यूपी पंचायत चुनाव की सरगर्मी से बढ़ी लोगों की चाहत, उम्मीदवारों को ग्रामीण दे रहे राशनकार्ड बनवाने की जिम्मेदारी
गोंडा में पंचायत चुनाव की सरगर्मी तेज है, जहां ग्रामीण उम्मीदवारों से राशनकार्ड बनवाने की मांग कर रहे हैं। प्रत्याशी आवेदनों में मदद कर रहे हैं, जिससे ...और पढ़ें

पंचायत चुनाव की सरगर्मी से बढ़ी राशनकार्ड की चाहत।

समय कम है?
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संवाद सूत्र, गोंडा। गांवों में पंचायत चुनाव की सरगर्मी बढ़ गई है। जिला पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य समेत विभिन्न पदों के प्रत्याशी अपने दावेदारी ठोकते हुए अपनी से संपर्क शुरू कर दिए हैं, तो ग्रामीण भी राशनकार्ड न बन पाने का दर्द बताकर उन्हें परखना चाह रहे है।
ऐसे में जन प्रतिनिधि बनने की चाहत लिए युवा नेता से लेकर पूर्व ग्राम प्रधान व निवर्तमान ग्राम प्रधान राशनकार्ड बनवाने के आवेदन कराने से लेकर ब्लॉक से लेकर पूर्ति कार्यालय तक दौड़ भाग कर रहे हैं।
कोई आवेदकों को लेकर पहुंच रहा है तो कोई उनकी पैरवी करने पहुंच रहा है। अकेले गोंडा में ही माह भर में पांच हजार से अधिक आवेदनपत्र आए हैं। इनमें डेढ़ हजार से अधिक के राशनकार्ड जारी हो गए हैं जबकि 1436 लोगों के आवेदन लंबित पड़े है। अन्य आवेदकों की ब्लाक स्तर पर जांच पड़ताल चल रही है।
डेढ़ लाख लोगों को इस माह भी नहीं मिलेगा मुफ्त राशन
ई केवाईसी न करा पाए डेढ़ लाख से अधिक लाभार्थियों को इस बार भी मुफ्त खाद्यान्न नही मिल पाएगा। रोजी-रोटी के चक्कर में बाहर होने तथा आधार कार्ड में खामियां होने के कारण ये लाभार्थी अब तक कोटेदार के यहां जाकर ई केवाईसी नहीं करा पाए हैं। ऐसे में इन्हें पिछले पांच माह से मुफ्त राशन नहीं मिल रहा है।
अब छठवें माह फरवरी में भी इन्हें मुफ्त खाद्यान्न नहीं मिल पाएगा। खास बात यह है कि इस माह के बाद इन सभी लाभार्थियों का नाम पूर्ति विभग की पात्रता सूची से काटा जा सकता है।
जिन लाभार्थियों ने अब तक ई केवाईसी नहीं कराई है, वे इस माह अपनी प्रक्रिया जरूर पूरी करा लें, अन्यथा उनका नाम विभाग की सूची से काटा जा सकता है। राशन कार्ड के आवेदकों की संख्या बढ़ी है। इनमें तमाम अपात्र लाभ लेना चाह रहे हैं, इसलिए आवेदनों की जांच पड़ताल के बाद उन्हें राशनकार्ड जारी किया जा रहा है। -कुंवर दिनेश प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी।
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