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    शराब पीकर चलाई बस तो ड्राइवर-कंडक्टर सीधे होंगे बर्खास्त, कांवड़ यात्रा को लेकर UP रोडवेज का बड़ा फरमान

    Updated: Tue, 04 Aug 2026 08:41 PM (IST)

    उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने कांवड़ यात्रा के लिए 350 बसें आरक्षित की हैं, जिनमें अब तक 8 हजार शिवभक्त हरिद्वार पहुंचे हैं। सुरक्षा सुनिश्चित करने के ल ...और पढ़ें

    बसों में सवार कांवड़िए। जागरण

    बसों में सवार कांवड़िए। जागरण

    HighLights

    1. कांवड़ यात्रा के लिए 350 रोडवेज बसें आरक्षित की गईं।

    2. चालक-परिचालकों का अल्कोहल टेस्ट, नशे में बर्खास्तगी का नियम।

    3. अब तक 8 हजार शिवभक्त हरिद्वार पहुंचे रोडवेज बसों से।

    जागरण संवाददाता, साहिबाबाद। परिवहन निगम की रोडवेज बसों से अभी तक करीब आठ हजार शिवभक्त कांवड़ लेने के लिए हरिद्वार पहुंचे हैं। बसों में शिवभक्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

    वहीं, परिवहन निगम के अधिकारी भी कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए पूरी सावधानी बरत रहे हैं। हर बस के चालक-परिचालकों का अल्कोहल टेस्ट किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अगर कोई भी चालक-परिचालक शराब के नशे में मिला तो सीधे नौकरी से निकाला जाएगा।

    उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम द्वारा रीजन के कौशांबी, गाजियाबाद, साहिबाबाद, लोनी, हापुड़, बुलंदशहर, सिकंदराबाद व खुर्जा डिपो की 350 बसें आरक्षित की गई हैं।

    इन आईएसबीटी से होगा बसों का संचालन

    इन बसों का संचालन आइएसबीटी कश्मीरी गेट, गाजियाबाद और कौशांबी डिपो से रात-दिन हरिद्वार व ऋषिकेश के लिए किया जा रहा है। 30 जुलाई से लेकर 11 जुलाई तक यानी करीब 13 दिन ये बसें कांवड़ियों के लिए आरक्षित हैं। अभी तक करीब 50 बसों से शिवभक्त हरिद्वार व ऋषिकेश पहुंचे हैं।

    बसों में शिवभक्तों के लिए सभी सुविधाएं की गई हैं। बस अड्डों पर पानी से लेकर साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। आरक्षित बसों के लिए कौशांबी बस अड्डे पर तीन प्लेटफार्म आरक्षित किए गए थे।

    बसों में भगवान शिव के भजन भी गूंज रहे हैं। परिवहन निगम के अधिकारियों ने बताया कि बीते वर्ष करीब 32 हजार शिवभक्तों ने सफर किया था। इस बार संख्या बढ़ने की उम्मीद है।

    कर्मियों की 24 घंटे लगाई गई ड्यूटी

    रोडवेज बसों का संचालन चालक शराब पीकर तो नहीं कर रहे हैं। इसकी जांच की जा रही है। जो भी बस भरने के बाद गेट से बाहर निकलती है उसे रोककर चालक की जांच की जाती है। अधिकारियों का कहना है कि वैसे तो सामान्य तौर पर रोजाना जांच होती है, लेकिन हरिद्वार और ऋषिकेश जानी वाली हर बस के चालक की जांच की जा रही है। इसके लिए कर्मियों की तीन शिफ्ट में 24 घंटे ड्यूटी लगाई गई है।

    हरिद्वार व ऋषिकेश जाने के लिए करीब 350 बसें आरक्षित की गई हैं। 50 बसों से अभी तक आठ हजार से अधिक लोग कांवड़ लेने के लिए पहुंचे हैं। हर बस के चालक-परिचालकों का अल्कोहल टेस्ट किया जा रहा है।
    -अंशु भटनागर, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, कौशांबी डिपो।

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