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गोरखपुर-बस्ती मंडल में हर थाने पर पैरवी अधिकारी, पुलिस की कोर्ट में पैरवी होगी मजबूत

Published: Wed, 08 Apr 2026 02:36 PM (IST)

गोरखपुर जोन में पुलिस अब मुकदमों की प्रभावी पैरवी के लिए नई रणनीति अपना रही है। एडीजी जोन मुथा अशोक ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

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HighLights

  1. हर थाने पर 'पैरवी अधिकारी' नियुक्त होंगे।

  2. न्यायालय में लंबित मुकदमों की निगरानी करेंगे।

  3. गवाहों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित होगी।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। अपराधियों को सजा दिलाने की प्रक्रिया को तेज और प्रभावी बनाने के लिए पुलिस महकमा अब नई रणनीति पर काम कर रहा है। गाेरखपुर जोन के हर थाने पर पैरवी अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे, जो न्यायालय में लंबित मुकदमों की मजबूत पैरवी सुनिश्चित करेंगे। इस संबंध में एडीजी जोन मुथा अशोक जैन ने सभी जिलों के पुलिस कप्तानों को निर्देश जारी कर व्यवस्था लागू करने को कहा है।

नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक थाने पर अतिरिक्त निरीक्षक या वरिष्ठ उपनिरीक्षक को पैरवी अधिकारी बनाया जाएगा। यह अधिकारी थाने के पैरोकारों की रोजाना मानिटरिंग करेंगे और न्यायालय में लंबित मुकदमों की स्थिति पर नजर रखेंगे। पैरवी अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि किस मुकदमे में कितने गवाहों की गवाही हो चुकी है, कितने गवाह शेष हैं, अगली तारीख कब है और कौन से गवाह पक्ष में या पक्षद्रोही हैं।

आपरेशन कन्विक्शन के तहत पहले से ही प्रत्येक जिले में मानिटरिंग सेल का गठन किया गया है। थानों के पैरोकार इस सेल से प्राप्त रजिस्टर में मुकदमों की पूरी जानकारी दर्ज करते हैं, लेकिन पर्यवेक्षण के अभाव में कई मामलों में गवाह समय पर पेश नहीं हो पाते, जिससे मुकदमे लंबित रह जाते हैं।

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अब पैरवी अधिकारी इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे और हर माह समीक्षा कर रजिस्टर में मुआयना भी दर्ज करेंगे।पैरवी अधिकारी की जिम्मेदारी होगी कि गवाहों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए, वारंट की तामील समय से हो और मुकदमों में अनावश्यक देरी न हो।

इसके अलावा विवेचक से समन्वय बनाकर अभियुक्तों का आपराधिक रिकार्ड न्यायालय में पेश किया जाएगा, ताकि जमानत का सशक्त विरोध किया जा सके। विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) से लंबित रिपोर्ट जल्द मंगाने के लिए भी पुलिस कप्तान के माध्यम से पत्राचार करेंगे। वहीं, जमानतदारों का सत्यापन कराकर आवश्यकतानुसार उन्हें न्यायालय से निरस्त कराने की प्रक्रिया भी सुनिश्चित करेंगे।

न्यायालय में प्रभावी पैरवी और समय पर गवाही सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। पैरवी अधिकारी की नियुक्ति से मुकदमों की मानिटरिंग मजबूत होगी और अपराधियों को सजा दिलाने की प्रक्रिया तेज होगी।

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- मुथा अशोक जैन,एडीजी जोन-गोरखपुर