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    84 कोसी परिक्रमा रोड से मिलेगा 'संजय पुल' का विकल्प, भूमि अधिग्रहण पूरा, प्रोजेक्ट में खर्च होंगे 1192 करोड़ 

    Updated: Sun, 15 Feb 2026 03:50 PM (GMT+05:30)

    गोंडा में जर्जर संजय सेतु का स्थायी विकल्प अब 84 कोसी परिक्रमा मार्ग का चौथा खंड बनेगा। 1192 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस 19 किलोमीटर लंबे मार् ...और पढ़ें

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    संवाद सूत्र, गोंडा। देवीपाटन मंडल समेत आठ जिलों की लाइफ लाइन संजय सेतु की जर्जर स्थिति ने यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है। कारण, अभी तक इसका स्थाई विकल्प नहीं मिल पाया है। ऐसे में पीपा पुल तैयार होने के बाद ही इसकी मरम्मत का निर्णय लिया गया है लेकिन, ढाई वर्ष बाद 84 कोसी परिक्रमा मार्ग का चौथा खंड तैयार होने पर इसका विकल्प मिल जाएगा।

    2023 में स्वीकृत परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण पूरा हो गया है। मार्च में परियोजना निर्माण शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। अगस्त 2028 तक ये परियोजना पूरी की जानी है।

    चौड़ीकरण पर खर्च होंगे 1192 करोड़

    अयोध्या के 84 कोसी परिक्रमा मार्ग का चौथा खंड पटरंगा व बाराबंकी होते हुए घाघरा नदी पारकर जिले में बहुअन मदार माझा तक है। 19 किलोमीटर लंबे परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण पर 1192 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। इनमें 748 करोड़ रुपये जमीन खरीदने, बिजली खंभे हटाने, पेड़ काटने व पेयजल आपूर्ति की पाइप लाइन हटाने समेत अन्य कार्यों में खर्च किए जाएंगे।

    बाकी बचे 444 करोड़ रुपये निर्माण पर खर्च होने हैं। हालांकि, इस परियोजना का अधिकांश हिस्सा बाराबंकी में है, लेकिन अंतिम छोर परसपुर ब्लाक के बहुअन मदार माझा तक है, जिसमें घाघरा नदी पर पुल निर्माण भी शामिल है। जमीन अधिग्रहण समेत अन्य कार्य हो जाने के बाद अब सड़क के साथ घाघरा नदी पर साढ़े चार किलोमीटर लंबा पुल बनाया जाएगा।

    यह पुल करीब दस मीटर चौड़ा है, लेकिन पांच मीटर परिक्रमा पथ भी अलग से बनना है, जिससे यह 15 मीटर चौड़ा हो जाएगा। परिक्रमा मार्ग की सड़क दस मीटर टू-लेन रहेगी। सड़क के दोनों तरफ एक-एक मीटर चौड़ी पटरी बनाई भी जाएगी। करीब 30 माह की अवधि वाली यह परियोजना अगस्त 2028 में पूर्ण होगी, जिसके बाद देवीपाटन मंडल के लोगों को संजय सेतु का विकल्प मिल जाएगा।

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    आगे यह परिक्रमा मार्ग राजापुर, नंदौर, सकरौर, पसका, बनुआ, बेलसर के बखरिहा, बरौली, वाराही देवी मंदिर होते हुए बस्ती जिले तक जाएगा। इसका निर्माण अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग खंड करा रहा है। सहायक अभियंता वेदप्रकाश का कहना है कि परिक्रमा मार्ग के पांचवां खंड का अधिकांश भाग गोंडा में है,जो बस्ती के जगन्नाथपुर तक है।

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    सभी जगह कार्य तेजी से चल रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग खंड लखनऊ अधिशासी अभियंता आरके पिथौरिया ने बताया कि परिक्रमा मार्ग चौड़ीकरण परियोजना में चौथे खंड में भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है। 19 किलोमीटर लंबी इस परियोजना में साढ़े चार किलोमीटर लंबा पुल भी बहुअन मदार माझा के निकट घाघरा नदी पर बनना है, जिसका निर्माण इसी माह शुरू हो जाएगा। 2028 अगस्त तक परियोजना पूर्ण हो जाएगी।