Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    गोरखपुर में पशु तस्करी से अर्जित 2.60 करोड़ की अवैध संपत्ति कुर्क, महुआचाफी कांड में भी सामने आई थी गिरोह की भूमिका

    Updated: Fri, 13 Feb 2026 08:15 AM (IST)

    गोरखपुर पुलिस ने पशु तस्करी से अवैध संपत्ति अर्जित करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों की 2.60 करोड़ रुपये की तीन संपत्तियां कुर्क की हैं। पिपराइच के हरसेव ...और पढ़ें

    गैंग्स्टर के आरोपित पशु तस्कर के मकान को कुर्क करते नायब तहसीलदार व पुलिस की टीम। जागरण

    गैंग्स्टर के आरोपित पशु तस्कर के मकान को कुर्क करते नायब तहसीलदार व पुलिस की टीम। जागरण

    HighLights

    1. पशु तस्करी से अर्जित 2.60 करोड़ की संपत्ति कुर्क।

    2. गैंग लीडर अनूप यादव सहित तीन सदस्यों पर कार्रवाई।

    3. बिहार नेटवर्क से जुड़े तस्करों की संपत्तियां जब्त।

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। पशु तस्करी के जरिए अवैध संपत्ति अर्जित करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों की 2.60 करोड़ रुपये कीमत की तीन संपत्ति कुर्क की है। पिपराइच के हरसेवकपुर गांव में रहने वाले गिरोह के सदस्यों ने अपराध से अर्जित कमाई के जरिए यह संपत्ति बनाई थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिन तस्करों कार्रवाई हुई है वह बिहार में सक्रिय नेटवर्क से जुड़े हैं। पिपराइच के महुआचाफी कांड में भी इनकी भूमिका सामने आई थी।

    एम्स और गुलरिहा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने नायब तहसीलदार सदर गोरखपुर व राजस्व टीम की मौजूदगी में हरसेवकपुर नं. 2 टोला दहला स्थित तीन मकानों को जब्त किया। यह संपत्ति गैंग लीडर अनूप यादव, गैंग सदस्य सतीश यादव और शोलू यादव उर्फ सोनू यादव उर्फ विरेन्द्र यादव के नाम पर निर्मित बताई गई है। पुलिस के अनुसार ये संपत्तियां पशु तस्करी से अर्जित अवैध कमाई से बनाई गई थीं।

    जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह गोरखपुर के अलावा बिहार के तस्करों से जुड़ा है। 15 सितंबर 2025 को महुआचाफी कांड में भी इनकी भूमिका थी। कुर्क की गई संपत्तियों में गैंग लीडर अनूप यादव का करीब 60 लाख रुपये मूल्य का मकान शामिल है, जबकि सतीश यादव और शोलू यादव के नाम पर बने दो मकानों की अनुमानित कीमत एक-एक करोड़ रुपये आंकी गई है।

    यह भी पढ़ें- गोरखपुर प्रिया हत्याकांड में बेटे रुद्र का लिया गया DNA सैंपल, 30 जनवरी को मिला था शव,

    एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि गैंग्सटर एक्ट के मुकदमे की विवेचना में स्पष्ट हुआ कि आरोपितों ने अपराध से अर्जित धन से मकान बनवाया है। बिहार कनेक्शन और अन्य जिलों में फैले संपर्कों की जांच की जा रही है।

    खबरें और भी