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    बरेली में मिर्गी की दवा अधोमानक मिली, गाजियाबाद समेत पूरे प्रदेश में वितरण पर रोक

    Updated: Thu, 09 Jul 2026 12:21 PM (IST)

    बरेली में मिर्गी की दवा सोडियम वैल्प्रोएट-500 एमजी अधोमानक पाई गई, जिसके बाद गाजियाबाद समेत पूरे उत्तर प्रदेश में इसके वितरण पर रोक लगा दी गई है। ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. बरेली में मिर्गी की दवा अधोमानक पाई गई।

    2. गाजियाबाद सहित पूरे उत्तर प्रदेश में दवा वितरण पर रोक।

    3. हिमाचल की कंपनी ब्लैकलिस्ट होगी, वेयरहाउस से दवा वापस।

    मदन पांचाल, गाजियाबाद। जिला मानसिक चिकित्सालय बरेली से लिये गये नमूने के बाद जांच में मिर्गी की दवा अधोमानक मिली है।इसके तुरंत बाद गाजियाबाद समेत पूरे प्रदेश में इस दवा के वितरण पर रोक लगा दी गई है। यह दवा हिमाचल प्रदेश की एक कंपनी द्वारा बनाई गई है।संबंधित दवा कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने की तैयारी है।

    वेयर हाउस में दवा का खंगाला जा रहा है रिकॉर्ड

    प्रदेश सरकार के उच्च अधिकारियों ने सभी जिलों से इस दवा का रिकॉर्ड मांगा है। साथ ही वेयर हाउस में रखी दवा को वापस (रिकाल)मंगाया जा रहा है। शासन स्तर से जारी दिशा निर्देश के अनुसार 30 अप्रैल 2026 को बरेली के उक्त से सोडियम वैल्प्रोएट-500 एमजी की 40 टेबलेट का सैंपल लेकर जांच को राजकीय प्रयोगशाला में भेजा गया था।

    संबंधित दवा कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने की तैयारी

    17 जून को राजकीय जन विश्लेषक द्वारा भेजी गई जांच रिपोर्ट में यह दवा अधोमानक पाई गई। इसके बाद अपर निदेशक औषधि भंडार ने प्रदेश के सभी सीएमओ और अस्पतालों के सीएमएस को इस संबंध में पत्र जारी करके दवा के वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह एक डाक्टर के पर्चे पर मिलने वाली एंटी-एपिलेप्टिक दवा है।

    इसका उपयोग मुख्य रूप से मिर्गी के दौरे (फिट), बायपोलर डिसआर्डर और माइग्रेन को रोकने के लिए किया जाता है। यह मस्तिष्क की असामान्य विद्युत गतिविधि को शांत करके काम करती है। उधर जिला एमएमजी अस्पताल में अधोमानक मिले प्रोमेथाज़िन हाइड्रोक्लोराइड सीरप का रिकार्ड बनाया जा रहा है। पता चला है कि उक्त बैच की कुछ दवाएं स्टोर में शेष बची हुईं हैं। इसका विवरण आडिट टीम के समक्ष रखा जायेगा।

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    दवा के बारे में पूरी जानकारी

    •  सोडियम वैल्प्रोएट-500 एमजी टेबलेट
    • बैच नंबर टीजीटी 25-103
    •  निर्माण की तिथि अप्रैल 2025
    •  एक्सपायरी तिथि मार्च 2028

    वैल्प्रोएट एक बहुमुखी दवा है जिसका उपयोग विभिन्न न्यूरोलाजिकल स्थितियों के इलाज के लिए किया जाता है। इसे मुख्य रूप से मिर्गी के लिए विभिन्न प्रकार के दौरों को नियंत्रित करने के लिए निर्धारित किया जाता है। वैल्प्रोएट का उपयोग द्विध्रुवी विकार को प्रबंधित करने के लिए भी किया जाता है, विशेष रूप से उन्मत्त एपिसोड के दौरान। मस्तिष्क को शांत करने के लिये भी दी जाती है।


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    - डॉ. साकेतनाथ तिवारी, मनोचिकित्सक

    अपर निदेशक औषधि भंडार का दवा के वितरण पर रोक लगाने संबंधी पत्र मिला है। पत्र के आधार पर सभी जिला अस्पताल, संयुक्त अस्पताल,सीएचसी,यूपीएचसी,आयुष्मान आरोग्य मंदिर के प्रभारियों को दवा के वितरण पर रोक लगाने के निर्देश जारी कर दिये हैं। वेयर हाउस, सीएमएसडी एवं अन्य दवाओं के स्टोर से इस दवा की वर्तमान उपलब्धता का रिकार्ड बनवाया जा रहा है।


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    - डॉ.सचिन चंद्र वैश्य, सीएमओ