Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यूपी पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों की जांच शुरू, गोंडा 64 गांवों के वेरिफिकेशन के लिए बनी टीम

    Updated: Thu, 02 Jul 2026 05:22 PM (IST)

    गोंडा में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में गड़बड़ियों की जांच शुरू हो गई है। कर्नलगंज एसडीएम ने 64 गांवों के सत्यापन के लिए टीम बनाई है, जबक ...और पढ़ें

    पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों की जांच शुरू।

    पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों की जांच शुरू।

    HighLights

    1. गोंडा में पंचायत चुनाव मतदाता सूची गड़बड़ी की जांच शुरू।

    2. कर्नलगंज एसडीएम ने 64 गांवों के सत्यापन को टीम बनाई।

    3. डीएम को 48 गांवों की मतदाता सूची गड़बड़ी शिकायतें मिलीं।

    संवाद सूत्र, गोंडा। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर तैयार की गई मतदाता सूची में गड़बड़ियों के शिकायत की जांच शुरू हो गई है। कर्नलगंज एसडीएम ने 64 गांवों के मतदाता सूची का सत्यापन कराने के लिए टीम बनाई है। वहीं, डीएम के जनता दर्शन में अबतक 48 गांवों की शिकायत आई है, जिसे जांच के लिए तहसीलों को भेजा गया है।

    गांवों में नई सरकार चुनने के लिए मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन दस जून को किया गया था। त्रिस्तरीय पंचायतों में चुनाव के लिए तैयार की गई 1192 ग्राम पंचायतों की मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में 26.74 लाख मतदाताओं के नाम दर्ज हैं।

    मतदाता सूची को त्रूटि रहित बनाने के लिए दिसंबर 2025 में अभियान शुरू किया गया था। बीएलओ ने घर-घर जाकर सत्यापन किया, इसके बाद अनंतिम सूची प्रकाशित की गई। दावा, आपत्तियां प्राप्त करने के बाद निस्तारण कराया गया।

    इस दौरान संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं का दो बार सत्यापन कराया गया। पांच माह में अलग-अलग हुए सत्यापन के बाद 81 हजार 146 मतदाताओं के नाम सूची से हटाया गया। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होने के बाद शिकायतों का दौर शुरू हो गया।

    किसी गांव में प्रधान का नाम सूची से गायब है तो किसी गांव में कोटेदार व बीडीसी का। लगातार शिकायतें मिलने पर डीएम प्रियंका निरंजन ने निर्धारित प्रारूप पर आपत्तियां मांगी थीं।

    डीएम के जनता दर्शन में गोंडा सदर, कर्नलगंज, तरबगंज व मनकापुर तहसील से 48 गांवों की सूची पर आपत्ति आई है, जिसे जांच के लिए तहसील में भेजा गया है। वहीं, एसडीएम कर्नलगंज नेहा मिश्रा ने 64 गांवों में मतदाता सूची की जांच के लिए टीम बनाई है। यह टीम एसआइआर की सूची में दर्ज नामों से मिलान करेगी।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें- अब जॉब कार्ड की जगह होगा गारंटी कार्ड, एक जुलाई को लॉन्च हुआ नया पोर्टल