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    गोरखपुर में फरार लिपिक ने किया सरेंडर, यह वही बाबू है जिसके चक्कर में शिक्षक ने कर लिया था सुसाइड

    Updated: Sat, 20 Jun 2026 06:31 PM (IST)

    शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या प्रकरण में फरार चल रहे देवरिया बीएसए कार्यालय के निलंबित लिपिक संजीव सिंह ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके ब ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या प्रकरण में वांछित चल रहे देवरिया बीएसए कार्यालय के निलंबित लिपिक संजीव सिंह ने शनिवार को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।

    अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) अभिषेक चतुर्वेदी की अदालत में हाजिर होने के बाद उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। उसकी गिरफ्तारी पर एसएसपी ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।

    शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या मामले में नामजद आरोपित संजीव सिंह देवरिया जिले के रामनाथ कालोनी का रहने वाला है। 22 फरवरी 2026 को गुलरिहा थाने में दर्ज मुकदमे के बाद से वह फरार चल रहा था। उसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही थी।

    गिरफ्तारी न होने पर पुलिस ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर दिया था। साथ ही उसके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की तैयारी चल रही थी। मामला 21 फरवरी 2026 को शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या से जुड़ा है।

    अगले दिन उनकी पत्नी गुड़िया सिंह ने गुलरिहा थाने में तहरीर देकर तत्कालीन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह पर प्रताड़ित करने, झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने तथा मानसिक दबाव बनाने का आरोप लगाया था।

    शिकायत में कहा गया था कि लगातार प्रताड़ना से आहत होकर कृष्ण मोहन सिंह ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस जांच में यह भी आरोप सामने आया कि हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन कराने के नाम पर शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह समेत तीन शिक्षकों से 16-16 लाख रुपये की मांग की गई थी।

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    आरोप यह भी था कि 20 फरवरी को कृष्ण मोहन सिंह को कार्यालय बुलाकर अपमानित किया गया था। इसके अगले दिन उन्होंने आत्महत्या कर ली। पुलिस को उनकी जेब से चार पन्नों का सुसाइड नोट भी मिला था, जिसमें शालिनी श्रीवास्तव और संजीव सिंह को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था।

    इस मामले में मुख्य आरोपित देवरिया की निलंबित बीएसए शालिनी श्रीवास्तव को गुलरिहा पुलिस ने 16 जून को नई दिल्ली से गिरफ्तार किया था। ट्रांजिट रिमांड पर गोरखपुर लाने के बाद बुधवार को उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

    इसी मामले में आरोपित बनाए गए देवरिया, गौरीबाजार के अर्जुनडीहा निवासी पूर्व प्रधानाध्यापक अनिरुद्ध सिंह को पुलिस ने घटना के 10 दिन बाद ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

    एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि फरार चल रहे लिपिक संजीव सिंह के सरेंडर के बाद अब मामले के सभी आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

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