Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    फर्जी IAS गौरव कुमार पर नया मुकदमा, जमीन दिलाने के नाम पर 4.50 लाख की ठगी

    Updated: Fri, 06 Feb 2026 07:13 AM (IST)

    गोरखपुर पुलिस ने फर्जी आईएएस गौरव कुमार उर्फ ललित पर एक और मुकदमा दर्ज किया है। उसने भटहट के किसान ब्रह्मा सिंह से जमीन दिलाने के नाम पर 4.50 लाख रुपय ...और पढ़ें

    गुलरिहा पुलिस ने की कार्रवाई, भटहट के किसान ने दी थी तहरीर। सांकेतिक तस्वीर

    गुलरिहा पुलिस ने की कार्रवाई, भटहट के किसान ने दी थी तहरीर। सांकेतिक तस्वीर

    HighLights

    1. फर्जी आईएएस पर जमीन दिलाने के नाम पर नया मुकदमा।

    2. किसान से 4.50 लाख रुपये की ठगी का आरोप।

    3. यूपी, बिहार, एमपी में करोड़ों की ठगी कर चुका है।

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। फर्जी आइएएस पर पुलिस ने एक और मुकदमा दर्ज किया। इसने भटहट के एक किसान को जमीन दिलाने के लिए 4.50 लाख रुपये लिए थे। गिरफ्तार होने के बाद पीड़ित किसान को इसके फर्जीवाड़े की जानकारी हुई। एसपी सिटी के निर्देश पर गुलरिहा पुलिस ने आरोपित गौरव कुमार उर्फ ललित और उसकी पत्नी पूजा समेत छह लोगों पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    भटहट निवासी ब्रह्मा सिंह ने बताया कि गौरव कुमार मेडिकल कालेज के पास किराए के कमरे में रहता था। खुद को 2022 बैच का आइएएस अधिकारी बताता था। 27 जून 2025 को उनकी मुलाकात गोरखनाथ क्षेत्र के लच्छीपुर संतोष नगर निवासी परमानंद गुप्ता और बिहार के सीमागढ़ी, रिगा निवासी अभिषेक गुप्ता से हुई।

    दोनों ने खुद को आइएएस अधिकारी का पीएस बताते हुए उनसे संपर्क किया। फुलवरिया व नाहरपुर क्षेत्र में जमीन दिलाने का लालच दिया। दावा किया कि उनके साहब गौरव कुमार सिंह आइएएस हैं, जिनकी प्रशासनिक पहुंच काफी मजबूत है। वह लोगों को सरकारी टेंडर व जमीन से जुड़े काम आसानी से दिला देते हैं। उनकी बातों में आकर ब्रह्म सिंह ने 20 अगस्त से सात अक्तूबर 2025 के बीच अलग-अलग तिथियों में कुल 4.50 लाख रुपये आरोपितों के खातों में दे दिए।

    इसी दौरान उन्हें पता चला कि गौरव कुमार फर्जी आइएएस है, उसका असली नाम ललित किशोर है। वह फर्जी आइएएस बनकर लोगों से ठगी कर रहा है। पीड़ित ने तहरीर में आरोप लगाया कि परमानंद गुप्ता, अभिषेक कुमार, रामनयन गुप्ता, परमानंद की बेटी संयोगिता गुप्ता और फर्जी आइएएस की पत्नी पूजा सिंह ने मिलकर फर्जी दस्तावेज और फर्जी आईएएस पहचान पत्र का इस्तेमाल कर उनसे रुपये हड़प लिए।

    जब उन्होंने दिए गए रुपये वापस मांगे तो आरोपितो ने इनकार कर दिया। गुलरिहा थानाध्यक्ष इत्यानंद पांडेय ने बताया कि जमीन से संबंधित शिकायत पर जांच कराई गई थी। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में आरोप सही पाए जाने पर मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें जो आरोपित जेल से बाहर है उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।

    यह भी पढ़ें- गोरखपुर में दुकानों पर बिक रहे चाइनीज मांझे, अधिवक्ता का काट दिया था गला

    यूपी, बिहार और एमपी के लोगों से कर चुका है ठगी
    पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गौरव कुमार ने इस पहचान का सहारा लेकर यूपी, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश में कई लोगों से ठगी कर चुका है। गुलरिहा थाना पुलिस ने बिहार के सीतामढ़ी जिले में रहने वाले गौरव कुमार उर्फ ललित को 10 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार किया था।

    खबरें और भी

    वह खुद को आइएएस अधिकारी बताता था। ठगी के रुपये से उसने बाउंसर के रूप में सुरक्षा कर्मी रखा था, इसके अलावा वह इनोवा गाड़ी से चलता था। उसकी गाड़ी के आगे और पीछे स्कोर्ट के रूप में दो और वाहन चलते थे। जिसमें पीएस और बाउंसर बैठते थे।

    इसी पहचान के सहारे उसने यूपी, बिहार, एमपी के साथ झारखंड में लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की। गोरखपुर आने के बाद पुलिस ने उसका पर्दाफाश किया। पुलिस आरोपित ललित कुमार, उसके साले अभिषेक कुमार और सहयोगी परमानंद गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।