गाजीपुर में ठेकेदार के आगे लाचार अफसर, निर्धारित तिथि के तीन माह बाद भी नहीं चालू हुआ पीपा पुल
गाजीपुर में पीपा पुल जनवरी के दूसरे सप्ताह तक भी चालू नहीं हो सका है, जबकि इसे 15 अक्टूबर तक शुरू हो जाना चाहिए था। ठेकेदार की मनमानी और रामपुर सिरे प ...और पढ़ें

शासन से निर्धारित तिथि के तीन माह बाद भी चालू नहीं हुआ पीपा पुल।
HighLights
पीपा पुल जनवरी में भी चालू नहीं, तीन माह की देरी।
ठेकेदार की मनमानी, एप्रोच मार्ग पर कीचड़ मुख्य बाधा।
गंगा पार आवागमन प्रभावित, लोगों को भारी परेशानी।
जागरण संवाददाता, मुहम्मदाबाद (गाजीपुर)। जनवरी का दूसरा सप्ताह शुरू हो गया लेकिन लोगों को पीपा पुल से गंगा पार आवागमन की हसरत अब तक पूरी नहीं हो सकी। बच्छलपुर-रामपुर गंगा तट पर पीपा पुल का निर्माण कार्य अभी अधर में लटका हुआ है। इसमें सबसे बड़ी बाधा रामपुर सिरे की ओर एप्रोच मार्ग पर कई जगह पर कीचड़ व पानी होना है।
पीपापुल के चालू न होने के पीछे ठेकेदार की मनमानी है। राजनीतिक रसूखदार ठेकेदार पिछले कई साल से पीपापुल का काम करता है। उसकी मनमानी के कारण विभागीय अधिकारी लाचार है।
गंगा पार सेवराई व जमानिया तहसील के गांवों के साथ ही सीमावर्ती बिहार के गांवों तक आवागमन के लिए करीब ढाई दशक पूर्व शासन की ओर से तत्कालीन लोकनिर्माण मंत्री कुसुम राय की ओर से बच्छलपुर-रामपुर गंगा तट पर पीपा पुल का निर्माण कराया गया।
शासन की गाइड लाइन के मुताबिक प्रत्येक वर्ष 15 अक्टूबर से पीपा पुल आवागमन के लिए शुरू व 15 जून से बरसात में खोलकर हटा देना है। 15 जून से लोक निर्माण विभाग के अधिकारी व कर्मचारी पीपा पुल को तो खोलकर हटवा दिए।
विभागीय अधिकारियों की उदासीनता व मनमानी का आलम रहा कि करीब तीन माह बाद बच्छलपुर-रामपुर सिरे तक पीपा फैलाकर पुल को किसी तरह तैयार किया गया,लेकिन रामपुर सिरे की ओर कई जगह पर पानी लगने व दलदल की स्थिति बनने से आवागमन सुचारू नहीं हो सका।
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अब उस पानी में रेत भरी बोरी लगाकर रास्ते का निर्माण कराने का प्रयास किया जा रहा है। इससे केवल बाइक सवार या पैदल आवागमन करने वाले लोग आ जा रहे है।
लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता विनोद राना ने बताया कि पुल तैयार हो गया है। एप्रोच मार्ग दलदल होने से उस पर बालू भरी बोरी डालकर रास्ता बनाया जा रहा है। जल्द ही आवागमन सुचारू हो जाएगा।