जलभराव बर्दाश्त नहीं, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई; गोरखपुर में सीएम योगी ने अधिकारियों को चेताया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में जलभराव की समस्या को बर्दाश्त न करने की चेतावनी दी है। उन्होंने अधिकारियों को नाले-नालियों की सफाई, अतिक्रमण ...और पढ़ें

HighLights
जलभराव बर्दाश्त नहीं, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई: सीएम योगी।
नाले-नालियों की नियमित सफाई और अतिक्रमण मुक्त करने के निर्देश।
बाढ़ बचाव और जलनिकासी की सभी तैयारियां सुनिश्चित करें अधिकारी।
डिजिटल डेस्क, गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि महानगर में किसी भी दशा में जलभराव की समस्या बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नाले, नालियों की बड़े पैमाने पर सफाई कराने और बारिश होने पर अधिकाधिक पंपों का संचालन सुनिश्चित करते हुए ध्यान रखा जाए कि कहीं भी जलभराव न होने पाए। जलभराव की समस्या के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता पाए जाने पर जवाबदेही तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सीएम योगी बुधवार दोपहर एनेक्सी भवन सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले के विकास कार्यों, बाढ़ बचाव और जलनिकासी की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में उनका सर्वाधिक जोर जलनिकासी को लेकर रहा।
उन्होंने दो टूक कहा जो भी जरूरी तैयारी या व्यवस्थाएं करनी हैं, उन्हें सुनिश्चित किया जाए, कहीं भी और किसी भी दशा में जलभराव नहीं दिखना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी नाले, नालियों की नियमित सफाई कराई जाए, नाले, नालियों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग को रोका जाए ताकि इससे नाले चोक न होने पाएं।
मुख्यमंत्री ने समझाया कि हमें मौसम के प्रभाव के अनुसार खुद को तैयार रखना होगा। सीएम योगी ने कहा कि नाला निर्माण और मरम्मत के प्रस्ताव समय से लेकर समयबद्ध तरीके से काम पूरा किया जाए। सभी अधिकारी, कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें और कहीं भी नकारात्मक वातावरण न बनने दें।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महानगर के राप्ती कॉम्प्लेक्स, गोरक्ष एंक्लेव, विजय चौराहा तथा धर्मशाला आदि पर हुए जलभराव की जानकारी लेत हुये कहा कि नालों की नियमित रूप से सफाई हो। सफाई के बाद उन्हें ढका जाए। कही भी नालियां खुली न रहें। नगर निगम के सभी पंप पूरी क्षमता से संचालित किए जाएं। उन्होने कहा कि इन व्यवस्थाओं के साथ ही लोगों को प्रेरित किया जाए कि वह कूड़ा नालियों में न डालें। स्वच्छता के लिए कार्यक्रम चलाया जाए, साथ ही नियमित छिड़काव एवं फागिंग कराई जाए। सीएम ने कहा कि स्वच्छता के कार्यक्रम में अधिकाधिक जनसहभगिता भी सुनिश्चित होनी चाहिए। टीम बना कर हर वार्ड, मलिन बस्तियों, खाली प्लाटों की सफाई कराई जाए और कूड़ा निस्तारण सही से किया जाए।
सीएम योगी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वच्छता अभियान चलाया जाए और इसे रूटीन के कार्यों का हिस्सा बनाया जाए। कहा कि स्वच्छता के कार्यक्रम के जनप्रतिनिधियों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाए। शासकीय भवनों में भी सफाई पर ध्यान दिया जाए। उन्होने स्ट्रीट वेंडर्स को व्यवस्थित करने, स्ट्रीट लाइटों को ठीक रखने और सभी सीसीटीवी को अद्यतन रखने के भी निर्देश दिए।
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बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि बेसहारा गोवंश सडको पर न रहें। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को यह निर्देश भी दिया कि डॉग सड़कों पर न रहें। उनके लिये डॉग शेल्टर बनाया जाए।
सीएम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया कि जिला अस्पताल सहित सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त संख्या मे एंटी स्नैक वेनम और एंटी रैबीज वैक्सीन उपलब्ध रहे।
बाढ़ से बचाव की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी तैयारियां पूर्ण रहनी चाहिए। तटबंधों की सुरक्षा के लिए नियमित पैट्रोलिंग हो। बाढ़ चौकियां सक्रिय रहें और बाढ़ राहत केंद्रों पर व्यवस्था अच्छी रहे। उन्होने कहा कि बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों में बीमारियों से बचाव के लिए विशेष सर्तकता बरती जाएं। सड़कें की क्षतिग्रस्त न रहने पाएं।