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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 30, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    UP News: खोखला साबित हुआ परिवहन मंत्री का दावा, सात दिन में ही बंद हो गई रोजवेज बस सेवा; लोग परेशान

    Updated: Fri, 30 Aug 2024 02:57 PM (IST)

    गाजीपुर में आरएसएस प्रमुख के आगमन पर शुरू की गई बस सेवा एक हफ्ते भी नहीं चल पाई। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने हरी झंडी दिखाकर बस को रवाना किया था लेक ...और पढ़ें

    सप्ताह बाद ही बंद हो गई रोजवेज बस सेवा
    सप्ताह बाद ही बंद हो गई रोजवेज बस सेवा

    HighLights

    1. RSS प्रमुख के आगमन पर शुरू हुई थी बस सेवा
    2. मंत्री के बस संचालन के निर्देश का भी नहीं हुआ पालन

    जागरण संवाददाता, गाजीपुर। सिद्धपीठ हथियाराम मठ पर पिछले माह आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के आगमन के मौके पर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने जिला मुख्यालय व वाराणसी के लिए रोडवेज बस सेवा शुरू की थी, लेकिन यह सेवा सप्ताह भर नहीं चली। चंद दिन बाद ही बसें बंद हो गईं।

    परिवहन मंत्री के हाथों हरी झंडी दिखाकर शुरू की गई बस सेवा को भी रोडवेज के अधिकारी नहीं चला पाए। ऐसे में परिवहन निगम का यात्री सुविधा का दावा बेमानी साबित हो रहा है।

    मंत्री ने दो बसों को किया था रवाना

    एक जुलाई को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत सिद्धपीठ हथियाराम मठ आए थे। इस मौके पर मौजूद परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से स्थानीय लोगों ने दूरस्थ की जखनियां तहसील से जिला मुख्यालय के लिए आवाजाही का कोई साधन न होने की समस्या रखी। इसके बाद मंत्री ने दो बसें मंगवाई और पीठ के पीठाधीश्वर भवानी नंदन महाराज की मौजूदगी में हरी झंडी दिखाकर बस को गाजीपुर के लिए रवाना किया।

    मंत्री ने घोषणा की कि एक बस गाजीपुर व दूसरी वाराणसी के लिए संचालित होगी। तहसील जखनियां में हथियाराम और भुड़कुड़ा दो सिद्धपीठ हैं, जहां काफी संख्या में शिष्यों का आना जाना रहता है।

    इसके अलावा भी तहसील मुख्यालय से जिला मुख्यालय के लिए लोग आवाजाही करते हैं। ग्रामीणों को बसों का संचालन होने से आवाजाही की सुविधा की उम्मीद जगी, लेकिन एक सप्ताह में ही वह टूट गई।

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    नहीं बनी थी बसों की कोई समय सारिणी

    इन रोडवेज बसों के संचालन का कोई समय निर्धारित नहीं किया गया था। बसें रात में जरूर आतीं थी, लेकिन सुबह में कब जाएंगी इसका कोई समय अधिकारियों ने नहीं तय किया। मंत्री ने इन बसों के समय से चलाने का निर्देश दिया था, लेकिन अधिकारियों ने उसका पालन नहीं किया। यात्री न होने का ठीकरा फोड़ते हुए बस सेवा बंद कर दी।

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