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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 06, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    गबन का पर्दाफाश: बीसीएम, फील्ड अफसर सहित पांच गिरफ्तार, मास्टरमाइंड समेत 10 फरार

    Updated: Sun, 06 Apr 2025 04:01 PM (GMT+05:30)

    उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। यहां बीसीएम (ब्रांच क्रेडिट मैनेजर) फील्ड अफसर सहित पांच आरोपितों को शनिवार की सुबह ...और पढ़ें

    पुलिस की गिरफ्त में जालसाजी के आरोपी, प्रेस वार्ता में एसएसपी डा. गौरव ग्रोवर, एसपी दक्षिणी व सीओ गोला। जागरण
    पुलिस की गिरफ्त में जालसाजी के आरोपी, प्रेस वार्ता में एसएसपी डा. गौरव ग्रोवर, एसपी दक्षिणी व सीओ गोला। जागरण

    HighLights

    1. पूर्व शाखा प्रबंधक की अगुवाई में हुआ था 8.85 लाख रुपये का गबन
    2. बीमा धारकों को मृत दिखाकर की गई धोखाधड़ी, फर्जी प्रमाण पत्र से लिया गया लोन
    3. पुलिस की तफ्तीश जारी, मुखबिरों के जरिये दबोचने की तैयारी में लगी टीमें

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। समूह लोन लेकर जालसाजी करने के मामले में गोला पुलिस ने बीसीएम (ब्रांच क्रेडिट मैनेजर), फील्ड अफसर सहित पांच आरोपितों को शनिवार की सुबह गिरफ्तार कर लिया। आरोपितों से पूछताछ में लोन सेटलमेंट के नाम पर हुए लगभग 8.85 लाख रुपये के गबन का पर्दाफाश हुआ।

    दोपहर बाद आरोपितों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। वहीं, मामले के मास्टरमाइंड पूर्व शाखा प्रबंधक समेत 10 आरोपित अब भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। सभी आरोपित गोरखपुर,देवरिया,महराजगंज व आजमगढ़ जिले के रहने वाले हैं।

    एसएसपी डा. गौरव ग्रोवर ने शनिवार की दोपहर पुलिस लाइन में प्रेस वार्ता कर यह जानकारी दी।उन्होंने बताया कि आरोपितों से पूछताछ में पता चला कि इस पूरे प्रकरण का मास्टरमाइंड ब्रांच का पूर्व प्रबंधक बृजेश कुमार है। उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर इंडसंड बैंक की शाखा में समूह लोन योजना की आड़ में गबन की साजिश रची।

    फर्जी व कूटरचित दस्तावेजों के जरिए बीमा धारकों को मृत दिखाकर लोन की रकम निकाली गई और इसे आपस में बांट लिया गया।बृजेश कुमार ने 11 सेंटर के 19 सदस्यों के नाम पर कुल 8,85,919 रुपये का गबन किया। जब कुछ सदस्यों और उनके परिवारीजन ने विरोध किया, तो उन्हें धमकियां दी गईं।

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    एक पीड़ित अभियुक्त और उसके पिता को जान से मारने की धमकी तक दी गई थी।एसएसपी ने बताया कि फरार चल रहे आरोपितों की तलाश में छापेमारी चल रही है। मामले की हर कड़ी को जोड़ा जा रहा है और जल्द ही सभी फरार आरोपित कानून के शिकंजे में होंगे।

    पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। जागरण


    इनकी हुई गिरफ्तारी :

    • आशुतोष दूबे उर्फ चंचल दूबे- पश्चिमी बशारतपुर,गोरखपुर
    • वारिश अंसारी - मुंडेरा ठकुराई, थाना झगहा, गोरखपुर
    • अभय तिवारी - सुगही तिवारी - जिला कुशीनगर
    • संजय गिरि-करौंदी परसिया,खुखुंदू - जिला देवरिया
    • जय कुमार - सुंडीहा, थाना भलुअनी- जिला देवरिया

    पूर्व में ये आरोपित भेजे जा चुके हैं जेल

    पति का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जमा कर लोन सेटलमेंट कराने के मामले में चार महिलाओं को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।इसमें गोला के वार्ड नंबर आठ में रहने वाली आशिया उर्फ आशा,वार्ड नंबर 21 मछली हट्टा के पास रहने वाली राजकुमारी देवी,सुअरज गांव की साधना देवी व माेती देवी का नाम शामिल है।

    इनकी तलाश में चल रही छापेमारी :

    • पूर्व शाखा प्रबंधक बृजेश कुमार,निवासी कटुई,बिलरियागंज-आजमगढ़
    • फील्ड अफसर कृष्ण गोपाल सिंह - निवासी आमतौरा, थाना गगहा, गोरखपुर
    • संगम गोंड - निवासी डोमहर माफी, थाना सहजनवां, गोरखपुर
    • गौतम कुमार श्रीवास्तव निवासी डुमरी,सहनजवां- गोरखपुर
    • बीसीएम अरुण कुमार – निवासी सिमरा चंदौली,परतावल-महराजगंज
    •  कृष्ण कुमार शर्मा- जिला महाराजगंज (पूरा पता स्पष्ट नहीं)
    • मालती पत्नी खुशहाल निवासी वार्ड नंबर 21 गोला,गोरखपुर
    • रोजी पत्नी मैनुद्दीन निवासी वार्ड नंबर 21,गोला
    • रेखा पत्नी बबलू सोनकर निवासी गोला बाजार
    • शबनम पत्नी अलाउद्दीन निवासी गोला बाजार

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    लापरवाही में दारोगा निलंबित :

    गोला थाने पर तैनात उपनिरीक्षक अजय कुमार समूह लोन फर्जीवाड़ा प्रकरण का मुकदमा दर्ज करने के बाद इसकी विवेचना कर रहे थे। आरोप है कि उन्होंने मामले में संलिप्त बैंककर्मियों पर कोई कार्रवाई नहीं की और थानेदार समेत उच्चाधिकारियों को भी गुमराह किया। प्रकरण की समीक्षा के दौरान लापरवाही उजागर होने पर एसएसपी डा. गौरव ग्रोवर ने शुक्रवार की रात दारोगा अजय कुमार को निलंबित कर दिया।