अब 130 KM/H की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेन, डेढ़ से 2 घंटे में पूरा हो सकेगा गोंडा से गोरखपुर का सफर
गोंडा-गोरखपुर रेल खंड पर ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार 110 किमी/घंटा से बढ़ाकर 130 किमी/घंटा करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इससे यात्रियों का यात्रा समय ...और पढ़ें
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समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
मनोज श्रीवास्तव, गोंडा। गोंडा-गोरखपुर रेल खंड पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने की कवायद शुरू की गई है। अभी तक इस रूट पर अधिकतम 110 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से ट्रेनों का संचालन होता है, जिसे बढ़ाकर 130 किलोमीटर प्रतिघंटा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पूर्वोत्तर रेलवे गोंडा से गोरखपुर के बीच 158 किलोमीटर रेलवे ट्रैक का सर्वे करा रहा है। तकनीकी टीम से ट्रैक की जांच कराई जा रही है।
आवश्यकता के आधार पर ट्रैक सुधार किया जाएगा। 30 जून तक ट्रैक का सर्वे कार्य पूरा किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। यात्रियों को अभी गोंडा-गोरखपुर ट्रेन से आवागमन करने में तीन से चार घंटे का समय लगता है। यह समय घटकर डेढ़ से दो घंटे हो जाएगा। ट्रैक की मरम्मत के बाद वंदे भारत, राजधानी एक्सप्रेस जैसी तेज रफ्तार से चलने वाली ट्रेनों का संचालन हो सकेगा।
ऐसे होता है रिकॉर्ड
रेलवे प्रशासन ने आरडीएसओ ट्रैक रिकार्डिंग कोच जिसे आमतौर पर टीआरसी (ट्रैक रिकार्डिंग कार) कहा जाता है। आरडीएसओ ट्रैक रिकार्डिंग कोच के द्वारा गोंडा से बरुवाचक व मोतीगंज के बीच टेस्टिंग का कार्य शुरू किया है जो कि ट्रैक पैरामीटर जैसे गेज एलाइनमेंट रिकार्ड करता है। ये ट्रेन के साथ व स्वतंत्र रूप से 20 से लेकर 200 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से ट्रैक पैरामीटर को रिकार्ड करता है।
यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद कम समय में अधिक दूरी तय करने का लाभ यात्रियों को मिलेगा। ट्रेनों की स्पीड बढ़ने से वंदे भारत, राजधानी जैसे तीव्र गति से चलने वाली ट्रेनों का संचालन इस रूट पर भी शुरू होगा। वरिष्ठ सीनियर सेक्शन इंजीनियर आरके सिंह ने कहा कि ट्रैक की पड़ताल चल रही है। बहुत जल्दी ट्रेनों की स्पीड बढ़ जाएगी।