Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    डीजल-गैस संकट के बीच बढ़ रहा बिजली पर दबाव, पावर कॉरपोरेशन ने दिए अवैध नलकूप कनेक्शनों पर कार्रवाई के निर्देश

    Updated: Thu, 26 Mar 2026 04:53 PM (IST)

    डीजल और गैस संकट के कारण बिजली पर दबाव बढ़ गया है, जिससे इंडक्शन चूल्हों और वाटर पंपों की मांग बढ़ी है। इसे देखते हुए देवी पाटन मंडल में बिजली विभाग ' ...और पढ़ें

    News Article Hero Image
    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    संवाद सूत्र, गोंडा। डीजल और गैस सिलिंडर की किल्लत के बीच अब बिजली पर दबाव बढ़ने लगा है। इंडक्शन चूल्हों और बिजली से चलने वाले वाटर पंप की मांग में उछाल ने पावर कारपोरेशन की चिंता बढ़ा दी है। बढ़ते लोड और संभावित बिजली चोरी को देखते हुए विभाग ने देवी पाटन मंडल के चारों जिलों में अब महा सर्च अभियान चलाने का माइक्रोप्लान तैयार किया है।

    बिजली विभाग के अभियंता और कर्मी गांव-गांव, घर-घर और खेतों तक पहुंचकर कनेक्शनों की जांच करेंगे। इस दौरान न सिर्फ वैध कनेक्शन की पड़ताल होगी, बल्कि लोड क्षमता का भी आकलन किया जाएगा। मुख्य अभियंता बिजली का मानना है कि मंडल के चारों जिलों में नलकूप ( एलएमवी-5 श्रेणी) के 10648 वैध उपभोक्ता हैं, लेकिन बड़ी संख्या में किसान बिना कनेक्शन के कटिया डालकर नलकूप चला रहे हैं।

    मुख्य अभियंता ने क्या बताया?

    मुख्य अभियंता बिजली देवीपाटन मंडल यदुनाथ यथार्थ ने कहा कि अधिशासाी अभियंता के नेतृत्व में बिजली विभाग के अभियंता और कर्मी गांव-गांव, घर-घर और खेतों तक पहुंचकर कनेक्शनों की जांच करेंगे। इस दौरान न सिर्फ वैध कनेक्शन की पड़ताल होगी, बल्कि लोड क्षमता का भी आकलन किया जाएगा।

    अवैध कनेक्शनों से जहां लाइन लास बढ़ रहा है, वहीं जर्जर केबलों से हादसों का खतरा भी बना रहता है। लंबी दूरी से खींची गई लाइनें ट्रांसफार्मरों पर अतिरिक्त भार डालती हैं, जिससे वे बार-बार जल जाते हैं और उपभोक्ताओं को लो-वोल्टेज व बाधित आपूर्ति झेलनी पड़ती है।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें- तेल किल्लत की अफवाहों से पेट्रोल पंपों पर मारामारी, श्रावस्ती में भीड़ नियंत्रित करने के लिए बुलानी पड़ी पुलिस

    मुख्य अभियंता ने कहा कि कई मामलों में बिना स्विच के मोटर लगातार चलती रहती है, जिससे बिजली और पानी दोनों की बर्बादी होती है। मुख्य अभियंता ने इसको लेकर मंडल के सभी अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंताओं को पत्र लिख कर निर्देश जारी किया है।