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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 30, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    UP Crime: आगरा के मेडिकल माफिया पंकज का कारनामा, 4 राज्यों में दी थी 109 फर्जी पैरामेडिकल कॉलेज की फ्रेंचाइजी

    By Jagran NewsEdited By: Pragati Chand
    Updated: Sat, 30 Sep 2023 08:26 AM (IST)

    यूपी पुलिस अब मेडिकल माफिया पंकज पोरवाल व उसके सहयोगियों के खिलाफ एक्शन में है। गोरखपुर में निरुद्ध सरगना और उसके सहयोगियों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रव ...और पढ़ें

    आगरा के मेडिकल माफिया पंकज ने कई राज्यों में दी थी फर्जी पैरामेडिकल कालेज की फ्रेंचाइजी। (प्रतीकात्मक तस्वीर)
    आगरा के मेडिकल माफिया पंकज ने कई राज्यों में दी थी फर्जी पैरामेडिकल कालेज की फ्रेंचाइजी। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

    HighLights

    1. पुलिस ने फ्रीज कराया चार बैंकों का खाता, जमा थे 16 लाख रुपये
    2. आगरा के सरगना को पुलिस ने 11 सितंबर को भेजा था जेल

    गोरखपुर, जागरण संवाददाता। पैरामेडिकल कालेज की फर्जी फ्रेंचाइजी देने वाले आगरा के पंकज पोरवाल का नेटवर्क उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, उत्तराखंड व पंजाब तक फैला है। एसआइजी (स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम) की जांच में पता चला कि उत्तर प्रदेश के 40 जिलों में उसने अपना नेटवर्क फैलाया था। पुलिस ने पंकज उसकी पत्नी के चार बैंक खाता में जमा हुए 16 लाख फ्रीज कर दिया है। गोरखपुर जेल में निरुद्ध सरगना व उसके सहयोगियों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई कर पुलिस अपराध से अर्जित उनकी संपत्ति जब्त कराएगी।

    ऐसे खुला मेडिकल माफिया का राज

    एसएसपी डा. गौरव ग्रोवर ने प्रेस वार्ता कर यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि चौरी चौरा के विजय प्रताप सिंह को कुशीनगर पुलिस ने फर्जी पैरा मेडिकल कालेज चलाने के आरोप में जेल भेजा था। जमानत पर छूटने के बाद विजय ने कोर्ट के आदेश पर चौरी चौरा थाने में अब्दुल कलाम ग्रुप आफ एजुकेशन आगरा के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज कराया। जांच में जुटी पुलिस ने 11 सितंबर, 2023 को मुख्य आरोपित पंकज पोरवाल को गिरफ्तार किया था। जांच के लिए एएसपी मानुष पारीक के नेतृत्व में एसआइटी का गठन किया गया।

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    यूपी सहित कई जिलों में दी फर्जी फ्रेंचाइजी

    आगरा पहुंची टीम ने पंकज के ठिकानों पर छापा डाला तो पता चला कि उत्तर प्रदेश के 40 जिलों के अलावा बिहार, पंजाब तथा उत्तराखंड में उसने 109 लोगों को पैरामेडिकल कालेज की फर्जी फ्रेंचाइजी दी है। संचालित बोर्ड में मार्कशीट व प्रमाणपत्र में पंकज पोरवाल द्वारा एग्जाम कंट्रोलर के स्थान पर अपने सगे भाई इंद्रवीर तथा आयुष पैरामेडिकल प्रमाणपत्र पर उसके पिता सुरेंद्र बाबू गुप्ता के हस्ताक्षर होते थे।

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    अब्दुल कलाम बोर्ड के नाम से खोला था बैंक में खाता

    अब्दुल कलाम बोर्ड के नाम से आगरा के एचडीएफसी बैंक में खाता है जो पंकज व उसकी पत्नी कंचन के नाम से है। कार्यालय की तलाशी लेने पर दो कंप्यूटर, 109 फ्रेंचाइजी से संबंधित फार्म, मार्कशीट, प्रमाणपत्र, कोर्स से संबंधित किताबें, परीक्षा प्रश्नपत्र व कापियां बरामद हुईं। पंकज व उसकी पत्नी के नाम से आगरा में 1400 स्क्वायर फीट में बना मकान, एक फ्लैट, अर्धनिर्मित मकान व दो प्लाट के बारे में जानकारी मिली। पंकज व उसकी पत्नी के दो संयुक्त व दो अलग-अलग खाते हैं जिसमें जमा हुए रुपये फ्रीज कराए गए हैं।

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    फर्जी बोर्ड में ये हैं 13 पदाधिकारी

    पुलिस के अनुसार अब्दुल कलाम ग्रुप आफ इंस्टीट्यूट का एनसीटी दिल्ली में चिटफंड से रजिस्ट्रेशन कराया गया था, जिसमें कुल 13 पदाधिकारी है। जिसमें पंकज के भाई इंदरवीर, पत्नी कंचन पोरवाल, चाचा जयवीर प्रसाद, मित्र अनिरुद्ध कुमार, नरेश कुमार, निखिल कुमार, कमलकांत, कुलदीप वर्मा, सुरेन्द्र कुमार, दर्शन कुमार खट्टरी, प्रेमचन्द्र, मोहित कुमार व सहयोगी रुची गुप्ता शामिल हैं।