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    गोरखपुर में छूट पर 200 संपत्तियों की बिक्री को नई रफ्तार, GDA जल्द खोलेगा पंजीकरण

    Updated: Thu, 09 Jul 2026 03:42 PM (IST)

    गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) 225 करोड़ रुपये से अधिक की 200 से ज्यादा आवासीय व व्यावसायिक संपत्तियों की बिक्री के लिए नई दरें और छूट लागू करेगा। जल ...और पढ़ें

    तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

    तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

    HighLights

    1. जीडीए 200 से अधिक आवासीय व व्यावसायिक संपत्तियों पर छूट देगा।

    2. नई 'आदर्श कास्टिंग गाइड लाइन' के तहत ऑनलाइन पंजीकरण जल्द।

    3. एकमुश्त भुगतान व थोक खरीद पर अतिरिक्त रियायतें मिलेंगी।

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने वर्षों से खरीदारों का इंतजार कर रही आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों के निस्तारण की दिशा में प्रयास तेज कर दिए हैं। 'आदर्श कास्टिंग गाइड लाइन (मूलभूत सिद्धांत-2025)' लागू होने के बाद प्राधिकरण ने ऐसी अलोकप्रिय संपत्तियों की नई दरें लगभग अंतिम रूप दे दी हैं।

    अब इसी महीने इनके लिए आनलाइन पंजीकरण और आवंटन प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इससे 225 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की रेडी-टू-मूव संपत्तियों की बिक्री का रास्ता साफ होने की उम्मीद है।

    नई व्यवस्था के तहत खरीदारों को आकर्षित करने के लिए छूट और भुगतान संबंधी कई रियायतें दी जाएंगी। अलोकप्रिय घोषित संपत्तियों पर अधिकतम 25 प्रतिशत तक की छूट का प्रविधान किया गया है। हालांकि यह छूट संपत्ति की प्रारंभिक विज्ञापित कीमत से कम नहीं होगी। इसके अलावा जो आवंटी निर्धारित अवधि में एकमुश्त भुगतान करेंगे, उन्हें 45 से 90 दिनों के भीतर भुगतान करने पर चार से छह प्रतिशत तक अतिरिक्त छूट भी मिलेगी।

    प्राधिकरण ने संस्थागत और बड़े निवेशकों को ध्यान में रखते हुए थोक खरीद पर भी विशेष प्रविधान किया है। यदि कोई खरीदार 10 से 50 अथवा उससे अधिक यूनिट एक साथ खरीदता है तो उसे पांच से 15 प्रतिशत तक अतिरिक्त छूट देने की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों का मानना है कि इससे लंबे समय से खाली पड़ी व्यावसायिक और आवासीय परियोजनाओं में निवेश बढ़ेगा।

    वर्तमान में जीडीए के पास 225 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की 200 से ज्यादा रेडी-टू-मूव आवासीय और व्यावसायिक इकाइयां अनिस्तारित हैं। इनमें रामगढ़ताल क्षेत्र स्थित लोहिया एन्क्लेव के करीब 45 फ्लैट सबसे अधिक संख्या में खाली हैं। इसके अलावा वसुंधरा आवासीय योजना के सात फ्लैट भी अब तक आवंटित नहीं हो सके हैं। यहां फ्लैटों की संख्या और अधिक है लेकिन, प्राधिकरण के ही अधिकारियों, कर्मचारियों को इसे उपलब्ध कराया गया है।

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    गोरखपुर विकास प्राधिकरण। जागरण


     

    शहर के प्रमुख व्यावसायिक परिसरों में शामिल गोलघर स्थित बहुमंजिला जीडीए टावर भी लंबे समय से खरीदारों का इंतजार कर रहा है। यहां बनी दुकानें, फूड कोर्ट, रेस्टोरेंट और कार्यालय ब्लाक वर्षों से खाली हैं। विशेष रूप से भवन के तीन तल पर बने कार्यालय अब तक आवंटित नहीं हो पाए हैं।

    इसी तरह देवरिया बाईपास स्थित बुद्धा मिनी मार्ट, बुद्ध विहार पार्ट-ए और पार्ट-बी के शापिंग सेंटर, वैशाली आवासीय योजना, राप्तीनगर के विभिन्न चरणों, सिद्धार्थपुरम शापिंग सेंटर, विकास नगर तथा नवीन ट्रांसपोर्टनगर की कई दुकानें और व्यावसायिक इकाइयां भी लंबे समय से खाली पड़ी हैं।

    जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने बताया कि नई कास्टिंग गाइड लाइन को प्राधिकरण बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी है और संशोधित दरें भी लगभग तय हो चुकी हैं। जल्द ही आनलाइन पंजीकरण और आवंटन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

    उन्होंने कहा कि केवल कीमतों में राहत ही नहीं दी जाएगी, बल्कि जिन परियोजनाओं में खरीदारों की रुचि कम रही है, वहां क्लब हाउस, सामुदायिक सुविधाओं और अन्य बुनियादी ढांचे को भी बेहतर बनाया जाएगा, ताकि इन संपत्तियों का आकर्षण बढ़ सके।

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    भूखंडों पर छूट को लेकर शासन से मांगा मार्गदर्शन
    फिलहाल जीडीए नई नीति के तहत फ्लैट, दुकान और अन्य निर्मित व्यावसायिक संपत्तियों की बिक्री रियायती दरों पर शुरू करेगा। विभिन्न आवासीय और व्यावसायिक योजनाओं में खाली पड़े भूखंडों पर भी छूट लागू की जाए या नहीं, इसे लेकर प्राधिकरण ने शासन से मार्गदर्शन मांगा है। शासन की अनुमति मिलने के बाद ही भूखंडों की नई दरें तय कर उनकी बिक्री की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।