गाजीपुर में दूसरे की जमीन पर स्कूल दिखाकर मान्यता लेने का आरोप, BSA ने संचालन पर लगाई रोक
गाजीपुर में सार्क पब्लिक स्कूल और जेड.ए. मेमोरियल जूनियर हाई स्कूल के संचालन पर बीएसए ने रोक लगा दी है। विद्यालय को मान्यता के लिए दर्शाई गई भूमि पर न ...और पढ़ें

दूसरे की जमीन पर स्कूल दिखाकर मान्यता लेने का आरोप। AI जेनरेटेड फोटो
HighLights
बीएसए ने मुबारकपुर गंगौली के दो स्कूलों पर रोक लगाई।
मान्यता के लिए दिखाई गई भूमि पर स्कूल नहीं मिला।
विद्यालय किसी अन्य गाटा संख्या पर संचालित हो रहा था।
जागरण संवाददाता, कासिमाबाद (गाजीपुर)। क्षेत्र के ग्राम मुबारकपुर गंगौली स्थित सार्क पब्लिक स्कूल एवं जेड.ए. मेमोरियल जूनियर हाई स्कूल के संचालन पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का निर्देश दिया है।
राजस्व विभाग की जांच और खंड शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट में मान्यता के लिए दर्शाई गई भूमि पर विद्यालय का निर्माण न मिलने तथा विद्यालय किसी अन्य गाटा संख्या पर संचालित होने की पुष्टि होने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
बीएसए ने चेतावनी दी है कि आदेश के बावजूद विद्यालय संचालित होने पर शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 की धारा-18 के तहत विभागीय एवं विधिक कार्रवाई की जाएगी।
बीएसए कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार ग्राम अलावलपुर अफगा निवासी इश्तियाक अहमद तथा समीर अहमद ने आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत की थी कि विद्यालय की मान्यता गलत भूमि का विवरण देकर प्राप्त की गई है।
शिकायत के बाद बीएसए ने तहसीलदार कासिमाबाद से भूमि की जांच कराई। तहसीलदार द्वारा उपलब्ध कराई गई लेखपाल की रिपोर्ट के आधार पर खंड शिक्षा अधिकारी कासिमाबाद से भी विस्तृत आख्या मांगी गई।
जांच रिपोर्ट में सामने आया कि आराजी संख्या 61 (0.157 हेक्टेयर) पर इम्तियाज अहमद आदि तथा आराजी संख्या 184 (0.238 हेक्टेयर) पर सार्क पब्लिक स्कूल/प्रबंधक रेयाज अहमद आदि का नाम खतौनी में दर्ज है, लेकिन मौके पर इन दोनों आराजियों पर विद्यालय का कोई भवन नहीं मिला। जांच में यह भी पाया गया कि विद्यालय वास्तव में आराजी संख्या 126 पर संचालित हो रहा है।
खंड शिक्षा अधिकारी ने प्रबंधक को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण देने का अवसर भी दिया, लेकिन निर्धारित समय सीमा में कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद बीएसए ने इसे मान्यता की शर्तों का उल्लंघन और शासनादेश की अवहेलना मानते हुए विद्यालय का संचालन तत्काल बंद करने का निर्देश जारी कर दिया।
शिकायतकर्ता इश्तियाक अहमद, जो वर्तमान में सीआईएसएफ रांची में सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं, ने आरोप लगाया कि उनके सगे भाई एवं पूर्व प्रधान रेयाज अहमद ने प्रधान रहते हुए प्रभाव का इस्तेमाल कर उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया।
खबरें और भी
उनका कहना है कि उनकी आराजी संख्या 61 एवं 184 को विद्यालय की भूमि दिखाकर मान्यता हासिल कर ली गई, जबकि उन गाटा संख्याओं पर न तो विद्यालय का भवन है और न ही कोई निर्माण कार्य हुआ है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने जिलाधिकारी से भी शिकायत की थी, जिसके बाद जांच कराई गई।