फर्जी जीएसटी कमिश्नर सरस गुप्ता की तलाश जारी, बाउंसरों के साथ व्यापारियों से की थी वसूली
शादियाबाद में फर्जी जीएसटी टीम द्वारा व्यापारियों से अवैध वसूली का मामला सामने आया है। मुख्य आरोपी सरस गुप्ता, जो खुद को जीएसटी कमिश्नर बताता था, फरार ...और पढ़ें


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जागरण संवाददाता, गाजीपुर। शादियाबाद कस्बा में गुरुवार की देर शाम दुकानदारों से अवैध वसूली करती पकड़ी गई फर्जी जीएसटी व आयकर टीम के मुख्य सरगना सरस गुप्ता की तलाश में पुलिस ने उसके सादात कस्बे के आवास पर छापा मारा, लेकिन वह हाथ नहीं आया।
उधर, पुलिस ने दुकानदार सीताराम की तहरीर पर दो बाउंसर वाराणसी के लहरतारा निवासी रवि पटेल, सुल्तानपुर शिवपुर निवासी देवा पटेल और मुख्य आरोपित के चाचा सदानंद प्रसाद निवासी सादात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
बुधवार की शाम को इनोवा क्रिस्टा कार से आठ लोग कस्बा के लोग कस्बा में पहुंचे। कार सवार एक युवक ने खुद को सेंट्रल जीएसटी का अधिकारी बताते हुए लखनऊ से आने की बात दुकानदारों से कही। सबसे पहले सीताराम के किराना स्टोर पर पहुंचकर डरा धमकाकर 50 हजार रुपये की मांग की।
दुकानदार के बहुत हाथ पैर जोड़ने पर दस हजार रुपये लिए। मूरत प्रजापति से तीन हजार रुपये लिए। श्री निवास के किराना स्टोर पर 30 हजार रुपये की मांग की। वहां पैसे को लेकर दुकानदार और युवक में कहासुनी शुरू हुई थी।
सरस गुप्ता ने दुकानदार को धौंस दी कि दो लाख का जुर्माना लगेगा। इसके बाद एफआइआर होगी। जेल भी जाना पड़ेगा। पैसा देने पर मामला सुलट जाएगा। अन्यथा गाड़ी में बैठे डिप्टी साहब को बुलाएंगे तो जेल जाना पड़ेगा। उसकी बात पर शक होने पर दुकानदारों ने पुलिस को सूचना देने के साथ ही सभी को घेर लिया। फर्जी टीम का मुख्य सरगना सादात निवासी सरस गुप्ता फरार हो गया।
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पुलिस ने आजमगढ़ नंबर की क्रिस्टा इनोवा में सवार चालक वाराणसी के चोलापुर निवासी अनिल कुमार के अलावा दो बाउंसर वाराणसी के लहरतारा निवासी रवि पटेल, सुल्तानपुर शिवपुर निवासी देवा पटेल है।
इस टीम में जनपद के सादात निवासी सदानंद प्रसाद, युसफपूर मुहमदाबाद निवासी प्रमोद कुमार, संकेत गुप्ता व सुशीला गुप्ता से पूछताछ की। रात में पुलिस ने सरस गुप्ता के घर पर छापेमारी की, लेकिन वह हाथ नहीं आया। उसका घर अंदर से बंद था।
गाड़ी चालक अनिल कुमार ने बताया कि बनारस से सादात के लिए आनलाइन बुकिंग की थी। वहीं, वाराणसी के लहरतारा निवासी रवि पटेल व सुल्तानपुर शिवपुर निवासी देवा पटेल ने बताया कि वह बाउंसर है। उन्हें एक-एक हजार रुपये पर अपने साथ ले आए थे।
सरस गुप्ता भितरी व नंदगंज में इनकम टैक्स आफिसर बनकर वसूली कर चुका है, जिसका वीडियो भी प्रचलित हो रहा है। सीसी टीवी में साफ दिखाई दे रहा है कि फिल्मी अंदाज में वह व्यापारी की दुकान पर पहुंच कर अपना फर्जी आईकार्ड दिखाता था, जिसपर भारत सरकार व चीफ कमिश्नर लिखा हुआ था।
इसके बाद दाल-चीनी के कागज दिखाओ और तेल का स्टाक कितना है आदि सवाल पूछना शुरू कर देता है। पुलिस जांच में पता चला कि पकड़ी गई मुहम्मदाबाद निवासी सुशीला गुप्ता मुख्य आरोपित की बुआ है, जो बीमार रहती है।
सुशीला गुप्ता, उनके पति प्रमोद गुप्ता व बेटा संकेत गुप्ता सादात आए हुए थे, जिन्हें सरस गुप्ता ने यह कहकर गाड़ी में बैठा लिया था कि वह मुहम्मदाबाद छोड़ देगा। आरोपित ने एआइ से आफिस में बैठे और कई नेताओं के साथ ही फोटो बना रखी है।
सरस के पिता दुकान बंद कर गायब
फर्जी जीएसटी अधिकारी बनकर किराना दुकानदारों से वसूली में सरस गुप्ता का नाम सामने आने के बाद हर कोई हैरान है, क्योंकि एक साल पहले इसने इनकम टैक्स में चयन का दावा कर कस्बे में मिठाई बांटी थी।
गुरुवार की रात जब फरार आरोपित को पकड़ने के लिए शादियाबाद व सादात की पुलिस घर पर पहुंची तो उसके पिता दुकान बंद कर फरार हो गए। शुक्रवार को बंद दुकान के अंदर केवल मां व छोटी बहन मौजूद हैं।