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पूर्वांचल विवि जौनपुर ने हजारों छात्रों का रोका मार्कशीट, 40 अंक के पेपर में दिया 50 नंबर

Published: Fri, 14 Aug 2026 10:38 PM (IST)

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध गाजीपुर के हजारों छात्रों के परीक्षा परिणाम तीन महीने बाद भी जारी नहीं ...और पढ़ें

पूर्वांचल विवि जौनपुर ने हजारों छात्रों का रोका मार्कशीट।

पूर्वांचल विवि जौनपुर ने हजारों छात्रों का रोका मार्कशीट।

HighLights

  1. तीन माह बाद भी जारी नहीं हुए परीक्षा परिणाम।

  2. मार्कशीट में 40 अंक के पेपर में 50 अंक।

  3. उच्च शिक्षा और छात्रवृत्ति में छात्रों को परेशानी।

जागरण संवाददाता, गाजीपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध जनपद के 380 महाविद्यालयों के हजारों परीक्षार्थी परीक्षा देने के तीन महीने बाद भी परीक्षाफल जारी नहीं हो सका है। छात्र कॉलेज का चक्कर काट रहे हैं। सबसे अधिक परेशान आठ एडेड व पांच राजकीय महाविद्यालयों के छात्रों को किया जा रहा है।

इन कॉलेज में स्थापित परीक्षा सेल भी यूनिवर्सिटी के स्तर पर व्याप्त खामियों से त्रस्त हैं। जिन छात्रों का परीक्षा फल आया है, उसमें त्रुटियां ही त्रुटियां हैं।

पीजी कॉलेज गाजीपुर के वर्ष 2023-24 सत्र में स्नातक द्वितीय वर्ष की छात्रा शीतल पांडेय को 40 अंक के हॉस्पिटल एंड हेल्थ केयर मैनेजमेंट के पेपर में 50 अंक दिया गया है। वहीं वर्ष 2020 की द्विव्यांग छत्रा छोटकी बिंद की परीक्षा का रिजल्ट अभी तक क्लीयर नहीं हुआ। यूनिवर्सिटी के स्तर पर गड़बड़ी से त्रस्त छात्र आंदोलन की तैयारी में हैं।

जौनपुर विवि से संबद्ध पीजी कॉलेज,सहजानंद पीजी कॉलेज, खड़हिया महाविद्यालय, मलिकपुरा महाविद्यालय, गरूआ मकसूदपुर महाविद्यालय सहित 380 राजकीय, एडेड व निजी कॉलेज संचालित हैं।

इन महाविद्यालयों के छात्रों को परीक्षा देने के बाद समय पर रिजल्ट नहीं मिल रहा है। दो माह के भीतर रिजल्ट आ जाना चाहिए लेकिन अप्रैल में संपन्न हुई परीक्षा का आज तक परीक्षा फल नहीं आया। छात्र-छात्राएं कॉलेज का चक्कर काट रहे हैं। अंकपत्र अटक गए हैं।

परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद भी महाविद्यालयों को अब तक अंकपत्र उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इससे छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा में प्रवेश, छात्रवृत्ति और अन्य जरूरी कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई छात्र अंकपत्र लेने के लिए कॉलेज के चक्कर लगा रहे हैं।

महाविद्यालय प्रशासन की ओर से विश्वविद्यालय से लगातार संपर्क किया जा रहा है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका है। पीजी कॉलेज के करीब दो हजार छात्रों का परीक्षा फल रुका हुआ है। हर दिन छात्र कॉलेज पहुंच रहे हैं, लेकिन यूनिवर्सिटी का परीक्षा सेल सुध नहीं ले रहा है।

परीक्षा नियंत्रक के जिले में छात्र-छात्राएं बेहाल, नहीं ले रहे सुध

परीक्षा नियंत्रक विनोद कुमार सिंह जनपद के ही निवासी हैं, लेकिन छात्र-छात्राओं की समस्याओं पर गौर नहीं कर रहे हैं। नतीजा यह है कि छात्र-छात्राओं का इस यूनिवर्सिटी से संबद्ध कॉलेज से मोहभंग हो रहा है। यहां से छात्र दूसरी यूनिवर्सिटी की ओर रूख कर रहे हैं। उधर, परीक्षा नियंत्रक वीर बहादुर सिंह विश्वविद्यालय जौनपुर विनोद कुमार सिंह का फोन रिसीव नहीं हुआ।

कॉपी जांच के बाद एजेंसी की जिम्मेदारी

विश्वविद्यालय से सबंद्ध कॉलेज में कापियां जांचने के बाद परीक्षा एजेंसी अंकपत्र को तैयार करती है। एजेंसी मनमानी तरीके से काम करती है। कॉलेज के परीक्षा सेल के बार-बार पत्र लिखने के बाद न तो यूनिवर्सिटी और न ही एजेंसी संज्ञान लेती है। कॉलेज प्रशासन परीक्षाफल में आ रही त्रुटियों के कारण छात्रों के उग्र होने की संभावना से चिंतित हैं।

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