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दिल्ली और मुंबई से गोरखपुर आने वाली ट्रेनों में 'नो रूम', त्योहारों में यात्रियों की बढ़ी परेशानी

Published: Sun, 08 Nov 2026 08:28 AM (IST)Updated: Sun, 08 Nov 2026 10:03 AM (IST)

त्योहारों के कारण दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु से गोरखपुर व बिहार आने वाले यात्रियों को ट्रेन टिकट नहीं मिल रहे ...और पढ़ें

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HighLights

  1. त्योहारों में दिल्ली, मुंबई से गोरखपुर आने में दिक्कत।

  2. ट्रेन टिकट न मिलने पर महंगे विकल्प चुन रहे यात्री।

  3. रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए चलाईं स्पेशल ट्रेनें।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। बिहार, मोतिहारी जिले के रहने वाले सुरेंद्र और वीरेंद्र को जब घर आने के लिए ट्रेन का टिकट नहीं मिला तो वे बेंगलुरु से आटो रिजर्व कर निकल पड़े। शुक्रवार को देवरिया जिले के भागलपुर में वाहन चेकिंग के दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों से आपबीती बताई। उनकी परेशानियों को सुन पुलिस ही नहीं आसपास मौजूद लोग भी सिहर उठे।

सुरेंद्र और वीरेंद्र की कहानी तो एक नजीर है। बिहार, विशेषकर पश्चिमी चंपारण, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और भागलपुर तथा उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल के लाखों लोग दीपावली और छठ पर्व पर घर आने के लिए परेशान हैं। त्योहारों में किसी भी ट्रेन में किसी भी श्रेणी का कन्फर्म टिकट नहीं मिल रहा है।

वेटिंग टिकट के लिए मारामारी मची है। टिकट नहीं मिल रहा तो लोग मुंहमांगा किराया देकर प्राइवेट स्लीपर बसों, फ्लाइट और अन्य साधनों से घर पहुंच रहे हैं। इसके बाद भी अधिकतर लोगों के परिवार के साथ पटाखा छोड़ने की इच्छा मन में रह जा रही है।

यात्रियों की भीड़ बढ़ने पर ट्रेन नहीं रोडवेज की बसें भी कम पड़ जा रही हैं। शुक्रवार और शनिवार को गोरखपुर स्टेशन पर तमकुही, कसया और पडरौना रूट पर चलने वाली बसें कम पड़ गईं। लोगों को घर जाने के लिए सीट के लिए धक्कामुक्की करनी पड़ी।

दरअसल, दिल्ली, अमृतसर, मुंबई और पुणे से आने वाले लोगों को जब ट्रेन का टिकट नहीं मिल रहा तो वे प्राइवेट बसों से गोरखपुर पहुंच रहे हैं। गोरखपुर पहुंचने के बाद घर जाने के लिए भी जूझ़ना पड़ रहा है।

परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक लव कुमार सिंह बताते हैं कि दीपावली में लोकल रूटों पर बसों की संख्या और फेरे बढ़ा दिए गए हैं। प्रयास किया जा रहा है कि यात्रियों को कोई परेशानी न उठानी पड़े। ट्रांसपोर्टर गुड्डू का कहना है कि त्योहारों में दिल्ली और मुंबई से गोरखपुर आना कठिन होता जा रहा है। दिल्ली और मुंबई से गोरखपुर तक का फ्लाइट का किराया तीन से चार गुणा बढ़ गया है। एक और दो नवंबर को दिल्ली से गोरखपुर आने के लिए फ्लाइट का किराया 16 हजार पहुंच गया था। दो दिन पहले 20 हजार पहुंच गया।

प्राइवेट स्लीपर बसों में तीन से चार हजार रुपये देकर लोग दिल्ली से गोरखपुर पहुंच रहे हैं। छठ पर्व में यह किराया आसमान छूएगा। रुटीन ही नहीं स्पेशल ट्रेनें भी फु्ल हो गई हैं। दिल्ली, एलटीटी, बांद्रा, पुणे, सूरत, अहमदाबाद, हैदराबाद और बेंगलुरु से गोरखपुर आने वाली ट्रेनों में दस से 14 नवंबर तक नो रूम टिकटों की बुकिंग बंद की स्थिति बन गई है।

स्लीपर और एसी थर्ड की वेटिंग 200 से पार पहुंच गई है। गोरखधाम, वैशाली, कुशीनगर, एलटीटी, सुपरफास्ट और दादर आदि एक्सप्रेस ट्रेनों में टिकट नहीं मिल रहा है। वेटिंग टिकटों की मारामारी मची है। यह तब है जब रेलवे प्रशासन रिकार्ड संख्या में स्पेशल ट्रेनें चला रहा है।

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गोरखपुर से एलटीटी के बीच दो फेरा में चलेगी स्पेशल
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित कुमार ने बताया कि यात्रियों की अतिरिक्त सुविधा के लिए 05097/05098 गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर पूजा स्पेशल दो फेरा में चलाई जाएगी। यह ट्रेन एलटीटी से 13 एवं 20 नवंबर को दोपहर 12.30 बजे प्रस्थान करेगी। गोरखपुर से 11 एवं 18 नवम्बर को रात 08.55 बजे रवाना होगी।

इस ट्रेन में सामान्य द्वितीय श्रेणी के 04, शयनयान श्रेणी के 07 तथा वातानुकूलित तृतीय इकोनमी श्रेणी के 07 कोच लगाए जाएंगे। यात्रियों की मांग के अनुसार स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। कुछ स्पेशल ट्रेनों में पर्याप्त संख्या में बर्थें उपलब्ध हैं। यात्री कन्फर्म टिकट लेकर अपनी यात्रा को सुगम बना सकते हैं।

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