीं पकड़ पाई। गुलफाम ऐसा फरार हुआ कि हाइटेक मानी जाने वाली पुलिस उसे पकड़ नहीं पा रही है। पुलिस की 10 टीमें उसकी तलाश में खाक छान रही हैं।
ये हाल तो तब है जब स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया था और आरोपितों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी थी। बावजूद इसके पुलिस उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित करने के अलावा कोई कार्रवाई नहीं कर पा रही है। हालांकि मंगलवार रात उसे भी मार गिराया गया।