यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 04, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
यूपी में राम-जानकी मार्ग चौड़ीकरण: किसानों ने मुआवजा लेने से किया इनकार, कहा- बहुत अधिक है आवेदन का खर्च
गोरखपुर में राम-जानकी मार्ग चौड़ीकरण परियोजना के लिए मुआवजा वितरण में विभाग को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई किसानों का मुआवजा एक हजार रुपये ...और पढ़ें

HighLights
- रामजानकी मार्ग के लिए मुआवजा लेने नहीं पहुंच रहे लोग
- अभी लगभग 16 करोड़ मुआवजा वितरित होना बाकी
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। राम-जानकी मार्ग के लिए मुआवजा वितरण को लेकर विभाग परेशान है। कई बार शिविर लगाया गया, लेकिन कई किसान मुआवजा लेने नहीं आ रहे। सौ से अधिक ऐसे किसान हैं, जिनका मुआवजा एक हजार रुपये के नीचे है। आवेदन की प्रक्रिया में ही इससे अधिक धनराशि खर्च हो जाएगी। बार-बार कहने के बाद भी कोई नहीं आ रहा। ऐसे किसान सड़क निर्माण में बाधा भी नहीं बन रहे।
जिले में चल रही विभिन्न परियोजनाओं में से राम-जानकी मार्ग के चौड़ीकरण कार्य की नियमित रूप से निगरानी की जा रही है। इसकी समीक्षा केंद्र सरकार की ओर से भी की जाती है। गोला एवं खजनी तहसील क्षेत्र में दो पैकेज में इस सड़क का काम होना है।
यहां लगभग 65 करोड़ रुपये का वितरण किया जाना है लेकिन 16 करोड़ रुपये अभी तक वितरित नहीं हो पाए हैं। लगातार निगरानी के कारण मुआवजा वितरण को लेकर काफी दबाव है। जिसके चलते कर्मचारियों ने कई बार शिविर लगाया है और संबंधित तहसीलों के अधिकारी भी किसानों के बीच जा रहे हैं।
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कई किसान पैकेज तीन में कई ऐसे किसान हैं, जिनकी कुछ वर्ग मीटर जमीन ही जा रही है। उसमें भी एक से अधिक हिस्सेदार होने के कारण किसी का मुआवजा 135 रुपये तो किसी का 83 रुपये बन रहा है। 100 से 200 रुपये के बीच कई किसानों का मुआवजा बना है।
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कई ऐसे किसान भी हैं, जिनका मुआवजा 500 से 700 रुपये के बीच है। जब विभाग के कर्मचारियों ने इनसे संपर्क किया तो उनका कहना था कि इससे अधिक खर्च तो आवेदन की प्रक्रिया में लग जाएंगे। लेकिन जब निगरानी होती है तो यह भी बकाए में दिखाता है।
विदेश में हैं कई काश्तकार
मार्ग चौड़ीकरण में जिनकी जमीन जा रही है, उसमें से कई काश्तकार विदेश में रहते हैं। मुआवजा लेने के लिए वे घर नहीं आ रहे। तहसील कर्मियों को उनके घर जाकर परिवार के सदस्यों से शपथ पत्र लाने को कहा गया है। लेकिन शपथ पत्र भी आसानी से नहीं मिल पा रहा है।
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विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी/सीआरओ सुशील कुमार गोंड ने कहा कि राम-जानकी मार्ग के चौड़ीकरण कार्य के तहत पैकेज तीन में 64 प्रतिशत से अधिक तो पैकेज चार में लगभग 79 प्रतिशत मुआवजा वितरित हो चुका है। कई किसानों का मुआवजा काफी कम बना है। कई बार विभाग की ओर से गांवों में शिविर लगाए गए हैं लेकिन अब किसान मुआवजा लेने नहीं आ रहे। कुछ किसान विदेश में हैं, उनके परिवार से शपथ पत्र लाने को कहा गया है। जिन किसानों का मुआवजा बाकी है, वे विभाग या तहसील से संपर्क कर अपना मुआवजा प्राप्त कर सकते हैं।