बीआरडी मेडिकल कॉलेज आईसीयू में तीमारदार का हंगामा, डॉक्टरों को जान से मारने की धमकी
बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर के आईसीयू में एक गंभीर मरीज के तीमारदार ने डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के साथ अभद्रता की और जान से मारने की धमकी दी। इस घ ...और पढ़ें

बीआरडी मेडिकल कॉलेज। जागरण
HighLights
तीमारदार ने आईसीयू में डंडा लेकर हंगामा किया।
डॉक्टरों और स्टाफ को जान से मारने की धमकी दी।
विभागाध्यक्ष ने प्राचार्य को शिकायत कर पुलिस बुलाई।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कालेज के ट्रामा सेंटर स्थित आइसीयू में भर्ती एक गंभीर रोगी के तीमारदार की कथित अभद्रता और धमकी भरे व्यवहार से चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ परेशान हैं। आरोप है कि तीमारदार लगातार अस्पताल के कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार कर रहा है, जिससे आइसीयू का वातावरण प्रभावित हो रहा है और स्वास्थ्यकर्मियों में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है।
वह बुधवार को आइसीयू में डंडा लेकर पहुंचा और जमकर हंगामा किया। स्टूल पटक दिया। विरोध करने पर जूनियर डाक्टरों, स्टाफ नर्सों व कर्मचारियों को मारने की धमकी दी। मंगलवार की रात भी उसने ऐसा ही किया था। जूनियर डाक्टरों की शिकायत पर एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष ने प्राचार्य से शिकायत क है।
गोला क्षेत्र निवासी नितेश त्रिपाठी 10 मई से आइसीयू के बेड नंबर पांच पर भर्ती हैं। सड़क दुर्घटना में सिर में गंभीर चोट लगने के बाद उनका उपचार चल रहा है और वह वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। उनकी देखरेख के लिए परिवार का एक सदस्य अस्पताल में मौजूद रहता है। अस्पताल कर्मियों का आरोप है कि मरीज का तीमारदार कई दिनों से आईसीयू में अनुशासनहीन व्यवहार कर रहा है।
वह जूनियर डाक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और कर्मचारियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करता है। साथ ही अन्य मरीजों के तीमारदारों को भी धमकाने की शिकायतें सामने आई हैं। मंगलवार को स्थिति तब और गंभीर हो गई जब उसने कथित तौर पर एक चिकित्सक को जान से मारने की धमकी दे दी। इस घटना के बाद ड्यूटी पर तैनात रेजिडेंट डाक्टरों और कर्मचारियों में भय का वातावरण बन गया।
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चिकित्सकों का कहना है कि आइसीयू जैसे संवेदनशील वार्ड में इस तरह की घटनाएं न केवल स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि अन्य मरीजों के उपचार और अस्पताल के वातावरण को भी प्रभावित करती हैं। आरोप है कि बुधवार को संबंधित व्यक्ति हाथ में डंडा लेकर वार्ड के आसपास घूमता दिखाई दिया, जिससे कर्मचारियों की चिंता और बढ़ गई।
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मामले को गंभीरता से लेते हुए एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डा. सतीश कुमार ने बुधवार को प्राचार्य डा. धर्मेंद्र कुमार से मुलाकात कर पूरी घटना की जानकारी दी। एक लिखित शिकायत भी सौंपी, जिसमें अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है। इसके बाद कालेज प्रशासन ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। गुलरिहा थाना और मेडिकल कालेज चौकी की पुलिस ने चिकित्सकों से घटना की जानकारी ली और संबंधित तीमारदार को समझाने का प्रयास किया।