गाजीपुर में डीसीएम वाहन ने पान की गुमटी को मारी टक्कर, पति को घायल देख पत्नी की सदमे से हुई मौत
गाजीपुर में तेज रफ्तार डीसीएम ने पान की गुमटी में टक्कर मारी, जिससे चार लोग घायल हो गए। पति को घायल देख सदमे से 65 वर्षीय पत्नी दुर्गा देवी की मौत हो ...और पढ़ें

रक्साहां गांव के सामने गड्ढे में पलटी डीसीएम और दुर्गा देवी का फाइल फोटो

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जागरण संवाददाता, गाजीपुर। दिलदारनगर-भदौरा मार्ग पर रक्सहां गांव के सामने काली मंदिर के पास रविवार की सुबह तेज रफ्तार डीसीएम अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित पान की गुमटी में जा घुसी। हादसे में गुमटी संचालक दीपनाथ राम समेत चार लोग घायल हो गए।
वहीं घायल पति की हालत देखकर उनकी 65 वर्षीय पत्नी दुर्गा देवी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। स्वजन उन्हें अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
रक्सहां गांव निवासी दीपनाथ राम की गांव के काली मंदिर के पास सड़क किनारे पान की गुमटी है। रविवार सुबह वह रोज की तरह दुकान पर बैठे थे। करीब आठ बजे उनकी पत्नी दुर्गा देवी चाय लेकर गुमटी पर पहुंचीं और चाय देने के बाद सड़क पार कर रही थीं।
इसी दौरान दिलदारनगर की ओर से भदौरा जा रही तेज रफ्तार खाली डीसीएम ने गुमटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर से गुमटी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें बैठे दीपनाथ घायल हो गए। हादसे में गुमटी के पास खड़े धर्मेंद्र कुमार, राजेंद्र प्रसाद और उमा राम भी घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल धर्मेंद्र को प्राथमिक उपचार के बाद वाराणसी ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया, जबकि अन्य घायलों का इलाज निजी अस्पताल में कराया गया।
दुर्घटना के बाद डीसीएम चालक भी वाहन में फंस गया, जिसे ग्रामीणों ने बाहर निकालकर उपचार के लिए भेजा। थाना निरीक्षक योगेंद्र सिंह ने बताया कि दुर्घटना की सूचना मिली है। तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जीवनसाथी को घायल देख नहीं सह सकीं सदमा
डीसीएम की टक्कर में पति के घायल होने की सूचना और उनकी हालत देखकर दुर्गा देवी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। स्वजन और ग्रामीण उन्हें तत्काल निजी अस्पताल ले गए, लेकिन चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई।
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दीपनाथ राम ने बताया कि उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि जीवनभर साथ निभाने वाली पत्नी इस तरह अचानक उन्हें छोड़कर चली जाएगी। दुर्गा देवी के पांच पुत्र और एक पुत्री हैं। मां की मौत से बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
गांव के पास स्पीड कंट्रोल संकेतक न होने से बढ़ रहा खतरा
ग्रामीण दशरथ, सुनील कुमार सहित अन्य लोगों का कहना है कि दिलदारनगर-भदौरा मार्ग पर भारी वाहन तेज रफ्तार से गुजरते हैं। गांव और मंदिर के समीप भी वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए कोई चेतावनी या स्पीड लिमिट संकेतक नहीं लगाया गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन लोक निर्माण विभाग ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। लोगों ने गांव के पास स्पीड ब्रेकर और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है।