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    गोरखपुर में गुलरिहा थाना से चिलुआताल तक 125.80 करोड़ से बनेगा नाला, शहर को मिलेगी जल भराव से राहत

    Updated: Thu, 01 Jan 2026 11:56 PM (GMT+05:30)

    नगर निगम ने शहर के जलभराव की समस्या दूर करने के लिए गुलरिहा थाना से चिलुआताल तक 12.353 किलोमीटर लंबे नाले का निर्माण करने का निर्णय लिया है। इस परियोज ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। नगर निगम ने शहर की जलभराव समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। गुलरिहा थाना से चिलुआताल तक 12.353 किलोमीटर लंबे नाले का निर्माण किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 125.80 करोड़ रुपये की लागत आएगी, जिसे शासन से मंजूरी मिल चुकी है। नाले के निर्माण से शहर के कई जलभराव प्रभावित क्षेत्रों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इस परियोजना से तीन वार्डों की लगभग 40 हजार आबादी को सीधा लाभ मिलेगा।

    यह नाला गुलरिहा थाना क्षेत्र के कंचनपुर चौराहे से प्रारंभ होकर गुलरिहा थाना, पुरैना, बनजरहा पुलिया एवं मिर्जापुर चौराहा होते हुए चिलुआताल के पास जाकर समाप्त होगा। इस परियोजना के अंतर्गत 125.80 करोड़ रुपये की लागत से नाले का निर्माण किया जाएगा, जिससे वर्षा के दौरान होने वाली जलभराव की समस्या का प्रभावी समाधान किया जा सकेगा। नाले के निर्माण से लगभग 2221.83 हेक्टेयर कैचमेंट क्षेत्र के पानी की सुचारू निकासी सुनिश्चित होगी।

    खत्म हो जाएगी समस्या

    नाले के निर्माण से जंगल पकड़ी, चारगांवा, गोरखनाथ खाद कारखाना कॉलोनी, झुंगिया सहित आसपास के क्षेत्रों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इसके अतिरिक्त वार्ड संख्या 30 गुलरिहा, वार्ड संख्या 5 मानबेला तथा वार्ड संख्या 54 उर्वरक नगर में हर वर्ष बरसात के दौरान होने वाला जलभराव समाप्त हो जाएगा।

    ये क्षेत्र लंबे समय से जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं, जिसके कारण सामान्य जनजीवन के साथ-साथ यातायात भी प्रभावित होता रहा है। यह नाला न केवल जलभराव की समस्या से राहत दिलाएगा, बल्कि शहर की समग्र ड्रेनेज व्यवस्था को भी सुदृढ़ करेगा। इससे स्थानीय नागरिकों को प्रत्येक वर्ष बरसात के मौसम में होने वाली परेशानियों से मुक्ति मिलेगी और शहरी बुनियादी ढांचे में उल्लेखनीय सुधार होगा।

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    इस परियोजना को लेकर मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नाला निर्माण के लिए आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) शीघ्र जारी किए जाएं, ताकि कार्य में किसी प्रकार की देरी न हो। प्रशासन की मंशा है कि बारिश से पूर्व अधिक से अधिक कार्य पूर्ण करा लिया जाए।

    करीब 12 किलोमीटर लंबे नाले के निर्माण को शासन से स्वीकृति मिल चुकी है और अब संबंधित विभागों से एनओसी लेने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। सभी औपचारिकताएं पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
    अमित कुमार शर्मा, मुख्य अभियंता, नगर निगम

    परियोजना से संबंधित प्रमुख तथ्य
    विवरण आंकड़े
    लागत 125.80 करोड़ रुपये
    नाले की लंबाई 12.353 किलोमीटर
    लाभान्वित होने वाले वार्ड गुलरिहा, मानबेला और उर्वरक नगर
    लाभान्वित होने वाली आबादी 40 हजार
    जंगल पकड़ी कैचमेंट एरिया 129.68 हेक्टेयर
    चरगावां और गोरखनाथ कैचमेंट एरिया 1286.04 हेक्टेयर
    खाद कारखाना कालोनी जलभराव क्षेत्र 115.64 हेक्टेयर
    नालों के पानी का विस्तार क्षेत्र 28.92 हेक्टेयर
    नारायणपुर जलभराव क्षेत्र 121.90 हेक्टेयर
    बांगी जलभराव क्षेत्र 220.38 हेक्टेयर
    झुंगिया जलभराव क्षेत्र 175.33 हेक्टेयर