गाजीपुर के सनबीम स्कूल में छात्र को चाकुओं से गोद डाला, अब सामने आ रहा है इस गिरोह का कनेक्शन
Gazipur News गाजीपुर के सनबीम स्कूल में दो गुटों के बीच झड़प में छात्र आदित्य वर्मा की मौत हो गई जबकि दो अन्य छात्र घायल हैं। घटना के बाद स्कूल बंद क ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, गाजीपुर। महराजगंज स्थित सनबीम स्कूल में छात्रों के दो गुटों के बीच हुई झड़प में कक्षा 10वीं के छात्र व मुहम्मदाबाद के यूसुफपुर निवासी आदित्य वर्मा की मौत हो गई। वहीं हत्यारोपित छात्र समेत कक्षा 10वीं के नमन जायसवाल और अभिनव तिवारी घायल हो गए। इस मामले में हत्यारोपित छात्र भी पकड़ा जा चुका है।
— Ghazipur Police (@ghazipurpolice) August 18, 2025
तीनों घायलों का इलाज राजकीय मेडिकल कालेज के जिला अस्पताल में चल रहा है। पुत्र के मौत की सूचना पर पिता शिवजी वर्मा अस्पताल पहुंचे और बिलख-बिलख कर रोने लगे। वहीं घटना के बाद स्कूल को तुरंत बंद कर दिया गया। मगर, सबसे बड़ी बात यह कि आखिर खून की होली खेलने का छात्र के मन में कहां से ख्याल या दुस्साहस आ गया?
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दरअसल, नगर में सक्रिय कई गैंग युवाओं के लिए जानलेवा बनते जा रहे हैं। ये गैंग के सदस्य किसी युवक या किशोर से विवाद होने पर तुरंत अपने वाट्सएप ग्रुप पर संदेश भेज देते हैं। इस संदेश के बाद, केवल 10 से 15 मिनट के भीतर, गैंग के अन्य सदस्य विवाद स्थल पर पहुंचकर फिल्मी अंदाज में मारपीट कर निकल जाते हैं। शहर में सबसे अधिक उत्पात कटरा गैंग के सदस्य मचा रहे हैं। पूर्व में इस गैंग के सदस्यों ने कई युवाओं को मारपीट कर घायल किया है। इस प्रकरण में अंदेशा गिरोह के रूप में भले ही जताया जा रहा हो लेकिन पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
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दूसरी ओर जिले में पुलिस इस गैंग के सदस्यों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने में असमर्थ रही है, जिससे युवाओं का मनोबल और बढ़ गया है। आरोपित किशोर के भी कटरा गैंग से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। यह स्थिति न केवल युवाओं के लिए खतरनाक है, बल्कि समाज में भी असुरक्षा का माहौल पैदा कर रही है। कटरा गैंग के सदस्यों की गतिविधियों ने स्थानीय निवासियों में भय का माहौल बना दिया है। लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि यदि इस तरह की घटनाएं जारी रहीं, तो युवा पीढ़ी का भविष्य खतरे में पड़ सकता है। पुलिस प्रशासन को इस समस्या का समाधान निकालने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
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स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि पुलिस समय पर कार्रवाई करती, तो कई घटनाओं को रोका जा सकता था। गैंग के सदस्यों की पहचान और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके लिए पुलिस को स्थानीय लोगों के सहयोग की भी आवश्यकता है, ताकि वे बिना किसी भय के अपनी जानकारी साझा कर सकें। इस प्रकार की घटनाएं न केवल कानून व्यवस्था को चुनौती देती हैं, बल्कि समाज में अराजकता का भी कारण बनती हैं। पुलिस को चाहिए कि वह गैंग के सदस्यों की गतिविधियों पर नजर रखे और उन्हें पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाए।