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30 साल पुरानी दोस्ती निभाने पत्नी संग गोरखपुर पहुंचे एयर चीफ मार्शल, गुरुकुल के छात्रों को दिया सफलता का मंत्र

Updated: Fri, 28 Aug 2026 08:02 AM (IST)

एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह अपनी पत्नी के साथ गोरखपुर पहुंचे, जहां उन्होंने अपने 30 साल पुराने दोस्त और ...और पढ़ें

प्रशिक्षण के दौरान अमर प्रीत सिंह और संजय सिंह की हुई थी दोस्ती। -अभिनव राजन चतुर्वेदी

प्रशिक्षण के दौरान अमर प्रीत सिंह और संजय सिंह की हुई थी दोस्ती। -अभिनव राजन चतुर्वेदी

HighLights

  1. एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने गोरखपुर में दोस्त से मुलाकात की।

  2. 30 साल पुरानी दोस्ती निभाई, पत्नी संग गुरुकुल पहुंचे।

  3. छात्रों को जीवन के उद्देश्य और राष्ट्रसेवा का महत्व समझाया।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। एक ने आसमान की ऊंचाइयों को छुआ तो दूसरे ने प्रशासनिक सेवा के लंबे सफर में देश-विदेश में जिम्मेदारियां संभालीं, लेकिन करीब तीन दशक पहले प्रशिक्षण के दौरान बनी दोस्ती आज भी उतनी ही आत्मीय है। गुरुवार को गोरखपुर के माथाबारी स्थित सरस्वती गुरुकुल में एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष संजय सिंह श्रीनेत की यही दोस्ती दिखाई दी।

संजय सिंह के आमंत्रण पर एयर चीफ मार्शल के अपनी पत्नी सरिता सिंह के साथ गुरुकुल पहुंचे। विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें जीवन के उद्देश्य, संस्कार व राष्ट्रसेवा का महत्व बताया।

एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष संजय सिंह श्रीनेत और एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह की मित्रता प्रशिक्षण के दौरान हुई थी। करीब एक वर्ष साथ प्रशिक्षण के दौरान दोनों के बीच दोस्ती हुई और अलग-अलग सेवाओं में जाने के बाद भी यह रिश्ता कायम है। विकास खंड भरोहिया की ग्राम पंचायत बढ़या के मूल निवासी संजय सिंह श्रीनेत का प्रशासनिक सफर वर्ष 1993 में भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) में चयन के साथ शुरू हुआ।

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उनकी पहली पोस्टिंग राजस्थान के श्रीगंगानगर में कस्टम अपर कमिश्नर के पद पर हुई। इसके बाद राजस्थान के भिवाड़ी में एक्साइज कमिश्नर रहे। तीसरी पोस्टिंग मुंबई एयरपोर्ट पर कस्टम कमिश्नर के रूप में हुई। इसके बाद उन्हें विदेश में जिम्मेदारी मिली और वह लंदन स्थित भारतीय दूतावास में प्रथम उच्चायुक्त के पद पर कार्यरत रहे। इसके बाद राजस्थान में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) में पोस्टिंग हुई और फिर चंडीगढ़ में ईडी के स्पेशल डायरेक्टर रहे। यहीं से उन्होंने सेवानिवृत्ति ली।

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सेवानिवृत्ति के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष बनाया। गांव से शुरू हुआ उनका सफर प्रशासनिक सेवा के कई महत्वपूर्ण पड़ावों से गुजरते हुए प्रदेश की महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्था के नेतृत्व तक पहुंचा।

माथाबारी में दोनों दोस्तों की मौजूदगी ने बच्चों के सामने एक अलग तस्वीर भी रखी,करियर की राहें अलग हो सकती हैं, पद और जिम्मेदारियां बदल सकती हैं, लेकिन उद्देश्य, संस्कार और अच्छे संबंध जीवनभर साथ चल सकते हैं।