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    गाजीपुर: देवकली पंप कैनाल मामले में पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह बरी, 35 साल बाद कोर्ट का फैसला

    Updated: Thu, 16 Jul 2026 10:05 AM (IST)

    गाजीपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने 35 साल पुराने देवकली पंप कैनाल प्रकरण में पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। ...और पढ़ें

    देवकली पंप कैनाल मामले में पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह बरी।

    देवकली पंप कैनाल मामले में पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह बरी।

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    जागरण संवाददाता, गाजीपुर। करीब 35 वर्ष पुराने बहुचर्चित देवकली पंप कैनाल प्रकरण में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एमपी-एमएलए कोर्ट की न्यायाधीश नूतन द्विवेदी ने बुधवार को पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।

    अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में सफल नहीं हो सका, जिसके चलते आरोपित को संदेह का लाभ मिला।

    अभियोजन के अनुसार तीन दिसंबर 1990 की सुबह करीब 7:30 बजे बृजेश सिंह अपने साथियों के साथ धरम्मरपुर स्थित देवकली पंप कैनाल पहुंचे थे।

    35 साल पुराना है मामला

    आरोप था कि वहां ठेकेदार और मजदूरों के साथ मारपीट की गई तथा दहशत फैलाने के उद्देश्य से फायरिंग की गई। यह भी आरोप था कि मौके पर खड़े एक वाहन के टायर में गोली मारकर उसे पंक्चर कर दिया गया।

    इस मामले में सरफराज अंसारी की तहरीर पर सैदपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ था। विवेचना के दौरान बृजेश सिंह, त्रिभुवन सिंह और विजयशंकर सिंह के नाम प्रकाश में आने पर पुलिस ने तीनों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।

    त्रिभुवन सिंह और विजयशंकर सिंह की याचिका उच्च न्यायालय में लंबित होने के कारण उनकी पत्रावली अलग कर दी गई थी, जबकि बृजेश सिंह के खिलाफ विचारण जारी रहा।

    मुकदमे के दौरान अभियोजन ने नौ गवाह प्रस्तुत किए, लेकिन आरोप सिद्ध नहीं हो सके। दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद अदालत ने बृजेश सिंह को दोषमुक्त कर दिया।

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