ठगी के मास्टर माइंड कशीफ से जेल में लिए गए हस्ताक्षर के नमूने, फैशन TV की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर बनाया शिकार
फैशन टीवी फ्रेंचाइजी ठगी के मास्टरमाइंड कशीफ खान का पुलिस ने जेल में हस्ताक्षर नमूना लिया है। यह नमूना फर्जी एग्रीमेंट पर किए गए हस्ताक्षरों से मिलान ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
कशीफ खान के हस्ताक्षर नमूने जेल में लिए गए।
नमूने फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं।
पुलिस एक हफ्ते में चार्जशीट दाखिल करेगी।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। फैशन टीवी की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी के मास्टर माइंड कशीफ खान उर्फ कशीफ सरदार हाशिम खान मलिक के हस्ताक्षर का नमूना लिया गया। जांच के क्रम में जेल पहुंची पुलिस ने आरोपित का नमूना लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है।
रिपोर्ट आने के बाद पुलिस फर्जी एग्रीमेंट पर किए गए हस्ताक्षरों से मिलान कराएगी। इसके बाद पुलिस आरोपित और उसके साथियों के विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करेगी। पुलिस का दावा है कि यह सभी कार्रवाई एक हफ्ते में पूरी कर ली जाएगी।
फैशन टीवी के मामले जांच कर रही पुलिस को पता चला है कि मुंबई के सांताक्रूज क्षेत्र निवासी काशीफ खान ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस ठगी को अंजाम दिया, उसके साथ इस गिरोह में कृष्णा कुमारी और नवीन आहूजा उर्फ नवीन समेत अन्य लोग भी शामिल हैं।
आरोप है कि इन लोगों ने फैशन टीवी की फ्रेंचाइजी दिलाने का झांसा देकर कई निवेशकों से करोड़ों रुपये लिए। निवेशकों को भरोसा दिलाने के लिए आरोपितो ने 39 पन्नों का फर्जी एग्रीमेंट तैयार किया था। इस एग्रीमेंट पर निवेशकों से हस्ताक्षर कराए गए, ताकि सौदे को वैध दिखाया जा सके।
जबकि जांच के दौरान यह सामने आया है कि इन दस्तावेजों में कई गंभीर अनियमितताएं थीं। जालसाजों ने असली कंपनी के बजाय किसी अन्य फर्म के स्टांप पेपर का इस्तेमाल किया था। इतना ही नहीं, कंपनी की ओर से भरे जाने वाले पृष्ठ को पूरी तरह खाली छोड़ दिया गया था, जिसमें न तो किसी अधिकृत अधिकारी का नाम था और न ही हस्ताक्षर। मंत्रालय कार्पोरेट मामलों (एमसीए) के रिकार्ड की जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि काशीफ खान को फैशन टीवी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में कभी निदेशक के पद पर नियुक्त नहीं किया गया था, उसके नाम से किसी भी प्रकार की निदेशक नियुक्ति फाइलिंग दर्ज नहीं है, जिससे यह साबित होता है कि उसने झूठी पहचान के आधार पर लोगों को गुमराह किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच की रफ्तार बढ़ा दी है। एक सप्ताह के भीतर आरोपितों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए सभी जरूरी साक्ष्य और दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं, ताकि कोर्ट में मजबूत तरीके से पक्ष रखा जा सके।
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एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया कि हस्ताक्षर के नमूनों को फोरेंसिक लैब भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि एग्रीमेंट पर किए गए हस्ताक्षर असली हैं या फर्जी। इसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करते हुए आरोपितों के विरुद्ध ठोस साक्ष्यों के साथ चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
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12 में 10 मामले में मिल चुकी है जमानत
खुद को फैशन टीवी इंडिया व अंतरराष्ट्रीय कंपनियों का प्रबंध निदेशक बताने वाला काशीफ खान देशभर में ठगी के कई मामलों में घिरा है। उसके विरुद्ध लखनऊ, मुंबई, जयपुर, पटियाला, बड़ोदरा, उदयपुर, ग्वालियर, पणजी और गोरखपुर समेत विभिन्न शहरों में फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी सहित गंभीर धाराओं में कुल 12 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार लखनऊ और गोरखपुर में दर्ज मामलों में आरोपित को जमानत नहीं मिल सकी है, जबकि अन्य राज्यों में वह या तो जमानत हासिल कर चुका है या गिरफ्तारी पर रोक का आदेश ले आया है।
संतकबीरनगर के जनप्रतिधि से भी हुई ठगी
फैशन टीवी फ्रेंचाइजी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह ने सहजनवा के अलावा संतकबीरनगर जिले के एक जनप्रतिनिधि को भी अपने जाल में फंसाया है। आरोप है कि आरोपितो ने उनसे दो करोड़ रुपये से अधिक की रकम हड़प ली। उन्हें मुंबई बुलाकर फर्जी एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर भी कराए गए।
इस मामले में पुलिस पहले ही मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाले वैभव मणि त्रिपाठी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। रामगढ़ताल थाना पुलिस अब मुंबई जाकर कंपनी से जुड़े दस्तावेज, फ्रेंचाइजी अधिकार और एग्रीमेंट की जांच करेगी। साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है।