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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 26, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Amarmani Tripathi: पूर्व मंत्री अमरमणि व मधुमणि जेल से रिहा, मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में पाए थे आजीवन कारावास

    By Jagran NewsEdited By: Pragati Chand
    Updated: Sat, 26 Aug 2023 07:21 AM (IST)

    Amarmani Tripathi मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में पूर्व मंत्री अमरमणि व उनकी पत्नी मधुमणि को राहत मिल गई है। आजीवन कारावास की सजा काट रहे पूर्व मंत्री व ...और पढ़ें

    पूर्व मंत्री अमरमणि व मधुमणि जेल से रिहा। सौ. इंटरनेट मीडिया
    पूर्व मंत्री अमरमणि व मधुमणि जेल से रिहा। सौ. इंटरनेट मीडिया

    गोरखपुर, जागरण संवाददाता। पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी व उनकी पत्नी मधुमणि शुक्रवार की शाम 19 वर्ष बाद जेल से रिहा हुए। जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश ने 25-25 लाख रुपये का निजी मुचलका व इतनी ही रकम के दो-दो जमानत लेने के बाद दोपहर में रिहाई का आदेश दिया। इसके बाद कुछ ही घंटों में सभी प्रक्रिया पूरी कर ली गई। शाम 7:30 बजे जेलर अरुण कुशवाहा रिहाई का परवाना लेकर बीआरडी मेडिकल कालेज पहुंचे। प्राइवेट वार्ड में भर्ती अमरमणि व मधुमणि का रजिस्टर पर हस्ताक्षर कराकर उन्हें अपनी अभिरक्षा से मुक्त कर स्वजन को सिपुर्द कर दिया। डाक्टर के डिस्चार्ज करने तक पूर्व मंत्री व उनकी पत्नी मेडिकल कालेज में ही रहेंगे।

    यह है मामला

    कवयित्री मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में उत्तराखंड की अदालत से आजीवन कारावास की सजा पाए पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी व उनकी पत्नी मधुमणि पहले हरिद्वार जेल में थे। चार दिसंबर, 2008 को हरिद्वार जेल से पहले मधुमणि गोरखपुर जेल स्थानांतरित होकर आईं, उसके बाद 13 मार्च, 2012 को अमरमणि पहुंचे थे। तबीयत खराब होने की शिकायत पर 27 फरवरी, 2013 को अमरमणि को बीआरडी मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया। कुछ दिन बाद ही 13 मार्च, 2013 को मधुमणि भी बीआरडी मेडिकल कालेज पहुंच गईं। तब से पति-पत्नी मेडिकल कालेज के मानसिक रोग विभाग में उपचार करा रहे हैं। यहां मानसिक रोग विशेषज्ञ डा. तपस कुमार आइच की देखरेख में पूर्व मंत्री व उनकी पत्नी का उपचार चल रहा है।

    इस वजह से माफ हुई सजा

    जेल में बिताई गई सजा की अवधि, आयु और अच्छे आचरण के आधार पर राज्यपाल ने बाकी बची हुई सजा को माफ किया है। इसके अनुपालन में गुरुवार को शासन ने जिलाधिकारी को आदेश दिया था कि मुचलका भरवाकर और जमानत लेकर अमरमणि व मधुमणि को रिहा कर दें। इसी क्रम में शुक्रवार को जिलाधिकारी ने औपचारिकता पूरी कराने के बाद दोपहर में रिहाई का आदेश दिया, जिसे लेकर शाम को जेलर व डिप्टी जेलर बीआरडी मेडिकल कालेज पहुंचे। वार्ड में भर्ती अमरमणि व मधुमणि से रजिस्टर पर हस्ताक्षर कराने के बाद रिहाई की प्रक्रिया पूरी कर उन्हें स्वजन के सिपुर्द कर दिया।

    क्या कहते हैं जेल अधीक्षक

    जेल अधीक्षक दिलीप पांडेय ने बताया कि रिहाई का आदेश मिलने के बाद शुक्रवार की शाम पूर्व मंत्री अमरमणि व उनकी पत्नी मधुमणि को रिहा कर दिया गया। दोनों बीआरडी मेडिकल कालेज में भर्ती हैं, जेलर ने वहीं पर रिहाई की प्रक्रिया पूरी कराई।

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