विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

आसमान से तुंरत उतरेगा 'उड़नखटोला', गोंडा के हर ब्लॉक में बनेंगे हेलीपैड; 35 करोड़ की लागत से होगा निर्माण

Published: Fri, 06 Mar 2026 01:18 PM (GMT+05:30)

देवीपाटन मंडल के हर ब्लॉक में अब स्थायी हेलीपैड बनेंगे, जिससे वीआईपी दौरों और आपातकालीन स्थितियों में समय व धन की बचत होगी। वर्तमान में अस्थायी हेलीपैड बनाने पड़ते हैं।

News Article Hero Image
timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

संवाद सूत्र, गोंडा। आपातकालीन स्थितियों व वीआइपी दौरे (अति महत्वपूर्ण विशिष्ट जनों के आगमन) के लिए अब देवीपाटन मंडल के हर ब्लाक में स्थायी हेलीपैड बनाया जाएगा। अब तक इनके निरीक्षण व दौरों के समय अस्थायी हेलीपैड बनाना पड़ता था, जिसमें काफी समय और सरकारी धन व्यय होता था। स्थायी निर्माण हो जाने से जरूरत पड़ते ही तुरंत उड़नखटोला (हेलीकाप्टर) आसमान से नीचे उतर सकेगा।

देवीपाटन मंडल में करीब 40 ऐसे ब्लाक हैं, जहां अब तक स्थाई हेलीपैड नही है। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री समेत अन्य मंत्रियों व बड़े अधिकारियों के निरीक्षण का कार्यक्रम आते ही लोक निर्माण विभाग अस्थाई हेलीपैड बनाता है। इसके बाद वीआइपी का निरीक्षण व दौरा हो पाता है। यही नहीं आपातकालीन परिस्थितियाें में हवाई सर्वे तो हो जाता है लेकिन, स्थाई हेलीपैड न होने से विशिष्ट जनों का उड़नखटोला नीचे नहीं उतर पाता है।

ऐसे में लोक निर्माण विभाग में सभी अधिशासी अभियंताओं को निर्देश दिया गया है कि अपने यहां जिला व तहसील प्रशासन से समन्वय बनाकर ऐसे ब्लाकों का चयन करें, जहां एक भी हेलीपैड नहीं है। यहां खाली पड़ी सरकारी जमीन पर हेलीपैड निर्माण का प्रस्ताव दिलाएं, जिसके बाद शासन बजट आवंटित करेगा।

खास बात यह है कि हेलीपैड को मुख्य सड़क से सटे स्थानों पर ही विकसित किया जाएगा। एक हेलीपैड निर्माण पर करीब 85 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। पूरे देवीपाटन मंडल के चारों जिलों में 40 जगहों पर निर्माण पर करीब 35 करोड़ रुपये खर्च करने की तैयारी है। निर्माण कराने के लिए सभी जगह जमीन खोजी जा रही है।

क्रंकीट की चहारदीवारी संग रास्ते का भी होगा निर्माण


हेलीपैड बनाने के लिए ऐसी सरकारी भूमि का चयन किया जा रहा है, जो ब्लाक मुख्यालयों के समीप हो और जहां चारों ओर ऊंचे पेड़ या बिजली के तार जैसी बाधाएं न हों। यदि प्रस्तावित सरकारी भूखंड के लिए रास्ता नहीं है तो लोक निर्माण विभाग रास्ता भी बनवाएगा। यही नहीं उसे घेरने के लिए क्रंकीट की चहारदीवारी भी बनाई जाएगी। पहले चहारदीवारी ईंट से बननी थी। मजबूती के लिए अब इसे कंक्रीट से बनाया जाएगा, जिससे उस पर कोई अतिक्रमण न कर सके।

सभी अधिशासी अभियंताओं ने जमीन चिह्नित करने के लिए संबंधित उप जिलाधिकारियों को पत्र लिखा है। जैसे ही भूमि के चयन व पैमाइश की प्रक्रिया पूरी होगी, लोक निर्माण विभाग के माध्यम से हेलीपैड निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा, जहां से बजट मिलते निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।- अखिलेश दिवाकर, मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।