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    गोरखपुर में होली तक GDA के घर-प्लाट होंगे सस्ते, LIG-EWS को मिलेगी बड़ी राहत

    Updated: Thu, 05 Feb 2026 09:51 AM (IST)

    गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) की आदर्श कास्टिंग गाइडलाइंस-2025 जल्द लागू होगी। इससे प्राधिकरण के प्लाट और फ्लैट सस्ते हो जाएंगे, खासकर EWS और LIG वर्ग ...और पढ़ें

    तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

    तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

    HighLights

    1. GDA की नई गाइडलाइंस से प्लाट-फ्लैट सस्ते होंगे।

    2. EWS और LIG वर्ग को अतिरिक्त शुल्क में छूट।

    3. अलोकप्रिय संपत्तियों की कीमतों में 20-25% की कमी।

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) शासन की ओर से जारी आदर्श कास्टिंग गाइडलाइंस-2025 को इस माह के आखिरी तक मंजूरी मिल जाने की उम्मीद है। इसे लेकर प्राधिकरण ने तैयारियां तेज कर दी हैं। दरों का निर्धारण आखिरी चरण में है।

    नई गाइडलाइंस लागू होते ही प्राधिकरण की नई आवासीय योजनाओं में बनने वाले प्लाट और फ्लैट पहले की तुलना में काफी सस्ते हो जाएंगे। इसके साथ ही वर्षों से न बिक पा रही अलोकप्रिय संपत्तियों की बिक्री का रास्ता भी खुल जाएगा। इन संपत्तियों की दरों में 20 से 25 प्रतिशत तक कमी की जाएगी और नए सिरे से इनका विज्ञापन निकालकर प्राधिकरण इन्हें आवंटित करेगा।

    जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्धन के अनुसार, इस महीने के अंत तक प्राधिकरण बोर्ड की बैठक बुलाकर नई गाइडलाइंस को स्वीकृति दे दी जाएगी। पूरी तैयारी है कि मार्च के पहले सप्ताह से नई दरों के आधार पर नई योजनाओं के प्लाट, फ्लैट और अलोकप्रिय संपत्तियों की बिक्री शुरू कर दी जाए। हालांकि यह राहत केवल नई योजनाओं और अलोकप्रिय संपत्तियों तक सीमित रहेगी, पुरानी आवासीय योजनाओं की दरों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

    नई नीति के तहत चार से पांच बार विज्ञापन जारी करने के बाद भी जो संपत्तियां नहीं बिक सकी हैं, उन्हें ‘अलोकप्रिय संपत्ति’ की श्रेणी में रखा जाएगा। ऐसी संपत्तियों की कीमतों में 20 से 25 प्रतिशत तक की सीधी कटौती की जाएगी।

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    शासनादेश के अनुसार अब किसी भी संपत्ति की अंतिम कीमत आवंटन की तिथि पर वास्तविक लागत के आधार पर तय होगी। यदि किसी योजना में अनुमानित लागत पर आवंटन किया गया है और बाद में निर्माण पूरा होने पर वास्तविक लागत अधिक निकलती है, तो उसका अंतर आवंटी से लिया जाएगा। लेकिन, यदि वास्तविक लागत सूचित मूल्य से 10 प्रतिशत से अधिक बढ़ जाती है, तो आवंटी को संपत्ति न लेने और जमा धनराशि स्टेट बैंक की एमसीएलआर दर पर साधारण ब्याज सहित वापस लेने का विकल्प मिलेगा।

    नई गाइडलाइंस में सबसे बड़ा बदलाव अतिरिक्त चार्ज को लेकर किया गया है। अब तक नई आवासीय योजनाओं में कंटीन्जेंसी और ओवरहेड चार्ज के नाम पर कुल 30 प्रतिशत तक अतिरिक्त राशि जोड़ दी जाती थी। नई व्यवस्था में इसे घटाकर अधिकतम 16 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे ईडब्ल्यूएस और एलआईजी वर्ग को सबसे अधिक फायदा होगा।

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    पहले इन वर्गों पर 27 प्रतिशत तक अतिरिक्त चार्ज लगता था, जिसे अब ईडब्ल्यूएस के लिए 14 प्रतिशत और एलआईजी के लिए 15 प्रतिशत तय किया गया है। इसके अलावा किस्त समय पर न जमा करने पर लगने वाला पेनल इंटरेस्ट 3 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है और किस्तों पर ब्याज दर भी कम की गई है।

    सशस्त्र सेनाओं के जवानों को भी विशेष राहत दी गई है। फ्लैट पर 60 दिन में पूरा भुगतान करने पर 20 प्रतिशत, 61 से 90 दिन में 15 प्रतिशत और 91 से 120 दिन में भुगतान करने पर 10 प्रतिशत की छूट मिलेगी। वहीं पार्क फेसिंग, कार्नर और चौड़ी सड़क वाले प्लाट पर लगने वाला अतिरिक्त शुल्क भी घटा दिया गया है।

    भूमि दर बढ़ोतरी के नियम भी स्पष्ट किए गए हैं। जिन योजनाओं में विकास कार्य अधूरे हैं, वहां भूमि दर में हर साल वृद्धि की जाएगी। जबकि पूरी तरह विकसित या नगर निगम को हस्तांतरित योजनाओं में भूमि की दर सर्किल रेट के बराबर रखी जाएगी। विशेष परिस्थितियों में बोर्ड को दरें तय करने का अधिकार होगा, लेकिन इसके लिए ठोस कारण दर्ज करना अनिवार्य होगा। नई गाइडलाइंस लागू होते ही 1999 और 2009 के पुराने शासनादेश स्वतः निरस्त हो जाएंगे।


    आदर्श कास्टिंग गाइडलाइंस–2025 काे लागू करने को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। दरों का निर्धारण किया जा रहा है। इसी महीने इसे स्वीकृति दिलाने और लागू करने की योजना है। नई गाइडलाइंस से आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और अलोकप्रिय संपत्तियों की बिक्री की भी राह खुलेगी।

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    - आनंद वर्द्धन, उपाध्यक्ष जीडीए